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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Diwali Poem Hindi
    कविताएँ

    चलो दिवाली मनाएँ | Diwali Poem Hindi

    ByAdmin November 11, 2023

    चलो दिवाली मनाएँ ! ( Chalo diwali manaye )    राम लौटे फिर से अयोध्या, चलो दिवाली मनाएँ, असत्य पे हुई सत्य की जीत चलो दिवाली मनाएँ। खेत-खलिहान, घर-आंगन में वो फैला उजियारा, फूल-झड़ियाँ घर-घर छूट रही चलो दिवाली मनाएँ। कोई न रहे गैर जहां में सभी से अपना नाता, हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई चलो दिवाली मनाएँ। सबके…

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  • Chhoti Diwali
    कविताएँ

    छोटी दीपावली | Chhoti Dipawali

    ByAdmin November 11, 2023November 11, 2023

    छोटी दीपावली ( Chhoti Dipawali )    सुमंगलता सरित प्रवाह,छोटी दीपावली पर्व पर छोटी दिवाली अद्भुत अनुपम, जनमानस अलौकिकता स्पंदन । रूप,नरक चतुर्दशी अन्य उपमा, सर्वत्र देवत्व स्तुति अभिवंदन । महालक्ष्मी अभिषेक पूर्व बेला, सत्य सौंदर्य शोभना गर्व कर । सुमंगलता सरित प्रवाह, छोटी दीपावली पर्व पर ।। भगवान श्री कृष्ण कर कमल, दैत्यराज नरकासुर…

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  • Laghu Katha Digital Money Order
    कहानियां

    डिजिटल मनी ऑर्डर | Laghu Katha Digital Money Order

    ByAdmin November 11, 2023

    लघु कथा: “डिजिटल मनी ऑर्डर” प्यारे मुन्ना,खुश रहो। आज पेटीएम से तुम्हारे दिए हुए पैसे प्राप्त हुए, बहुत खुशी मिली। लेकिन उससे ज़्यादा खुशी तब मिलती जब तुम फोन पर मुझसे बात कर लेते। 5 दिन से तुम्हें फोन कर रही हूँ। लेकिन तुम मेरा कॉल नहीं उठा रहे हो। मैसेज का भी रिप्लाई नहीं…

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  • Mother Poem in Hindi
    कविताएँ

    Mother Poem in Hindi | तभी तो मां कहलाती हैं

    ByAdmin November 11, 2023May 4, 2025

    तभी तो मां कहलाती हैं ( Tabhi to maa kahlati hai ) खुद का निवाला छोड़, अपने बच्चे की थाली सजाती है। तभी तो मां कहलाती है देख मुस्कान औलाद के चेहरे पर, अपने सब गम भूल जाती है। तभी तो मां कहलाती है परवाह नहीं जमाने की, सिर्फ अपने बच्चों की खैरियत चाहती है।…

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  • Aye Deep Diwali ke
    कविताएँ

    ऐ दीप दिवाली के | Aye Deep Diwali ke

    ByAdmin November 11, 2023November 12, 2023

    ऐ दीप दिवाली के ( Aye deep diwali ke )   ऐ दीप दिवाली के तुम एक बार फिर आओ, जग में फैले अज्ञानता के अंधकार को मिटाओ, प्रेम-एकता-बंधुत्व से सबको रहना सिखाओ, अभिमान-द्वेष-अहं सबके दिलों से मिटाओ । ऐ दीप दिवाली के तुम एक बार फिर आओ । भक्ति-श्रद्धा का चाँद गुम हो गया…

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  • Naraka Chaturdashi
    कविताएँ

    रूप चतुर्दशी | नरक चतुर्दशी

    ByAdmin November 11, 2023

    रूप चतुर्दशी/नरक चतुर्दशी ( Naraka Chaturdashi )   दिवाली के एक दिन पहले आती छोटी दिवाली, रूप चतुर्दशी नर्क चतुर्दशी कहते चौदस काली। नरका पूजा के नाम से भी जानते है हम इसको, चौमुखा दीप रोली गुड़ खीर से सजाते है थाली।। इस दिन सायं के समय चारों तरफ़ दीप जलाते, विधि विधान से कृष्ण…

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  • Tumhari tarah
    कविताएँ

    तुम्हारी तरह | Tumhari Tarah

    ByAdmin November 11, 2023November 11, 2023

    तुम्हारी तरह ( Tumhari tarah )   यूं तो ,जी लेते हम भी बिंदास जिंदगी तुम्हारी तरह घर मे कम कुछ नही था किंतु,परिवार के साथ साथ कुछ बाहरी जिम्मेदारियां भी थी सिर्फ परिवार ही संसार नही होता हर किसी की मुलाकात हर घटना दुर्घटना हर संदेश समाचार अबतक ,कुछ न कुछ देते ही रहे…

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  • Diwali ki Kavita
    कविताएँ

    Diwali ki Kavita | मिट्टी के पावन दीये

    ByAdmin November 10, 2023November 10, 2023

    मिट्टी के पावन दीये ( Mitti ke pavan diye )   आओ जलाएं दीपक हम मिट्टी के पावन दीये। रोशनी से जगमगाए घर आंगन सब कोने प्रिये। देते ये संदेश हमको मिट्टी से सदा जुड़े रहने का। दीपक बन रोशनी देना सुख-दुख सब सहने का। जगमग दीपों की कतारें आई दिवाली लक्ष्मी द्वारें। पूजन थाल…

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  • Diwali Puja Geet
    गीत

    झिलमिल झिलमिल दीप जले | Diwali Puja Geet

    ByAdmin November 10, 2023

    झिलमिल झिलमिल दीप जले ( Jhilmil jhilmil deep jale )   झिलमिल दीप चले आंगन उजियारा हो जाए मन में। जगमग हुआ रोशन कोना उमंग उल्लास पाए तन में। खुशियों भरा त्योहार दिवाली मन भाईचारा प्रेम पले। प्रेम प्यार की बहती सुरसरि घर-घर पावन दीये जले। झिलमिल झिलमिल दीप जले नव विचार नव वसन धारे…

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  • Aise Dhanteras Manaye
    कविताएँ

    ऐसे धनतेरस मनाए | Aise Dhanteras Manaye

    ByAdmin November 10, 2023

    ऐसे धनतेरस मनाए ( Aise Dhanteras manaye )    धनतेरस को भले हर घर धन ना बरसे, लेकिन कोई भूखा रोटी को ना तरसे! भले खूब सारे पैसे हमारे घर ना आ पाये, लेकिन घर से हमारे कोई खाली न जाए। भले व्यापार में ज़्यादा मुनाफा ना कमाए, लेकिन किसी के दुख की वज़ह ना…

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