• तुम्हारी तरह | Tumhari Tarah

    तुम्हारी तरह ( Tumhari tarah )   यूं तो ,जी लेते हम भी बिंदास जिंदगी तुम्हारी तरह घर मे कम कुछ नही था किंतु,परिवार के साथ साथ कुछ बाहरी जिम्मेदारियां भी थी सिर्फ परिवार ही संसार नही होता हर किसी की मुलाकात हर घटना दुर्घटना हर संदेश समाचार अबतक ,कुछ न कुछ देते ही रहे…

  • Diwali ki Kavita | मिट्टी के पावन दीये

    मिट्टी के पावन दीये ( Mitti ke pavan diye )   आओ जलाएं दीपक हम मिट्टी के पावन दीये। रोशनी से जगमगाए घर आंगन सब कोने प्रिये। देते ये संदेश हमको मिट्टी से सदा जुड़े रहने का। दीपक बन रोशनी देना सुख-दुख सब सहने का। जगमग दीपों की कतारें आई दिवाली लक्ष्मी द्वारें। पूजन थाल…

  • झिलमिल झिलमिल दीप जले | Diwali Puja Geet

    झिलमिल झिलमिल दीप जले ( Jhilmil jhilmil deep jale )   झिलमिल दीप चले आंगन उजियारा हो जाए मन में। जगमग हुआ रोशन कोना उमंग उल्लास पाए तन में। खुशियों भरा त्योहार दिवाली मन भाईचारा प्रेम पले। प्रेम प्यार की बहती सुरसरि घर-घर पावन दीये जले। झिलमिल झिलमिल दीप जले नव विचार नव वसन धारे…

  • ऐसे धनतेरस मनाए | Aise Dhanteras Manaye

    ऐसे धनतेरस मनाए ( Aise Dhanteras manaye )    धनतेरस को भले हर घर धन ना बरसे, लेकिन कोई भूखा रोटी को ना तरसे! भले खूब सारे पैसे हमारे घर ना आ पाये, लेकिन घर से हमारे कोई खाली न जाए। भले व्यापार में ज़्यादा मुनाफा ना कमाए, लेकिन किसी के दुख की वज़ह ना…

  • धनतेरस का पर्व | Dhanteras ka Parv

    धनतेरस का पर्व ( Dhanteras ka parv ) कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को आता, इसदिन माॅं लक्ष्मी की पूजा हर हाल मे सब करता। धनतेरस का पावन पर्व सब घरो में खुशियां लाता, भगवान धन्वंतरि व धन कुबेर की उपासना करता।। घर में धन के भण्डार भरे रहते जो उपासना करते, कहते…

  • दीवाली | Diwali Katha

    कोमल के पिता आज बहुत परेशान थे क्योंकि आज ही उन्हें पता चला था कि कुछ ही दिनों बाद दीवाली का त्यौहार आने वाला है और अब उन्हें भी ये चिंता सताने लगी थी कि हाथ में पैसे तो हैं नहीं दीवाली मनाने के लिए खर्चों का इंतजाम कैसे करेंगे। जब उनकी लाडली बच्ची दूसरे…

  • मतदान करना | Matdan Kavita

    मतदान करना ( Matdan karna )   बात मानो हमारी सारी जनता । वोट डालने तो जाना पड़ेगा।। लोकतंत्र की यही है जरूरत। इसे मजबूत करना पड़ेगा।। यह जो अधिकार सबको मिला है। यही कर्तव्य करना पड़ेगा ।। चाहे लाखों हों काम वोट के दिन। पर समय तो निकालना पड़ेगा।। एक-एक वोट रहता जरूरी ।…

  • रूठे अल्फाज़ | Roothe Alfaaz

    रूठे अल्फाज़ ( Roothe alfaaz )   अल्फाज रूठ से गए मुझ से , मानो कहते हों खफा हू मै तुझसे गम ए दर्द सुनाऊं तो आंसू के मोती पलकों पर छलकते खुशियों के गीत सुनाऊं तो शहनाई कानों में बजाते यादों के पन्ने पलटकर देखू, तो होठों पर खामोशी बैठा देते यारी की महफिल…

  • अमन का दरख्त | Aman ka Darakht

    अमन का दरख्त! ( Aman ka darakht )   काँटा बोनेवाला आदमी, इंसान तो नहीं, पर डरो नहीं उससे, वो भगवान तो नहीं। एक आदमी में होते हैं दस-बीस आदमी, मतकर उसपे ऐतबार,नुकसान तो नहीं।   डरते हैं हम जमीं वाले ऐ! खुदा, हम कोई फरिश्ता, कोई आसमान तो नहीं। बारूद से पाटी जा रही…

  • तिरंगो से सज़ा देखो वतन है | Tirango se Saja

    तिरंगो से सज़ा देखो वतन है  ( Tirango se saja dekho vatan hai )    तिरंगो से सज़ा देखो वतन है गुलों से यूं भरा अपना चमन है सलामत ए ख़ुदा रखना हमेशा वतन का जो हसीं मेरे फ़बन है नहीं आये कभी कोई मुसीबत वतन में रब सदा रखना अमन है किसी में बू…