• धनतेरस का पर्व | Dhanteras ka Parv

    धनतेरस का पर्व ( Dhanteras ka parv ) कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को आता, इसदिन माॅं लक्ष्मी की पूजा हर हाल मे सब करता। धनतेरस का पावन पर्व सब घरो में खुशियां लाता, भगवान धन्वंतरि व धन कुबेर की उपासना करता।। घर में धन के भण्डार भरे रहते जो उपासना करते, कहते…

  • दीवाली | Diwali Katha

    कोमल के पिता आज बहुत परेशान थे क्योंकि आज ही उन्हें पता चला था कि कुछ ही दिनों बाद दीवाली का त्यौहार आने वाला है और अब उन्हें भी ये चिंता सताने लगी थी कि हाथ में पैसे तो हैं नहीं दीवाली मनाने के लिए खर्चों का इंतजाम कैसे करेंगे। जब उनकी लाडली बच्ची दूसरे…

  • मतदान करना | Matdan Kavita

    मतदान करना ( Matdan karna )   बात मानो हमारी सारी जनता । वोट डालने तो जाना पड़ेगा।। लोकतंत्र की यही है जरूरत। इसे मजबूत करना पड़ेगा।। यह जो अधिकार सबको मिला है। यही कर्तव्य करना पड़ेगा ।। चाहे लाखों हों काम वोट के दिन। पर समय तो निकालना पड़ेगा।। एक-एक वोट रहता जरूरी ।…

  • रूठे अल्फाज़ | Roothe Alfaaz

    रूठे अल्फाज़ ( Roothe alfaaz )   अल्फाज रूठ से गए मुझ से , मानो कहते हों खफा हू मै तुझसे गम ए दर्द सुनाऊं तो आंसू के मोती पलकों पर छलकते खुशियों के गीत सुनाऊं तो शहनाई कानों में बजाते यादों के पन्ने पलटकर देखू, तो होठों पर खामोशी बैठा देते यारी की महफिल…

  • अमन का दरख्त | Aman ka Darakht

    अमन का दरख्त! ( Aman ka darakht )   काँटा बोनेवाला आदमी, इंसान तो नहीं, पर डरो नहीं उससे, वो भगवान तो नहीं। एक आदमी में होते हैं दस-बीस आदमी, मतकर उसपे ऐतबार,नुकसान तो नहीं।   डरते हैं हम जमीं वाले ऐ! खुदा, हम कोई फरिश्ता, कोई आसमान तो नहीं। बारूद से पाटी जा रही…

  • तिरंगो से सज़ा देखो वतन है | Tirango se Saja

    तिरंगो से सज़ा देखो वतन है  ( Tirango se saja dekho vatan hai )    तिरंगो से सज़ा देखो वतन है गुलों से यूं भरा अपना चमन है सलामत ए ख़ुदा रखना हमेशा वतन का जो हसीं मेरे फ़बन है नहीं आये कभी कोई मुसीबत वतन में रब सदा रखना अमन है किसी में बू…

  • Diwali ka Geet | घर घर दीप जले दिवाली

    घर घर दीप जले दिवाली ( Ghar ghar deep jale diwali )    हम भाईचारा प्रेम बढ़ाएं, बढ़ती सद्भावो की धारा। आओ दीप जलाएं मिलके, पावन त्यौहार हमारा। घर घर दीप जले दिवाली, जगमग कोना कोना। हिल मिल हम त्योंहार मनाएं, बांटें प्रेम सलोना। जगमग कोना कोना आओ सजाएं मनमंदिर को, नव विचार मन धारे।…

  • मन के जालों को भी जरा साफ कर लिया जाए!

    दीपोत्सव नजदीक है इतनी सारी तैयारियांँ, साफ- सफाई अभियान जोरों पर है घर- आंँगन व बाहर। कहते भी है कि सफाई रहती है तो भगवान हमारे नजदीक रहते हैं। सच है स्वच्छ तन ,स्वच्छ घर- आंगन ,स्वच्छ परिवेश आंँखों को लुभाता है । तन-मन को स्वस्थ रखता है। किसे भला अच्छा नहीं लगता साफ सफाई…

  • लोकतंत्र के तानाशाह | Loktantra ke Tanashah

    लोकतंत्र के तानाशाह ( Loktantra ke tanashah )    जमीनें खिसक रहीं, लोकतंत्र के तानाशाहों की ऊर्जस्वित हुए कदम अब, हौसली उड़ान भरने को। दृढ़ संकल्प परम प्रण पद, राष्ट्र धरा सेवा करने को । अहंकार चकनाचूर हुआ, सजगता धार निगाहों की । जमीनें खिसक रहीं, लोकतंत्र के तानाशाहों की ।। विकास प्रगति छद्म रूप,…

  • तब्दीली | Tabdeeli

    तब्दीली ( Tabdeeli )   आपके शब्द , नीयत और कर्म समय की दीवार से टकराकर लौटते ही हैं आप तक यहां आपका बाली या सामर्थ्य कोई मायने नहीं रखता मजबूर के मुंह से बोल नही फूटते किंतु,उसकी आह जला देती है किसी के भी सामर्थ्य को वक्त किसी को माफ नही करता चट्टानें भी…