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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Mitti ke Diye
    कविताएँ

    मिट्टी के दिये | Mitti ke Diye

    ByAdmin November 8, 2023November 8, 2023

    मिट्टी के दिये ( Mitti ke diye )    मिट्टी के दीयों से, सुख समृद्धि मंगलता अपार प्रकृति पंचम तात्विक आभा, धर्म कर्म स्नेहिल स्पर्शन । आत्मिक संबंध पराकाष्ठा, परंपरा संस्कार अनूप दर्शन । सघन तिमिर मूल विलोपन, सर्वत्र दर्शन दीप्ति बहार । मिट्टी के दीयों में, सुख समृद्धि मंगलता अपार ।। मृदा रज रज…

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  • Shaam lagbhag nau Baje
    कविताएँ

    शाम लगभग नौ बजे | Shaam lagbhag nau Baje

    ByAdmin November 8, 2023

    शाम लगभग नौ बजे  ( Shaam lagbhag nau baje )    एक दिन निकला सड़क पर शाम लगभग नौ बजे मैं गया कुछ दूर देखा सब्जियां कुछ थे सजे, टिमटिमाते मोमबत्ती की उजाला के तले बेंचती वह सब्जियां तन मांस जिसके थे गले। था अचंभित सोंच में कुछ जान भी मैं न सका बैठ इतनी…

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  • आधार | Aadhaar
    कविताएँ

    आधार | Aadhaar

    ByAdmin November 8, 2023November 9, 2023

    आधार ( Aadhaar )    मिले हुए संस्कार ही करते हैं वैचारिक सृजन सोच मे संगत का प्रभाव भी संभावित है किंतु ,यदि पृष्ठभूमि भी सुदृढ़ हो तो बारिश की बूंदें गिरकर भी बह जाती हैं जीवन की नींव मजबूत होनी चाहिए तात्कालिक हवाएं डालियों को झुका भले दें दरख़्त को उखाड़ पाना सम्भव नही…

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  • मगर दिल मे प्यार है | Magar Dil me Pyar Hai
    ग़ज़ल

    मगर दिल मे प्यार है | Magar Dil me Pyar Hai

    ByAdmin November 8, 2023

    मगर दिल मे प्यार है ( Magar dil me pyar hai )         मेरी आखों मे है जलन, मगर दिल मे प्यार है। कलम उठाऊं या हथियार, दोनो मे धार है ।। कहते है कुछ और , करते है कुछ और सियासत बन गई देखो व्यापार है। कलम उठाऊं या हथियार, दोनो मे…

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  • Kaun hai Us Paar
    गीत

    कौन है उस पार | Kaun hai Us Paar

    ByAdmin November 7, 2023

    कौन है उस पार ( Kaun hai us paar )   मांझी थाम रे पतवार मांझी थाम रे पतवार। लहरें उठती मन रे भीतर कौन है उस पार। मांझी थाम जरा पतवार कल कल करती सरिता बहती भावों की रसधार। जीवन नैया पार लगा दे हमको जाना है उस पार। दिल की धड़कनें गीत गाए…

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  • Ahankar aur Vishwas
    कविताएँ

    अहंकार और विश्वास | Ahankar aur Vishwas

    ByAdmin November 7, 2023November 7, 2023

    अहंकार और विश्वास ( Ahankar aur vishwas )    अहंकार और विश्वास में, जमीं आसमां का फर्क उर तरंग नित्य पावन, निज शक्ति अवबोध । व्यक्तित्व धारण नम्रता, नेह झलक कृतित्व शोध । स्व श्रद्धा शुचिता प्रसून, घमंड विलोपन जीवन अर्क । अहंकार और विश्वास में, जमीं आसमां का फर्क ।। दर्प फलन अनैतिकता, कर्म…

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  • Gareeb Aadmi
    कविताएँ

    छुट्टा पैसा और गरीब आदमी | Gareeb Aadmi

    ByAdmin November 7, 2023

    छुट्टा पैसा और गरीब आदमी ( Chutta paisa aur gareeb aadmi )    छुट्टा पैसा और गरीब आदमी दोनो ही काम के हैं । बड़ी नोट, बड़ा आदमी बड़े नाम के हैं। छुट्टा पैसा को, कुछ लोग चिल्लर भी कहते है । जैसे गरीब आदमी को समझदार लोग ढिल्लर कहते है। गरीब आदमी, धनी के…

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  • Sajni ki Chaturai
    कविताएँ

    सजनी की चतुराई सैया करे सफाई | Sajni ki Chaturai

    ByAdmin November 7, 2023

    सजनी की चतुराई सैया करे सफाई ( Sajni ki chaturai saiya kare safai )    लो घर-घर दिवाली आई, शौहर की शामत आई। देखो सजनी की चतुराई, अब सैया करे सफाई। बीवी सरदर्द में झूमे, नित को सैर सपाटा घूमे। काम की बारी आई, मैडम कमरदर्द ले आई। धनलक्ष्मी के चक्कर में, गृह लक्ष्मी न…

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  • Tapna Hoga
    कविताएँ

    तपना होगा | Tapna Hoga

    ByAdmin November 7, 2023

    तपना होगा ( Tapna hoga )    बेतहाशा भागती इस भीड़ मे तुम्हारी विनम्रता की आवाज भी कोई मायने नही रखती ठीक है ,आपकी भावनाओं मैं दया ,ममता ,करुणा सभी हैं फिर भी ,किसी से घायल हुए पंछी को भी आपमे सिद्धार्थ दिखाई नही देगा आसान नहीं है मानव के बीच मानव बनकर रहना जहां…

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  • Deep Jale ya Dil
    कविताएँ

    दीप जले या दिल | Deep Jale ya Dil

    ByAdmin November 7, 2023

    दीप जले या दिल ( Deep jale ya dil )   जल रहे है दिल ये कैसी दिवाली है कही गरीबी है , कही बदहाली हैं फट रहें हैं बम लोगों की आंख हैं नम इंसानित मरने लगी हैं सभी के मुंह पर गाली हैं जो कहते थे काफिर मारा जाएगा उसका मुल्क चेन अमन…

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