• नवरात्र के प्रसाद में | Navratra

    नवरात्र के प्रसाद में ( Navratra ke Prasad mein )    सृजनात्मकता प्रस्सपुरण,नवरात्र के प्रसाद में परम काल चेतना जागरण, रज रज मांगलिक भोर । नव नौ रूप मां अनूप दर्शन, शक्ति भक्ति अलौकिक छोर । तमोगुणी शोध विवेचना, जय माता दी संवाद में । सृजनात्मकता प्रस्सपुरण, नवरात्र के प्रसाद में ।। आराधना शीर्ष स्पर्शन,…

  • मां नवदुर्गा | Maa Navdurga

    मां नवदुर्गा ( Maa Navdurga )  ( 1 )   नौ रूप में नौ दिनों तक होती माता की आराधना, जो भी पूजे इनको होती उसकी पूरी हर मनोकामना। समूचे जगत में फैली हुई है तेरी अनुपम महिमा, न होता कल्याण किसी का तेरी कृपा के बिना। हे माता शेरावाली हे माता जोतावाली, पूरी कर…

  • बात एक कॉल की | Baat ek Call ki

    बात एक कॉल की ( Baat ek call ki )    14 अक्टूबर 14:14 पर कॉल आया, उसी पर मैंने यह हास्य व्यंग बनाया । एक दिन दोपहर में आया मुझे फोन, घंटी उसकी सुनकर हो गया मैं मौन। देखा मोबाइल तो नॉर्मल कॉल आया था, पूजनीय सतीश जी ने कॉल लगाया था। कुछ पल…

  • वेश्याएं | Veshyaen

    वेश्याएं ( Veshyaen )    उनकी गलियों में, दिन के उजाले में जाना, सभ्य समाज को, अच्छा न लगता, इसलिए छद्म वेश में , रात्रि के अंधियारे में , छुप-छुप कर वह जाता है , सुबह दिन के उजाले में, सभ्यता का लबादा ओढ़े , सदाचरण पर भाषण देता, लोग उसे देवता समझ , फूल…

  • दशानन | Dashanan

    दशानन ( Dashanan )  ( 2)  जली थी दशानन की नगरी कभी कभी हुआ था वध रावण के तन का जला लो भले आज पुतले रावण के उसने चुन लिया है घर आपके मन का.. मर गया हो भले वह शरीर के रूप मे किंतु कर रहा रमन विभिन्न स्वरूप मे बसा ,हुआ खिल खिला…

  • प्रभु तुम आए | Prabhu tum Aaye

    प्रभु तुम आए ( Prabhu tum aaye )    प्रभु तुम आए , दीन हीन बनकर , हमारे द्वार, मैंने तुझे दुत्कारा , जलील किया, तुम कुछ ना बोले , मेरी सारी नादानियों को, सहते रहे, फिर लौट गये। मैं मंदिरों में , तुझे ढूंढता रहा, परंतु मंदिर के बाहर, कोढी का रूप रखकर ,…

  • राधा कान्हा के द्वार | Radha Kanha ke Dwaar

    राधा कान्हा के द्वार ( Radha kanha ke dwaar )    फिर से  खड़ी  हुई  है  राधा  आ कान्हा के द्वार । माँग  रही है  उससे  अपने , सारे  ही  अधिकार ।। वापस करे कन्हैय्या गोकुल से चोरी की खुशियाँ और चुकाए  वृन्दावन का, पिछला  सभी उधार ।। महका रचा बसा खुशबू सा फिर भी…

  • मुझे मत तौलों | Mujhe mat Toulo

    मुझे मत तौलों ( Mujhe mat toulo )   मुझे मत तौलों , ईश्वरत्व से, मैं मनुष्य ही बने रहना चाहता हूं, जिसके हृदय में हो , मां जैसी ममता , पिता जैसा साथी, बहन जैसा स्नेह , जो हर दुखित प्राणी के, आंसुओं को पोछ सके , जिसके अंतर में हो , पद दलितों…

  • गूंज उठी रणभेरी | Gunj uthi Ranbheri

    गूंज उठी रणभेरी ( Gunj uthi ranbheri )    गूंज उठी रणभेरी, अंतर्मन विजय ज्योत जला आन बान शान रक्षा, दृढ़ प्रण दृष्टि श्रृंगार । शक्ति भक्ति धार धर, हिय भर सूरता आगार। अजेय पथ गमन कर, सर्वत्र बैठी घात लगा बला । गूंज उठी रणभेरी, अंतर्मन विजय ज्योत जला ।। स्मरण कर स्वप्न माला,…

  • चुनाव फिर से आ गया | Chunav

    चुनाव फिर से आ गया ( Chunav phir se aa gaya )   मतदान करने जरूर जाना चुनाव फिर से आ गया । अब करना न कोई बहाना चुनाव फिर से आ गया । सही व्यक्ति को पहले चुन लो । गुण सारे तुम उसके गुन लो । फिर उस पर मुहर लगाना । चुनाव…