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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kaun hai Us Paar
    गीत

    कौन है उस पार | Kaun hai Us Paar

    ByAdmin November 7, 2023

    कौन है उस पार ( Kaun hai us paar )   मांझी थाम रे पतवार मांझी थाम रे पतवार। लहरें उठती मन रे भीतर कौन है उस पार। मांझी थाम जरा पतवार कल कल करती सरिता बहती भावों की रसधार। जीवन नैया पार लगा दे हमको जाना है उस पार। दिल की धड़कनें गीत गाए…

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  • Ahankar aur Vishwas
    कविताएँ

    अहंकार और विश्वास | Ahankar aur Vishwas

    ByAdmin November 7, 2023November 7, 2023

    अहंकार और विश्वास ( Ahankar aur vishwas )    अहंकार और विश्वास में, जमीं आसमां का फर्क उर तरंग नित्य पावन, निज शक्ति अवबोध । व्यक्तित्व धारण नम्रता, नेह झलक कृतित्व शोध । स्व श्रद्धा शुचिता प्रसून, घमंड विलोपन जीवन अर्क । अहंकार और विश्वास में, जमीं आसमां का फर्क ।। दर्प फलन अनैतिकता, कर्म…

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  • Gareeb Aadmi
    कविताएँ

    छुट्टा पैसा और गरीब आदमी | Gareeb Aadmi

    ByAdmin November 7, 2023

    छुट्टा पैसा और गरीब आदमी ( Chutta paisa aur gareeb aadmi )    छुट्टा पैसा और गरीब आदमी दोनो ही काम के हैं । बड़ी नोट, बड़ा आदमी बड़े नाम के हैं। छुट्टा पैसा को, कुछ लोग चिल्लर भी कहते है । जैसे गरीब आदमी को समझदार लोग ढिल्लर कहते है। गरीब आदमी, धनी के…

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  • Sajni ki Chaturai
    कविताएँ

    सजनी की चतुराई सैया करे सफाई | Sajni ki Chaturai

    ByAdmin November 7, 2023

    सजनी की चतुराई सैया करे सफाई ( Sajni ki chaturai saiya kare safai )    लो घर-घर दिवाली आई, शौहर की शामत आई। देखो सजनी की चतुराई, अब सैया करे सफाई। बीवी सरदर्द में झूमे, नित को सैर सपाटा घूमे। काम की बारी आई, मैडम कमरदर्द ले आई। धनलक्ष्मी के चक्कर में, गृह लक्ष्मी न…

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  • Tapna Hoga
    कविताएँ

    तपना होगा | Tapna Hoga

    ByAdmin November 7, 2023

    तपना होगा ( Tapna hoga )    बेतहाशा भागती इस भीड़ मे तुम्हारी विनम्रता की आवाज भी कोई मायने नही रखती ठीक है ,आपकी भावनाओं मैं दया ,ममता ,करुणा सभी हैं फिर भी ,किसी से घायल हुए पंछी को भी आपमे सिद्धार्थ दिखाई नही देगा आसान नहीं है मानव के बीच मानव बनकर रहना जहां…

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  • Deep Jale ya Dil
    कविताएँ

    दीप जले या दिल | Deep Jale ya Dil

    ByAdmin November 7, 2023

    दीप जले या दिल ( Deep jale ya dil )   जल रहे है दिल ये कैसी दिवाली है कही गरीबी है , कही बदहाली हैं फट रहें हैं बम लोगों की आंख हैं नम इंसानित मरने लगी हैं सभी के मुंह पर गाली हैं जो कहते थे काफिर मारा जाएगा उसका मुल्क चेन अमन…

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  • Dhool Rahe na Man Aangan me
    कविताएँ

    धूल रहे ना मन आंगन में | Dhool Rahe na Man Aangan me

    ByAdmin November 6, 2023November 6, 2023

    धूल रहे ना मन आंगन में ( Dhool rahe na man aangan me )   लो आ गई दिवाली भाई, कर लो साफ सफाई। धूल रहे ना मन आंगन में, कर लो थोड़ी चतुराई। मन का मेल मिटाओ प्यारे, उजियारा घट कर लो। मनमंदिर में दीप जलाओ, सद्भाव प्रेम उर भर लो। मन का कोना-कोना…

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  • मैं अपना | Main Apna
    कविताएँ

    मैं अपना | Main Apna

    ByAdmin November 6, 2023

    मैं अपना ( Main Apna )    मैं अपना सर्वस्व लुटा दूँ. फिर भी तुम्हारी नजर में नहीं आऊँगा क्योंकि तुम्हारी निरपेक्षता केवल जिहवा पर आती है. तुम बहुत ही माइनर हो, तुमने रचकर छद्म मकड़जाल इसीलिए लोगों को शिक्षा से वंचित किया, जिससे तुम मिटाकर सारी वास्तविकता इतिहास से बता सको दुनिया को नहीं…

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  • दो सहेली | Do Saheli
    कविताएँ

    दो सहेली | Do Saheli

    ByAdmin November 6, 2023November 11, 2023

    “दो सहेली” ( Do Saheli )   जेठ की दुपहरिया सबको खल रही थी, तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल रही थी। दो लड़कियां बातें करते हुए जा रही थी, एक दूजे को प्यार के किस्से सुना रही थी। उनमें से एक मेरी गाड़ी से थी टकराई, मेरे पास आकर बड़े जोर से चिल्लाई।…

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  • Shri Guru Charan
    कविताएँ

    श्री गुरु चरण | Shri Guru Charan

    ByAdmin November 6, 2023July 21, 2024

    श्री गुरु चरण ( Shri Guru Charan )    श्री गुरु चरण कमल नित वंदन मुदित मना मानस मुनियों सा, ध्यान चिंतन उत्तम ज्ञान । नीतिमान निष्कपट सुनिष्ठ, सतत निरत नैतिक आह्वान । प्रेरणा पुंज व्यक्तित्व कृतित्व, चरित सुरभित सदृश चंदन । श्री गुरु चरण कमल नित वंदन ।। शमन दमन अंधविश्वास आडंबर, शुभ सुख…

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