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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जय हो जय हो कलम तेरी | Jai ho Kalam Teri
    कविताएँ

    जय हो जय हो कलम तेरी | Jai ho Kalam Teri

    ByAdmin October 13, 2023October 17, 2023

    जय हो जय हो कलम तेरी  ( Jai ho jai ho kalam teri )    तीर और तलवार कहां कब कर पाए वह काम कभी कलमों के ताकत के आगे टिका कौन बलवान कभी   जड़चेतन में जान फूंककर पिघल पिघल स्याही लिख दी सिंहनाद सी कलम गरज कर युग की युगभावी लिख दी  …

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  • Anmol Sukh
    कविताएँ

    अनमोल सुख | Anmol Sukh

    ByAdmin October 13, 2023

    अनमोल सुख ( Anmol sukh )    एक दिन पुष्प पूछ बैठा माली से ऐ माली इक बात बताओ सारा दिन मेहनत करते हो खून पसीना इक करते हो तभी ये बगिया खिलती है हरियाली यहां दिखती है। कभी निराई,कभी गुड़ाई कभी पौधों को पानी देते डाल कभी खाद- मिट्टी में तुम पौधों को पोषण…

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  • Tootata Tara
    कविताएँ

    टूटता तारा | Tootata Tara

    ByAdmin October 13, 2023

    टूटता तारा ( Tootata tara )    एक रात बातों के मध्य तुम एकाएक खामोश हो गए थे मेरे पूछने पर मुझसे कहा मांग लो तुम्हें जो दुआ में माँगना है आज तुम्हारी मुराद पूरी हो जायेगी मैंने कहा – कैसे ? तुमने इशारा किया टूटते तारे का जिससे मैं थी अनभिज्ञ देख लो मेरी…

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  • बदलाव | Badlav
    कविताएँ

    बदलाव | Badlav

    ByAdmin October 13, 2023November 3, 2023

    बदलाव ( Badlav )  ( 2 )  मतलब के निकल जाते ही मिलने का ढंग बदल जाता है व्यवहार बदल जाता है पल भर मे ही ईमान बदल जाता है… प्रेम के मिल जाते ही फूल बदल जाता है बदल जाती हैं भावनाएं वह पुराना दिल बदल जाता है…. मिल जाए यदि कोई पद ऊंचा…

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  • हर ज़ुल्म पर अब प्रहार होगा Zulm par Prahaar
    कविताएँ

    हर ज़ुल्म पर अब प्रहार होगा Zulm par Prahaar

    ByAdmin October 13, 2023

    हर ज़ुल्म पर अब प्रहार होगा ( Har zulm par ab prahaar hoga )    हर जुल्म पे तेरे अब प्रहार होगा हाॅं एक वार पे तेरे सौ बार होगा है चुनौती तुझे हद में रहने की तेरे वार से वार मेरा दमदार होगा हर जुल्म पे तेरे अब प्रहार होगा … तेरी करतब,कलाकारी अब…

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  • Zindagi Kavita in Hindi
    कविताएँ

    ज़िन्दगी कविता | Zindagi Kavita in Hindi

    ByAdmin October 13, 2023October 23, 2024

    ज़िन्दगी कविता ( Zindagi Kavita )  महज सांसों का खेल ही नही जिंदगी महज जीने का नाम ही नहीं जिंदगी जिंदगी तो एक वृहद विस्तार है सृष्टि का महज सीमित दृष्टि का ही नाम नही जिंदगी जिंदगी आकाश है तो पताल भी है जिंदगी किसी के दायरे मे कभी कैद नही जिंदगी मौसम की तरह…

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  • परिवर्तन की अठखेलियों में | Parivartan ki Athkheliyon Mein
    कविताएँ

    परिवर्तन की अठखेलियों में | Parivartan ki Athkheliyon Mein

    ByAdmin October 13, 2023October 13, 2023

    परिवर्तन की अठखेलियों में ( Parivartan ki athkheliyon mein )    परिवर्तन की अठखेलियों में, खुशियों की रवानी है शाश्वतता अहम श्रृंगार, सृष्टि अलौकिक नियम । आशा उमंग उल्लास अथाह, समृद्धि चाहना अत्युत्तम । पटाक्षेप कर सघन तिमिर, आलोक पथ बखानी है । परिवर्तन की अठखेलियों में, खुशियों की रवानी है ।। लोभ मद लालच…

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  • उजाड़ो न दुनिया | Ujado na Duniya
    कविताएँ

    उजाड़ो न दुनिया | Ujado na Duniya

    ByAdmin October 13, 2023

    उजाड़ो न दुनिया ! ( Ujado na duniya )    पैग़म्बरों की जमीं,अम्न बोते चलो, जंग को जहां से बचाते चलो। बंट गई है दुनिया आज दो धड़ों में, लगी आग को तुम बुझाते चलो। फासला बढ़ा है लोगों के अंदर, दिल की दूरियाँ को घटाते चलो। नहीं थम रहे हैं आँसू जहां के, उदासी…

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  • बोलो अब किस डगर चले | Kis Dagar
    कविताएँ

    बोलो अब किस डगर चले | Kis Dagar

    ByAdmin October 12, 2023

    बोलो अब किस डगर चले ( Bolo ab kis dagar chale )    इधर चले या उधर चले, बोलो अब किस डगर चले। कहो किधर रस्ता मंजिलें, कहो कारवां किधर चले। चुनावी मौसम अब आया, रंग बदलता हर साया है। वादों की भरमार हो रही, धुंआ धुंआ जग छाया है। प्रेम सुधा रसधार लिए, बोलो…

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  • नग्नता | Nagnata
    कविताएँ

    नग्नता | Nagnata

    ByAdmin October 12, 2023

    नग्नता ( Nagnata )    नग्नता का विरोध तो सभी करते हैं किंतु, अपने ही घर से उभरती नग्नता को रोक नही पाते मां और बाबूजी के स्थान पर मॉम और डैड सुनने से स्वाभिमान गौरवान्वित होता है….. यहां आओ बेटा ,बैठ जाओ खड़े हो जाओ की जगह कम कम , सिट हियर, या स्टैंड…

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