Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • दोहरा चरित्र | Dohra Charitra
    शेरो-शायरी

    दोहरा चरित्र | Dohra Charitra

    ByAdmin November 23, 2023November 23, 2023

    दोहरा चरित्र ( Dohra charitra )   दोहरा चरित्र अपनाता है चीन, बाहरी लोगों को सताता है चीन। है खोट नीयत उसकी विस्तारवादी, दादागिरी अपनी दिखाता है चीन। मारती है लात उसकी इज्जत को दुनिया, चेहरे पे चेहरा लगाता है चीन। अम्न का है दुश्मन देखो जहां का, दोगली चाल से न बाज आता है…

    Read More दोहरा चरित्र | Dohra CharitraContinue

  • कार्तिक मास पूर्णिमा | Kartik Maas Purnima
    कविताएँ

    कार्तिक मास पूर्णिमा | Kartik Maas Purnima

    ByAdmin November 23, 2023

    कार्तिक मास पूर्णिमा ( Kartik maas purnima )   कार्तिक माह की पूर्णिमा तू चांद बन कर आ, ख़ुशी की रोशनी दे हमें उजाला बनकर आ। स्नान व दान करने से मिलती है बहुत अनुभूति, इस पावन अवसर पर्व पर पूर्णिमा तेरी ही प्रतिति। होती पूजा इस मौके पर इस दिन भगवान विष्णु की, प्रलय…

    Read More कार्तिक मास पूर्णिमा | Kartik Maas PurnimaContinue

  • Aaya Budhapa
    कविताएँ

    आया बुढ़ापा ले मनमानी | Aaya Budhapa

    ByAdmin November 23, 2023

    आया बुढ़ापा ले मनमानी ( Aaya budhapa le manmani )    बचपन बीता गई जवानी आया बुढ़ापा ले मनमानी। ना रही वो चुस्ती फुर्ती सारी बीती बातें हुई कहानी। मंद पड़ी नैनों की ज्योति श्वेत केश जर्जर हुई काया। बच्चे बड़े हुए पढ़ लिखके सबको घेर चुकी है माया। अकेले अकेले कोने में बैठा काशीराम…

    Read More आया बुढ़ापा ले मनमानी | Aaya BudhapaContinue

  • Swarn Mandir
    कविताएँ

    स्वर्ण मंदिर है गुरु का द्वार | Swarn Mandir

    ByAdmin November 23, 2023

    स्वर्ण मंदिर है गुरु का द्वार ( Swarn mandir hai guru ka dwar )    जिसको सारा विश्व जानता स्वर्ण मंदिर के नाम, श्री हरिमन्दिर श्री दरबार साहिब इसी का नाम। सिक्ख आस्था का है यह सर्वाधिक पवित्र धाम, करोड़ों श्रद्धालु देखने को आते जिसका काम।। सिक्ख धर्म में आध्यात्मिक-प्रतिष्ठित यह स्थान, पवित्र-कुंड के नीर…

    Read More स्वर्ण मंदिर है गुरु का द्वार | Swarn MandirContinue

  • Glaani
    कविताएँ

    ग्लानि | Glaani

    ByAdmin November 23, 2023

    ग्लानि ( Glaani )    दूरी मे बढ़ न जाए और दूरी करें प्रयास खत्म करने का होगा कल का वक्त और ही करें कोशिश आज को बदलने का बढ़ने न दो जख्म को बातों से यादों को नासूर न होने दो कभी उठे न दीवार की गिर ही न पाए कुछ जगह जोड़ की…

    Read More ग्लानि | GlaaniContinue

  • बेवफ़ा ही सब मिले है | Bewafa hi Sab Mile Hai
    ग़ज़ल

    बेवफ़ा ही सब मिले है | Bewafa hi Sab Mile Hai

    ByAdmin November 23, 2023

    बेवफ़ा ही सब मिले है ( Bewafa hi sab mile hai )    है गिला उस दोस्ती से ? दिल भरा नाराज़गी से वो नज़र आया नहीं है आज गुज़रा उस गली से छोड़ दें नाराज़गी सब तू गले लग जा ख़ुशी से ये वफ़ा देती नहीं है मोड़ लें मुंह आशिक़ी से गुल उसे…

    Read More बेवफ़ा ही सब मिले है | Bewafa hi Sab Mile HaiContinue

  • Parinay Jeevan ka Madhumas
    कविताएँ

    परिणय जीवन का मधुमास | Parinay Jeevan ka Madhumas

    ByAdmin November 23, 2023

    परिणय जीवन का मधुमास ( Parinay jeevan ka madhumas )   दिव्य भव्य श्रृंगार बेला, प्रतिपल नेह अनंत वृष्टि । कांतिमय अंग प्रत्यंग , अति आनंद परिपूर्ण सुदृष्टि । उर तरंग चाहत स्पंदन, वंदन अभिनंदन प्रणय उजास । परिणय जीवन का मधुमास ।। मृदुल मधुर अहसास, विमल पुनीत हिय भावना । सरित प्रवाह मंगलता, असीम…

    Read More परिणय जीवन का मधुमास | Parinay Jeevan ka MadhumasContinue

  • Man Vrindavan ho Jaye
    गीत

    मन वृंदावन हो जाए | Man Vrindavan ho Jaye

    ByAdmin November 23, 2023

    मन वृंदावन हो जाए ( Man vrindavan ho jaye )   जब जब बजे बांसुरी मोहन, मन वृंदावन हो जाए। मुरली की धुन पर कान्हा, झूम झूमकर मन गाए। मन वृंदावन हो जाए अधर मुरलिया मुरलीधर, मनमोहन मन को मोहे। सांवरी सूरत तेरी सांवरिया, पीतांबर तन पर सोहे। राधा संग श्याम पधारे, मधुबन महक महक…

    Read More मन वृंदावन हो जाए | Man Vrindavan ho JayeContinue

  • रानी भी भेज दो | Rani Bhi Bhej do
    ग़ज़ल

    रानी भी भेज दो | Rani Bhi Bhej do

    ByAdmin November 22, 2023

    रानी भी भेज दो ( Rani bhi bhej do )    मिसरा दिया है ऊला तो सानी भी भेज दो राजा के वास्ते ख़ुदा रानी भी भेज दो जब जा रहे हो तोड़ के रिश्ता -ऐ-वफ़ा वापिस मुझे हरेक निशानी भी भेज दो कर लूँ तुम्हारे झूठ पे ख़ुश होके मैं यक़ीं इतनी लतीफ़ कोई…

    Read More रानी भी भेज दो | Rani Bhi Bhej doContinue

  • फटे पुराने दिल | Phate Purane Dil
    शेरो-शायरी

    फटे पुराने दिल | Phate Purane Dil

    ByAdmin November 22, 2023

    फटे – पुराने दिल! ( Phate – purane dil )    पलकों से रास्तों का खार हटाया जाए, काँटा बिछानेवाले लोग हैं न। उन उदास चेहरों को हँसाया जाए, दिल दुखानेवाले लोग हैं न। जली,उजड़ी उस बस्ती को बसाया जाए, बस्ती जलानेवाले लोग हैं न। अम्न की लोरियों से चलो दिल बहलाया जाए, जंग की…

    Read More फटे पुराने दिल | Phate Purane DilContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 331 332 333 334 335 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search