• सेल्फी | Selfie

    सेल्फी ( Selfie )  सेल्फी बनी आज, जीवन का अभिन्न अंग आत्ममुग्धता का पर्याय, खुशियों का महासागर । परम प्रथम श्री काज , सर्वत्र असीम आदर । आत्म प्रेम अभिव्यंजना , भर जीवन आनंद रंग । सेल्फी बनी आज, जीवन का अभिन्न अंग ।। आधुनिक युग यह जतन, सम जप तप साधना । भगवान पूर्व…

  • गमज़दा दिल | Ghamzada Shayari

    गमज़दा दिल ( Ghamzada dil )    फूल शबनम छोड़ कर कुछ और ही मौज़ू रहे अब सुखन में भी ज़रा मिट्टी की कुछ खुशबू रहे। हो चुकी बातें बहुत महबूब की बाबत यहां ज़िक़्र उनका भी करें जो मुल्क़ का बाज़ू रहे। गमज़दा दिल कर सकूं आज़ाद ग़म की क़ैद से काश मेरे पास…

  • कालिख़ मल जाएँगे | Kalikh mal Jayenge

    कालिख़ मल जाएँगे ( Kalikh mal jayenge )    ये बेहूदे लफ्ज़ अग़र जो खल जाएँगे लोग मुँह पे आकर कालिख़ मल जाएँगे देख ख़िज़ाँ की ज़ानिब मत नाउम्मीदी से रफ़्ता-रफ़्ता गुजर सभी ये पल जाएँगे मत आया कर छत पर यूँ तू रोज़ टहलने चाँद सितारे शम्स नहीं तो जल जाएँगे छोड़ो अब ये…

  • उम्मीद | Ummeed

    उम्मीद ( Ummeed )    उम्मीद आसरा है, सहारा है, बल है उम्मीद उत्तर है, रास्ता है, हल है उम्मीद ज़िगर है, करेजा है, दिल है उम्मीद मूल है, ब्याज है, हासिल है उम्मीद बंधन है, जुड़ाव है, लगाव है उम्मीद परीक्षा है, फल है, दबाव है उम्मीद मंजिल है, ख़्वाब है, कामना है उम्मीद…

  • तुम कहो तो | Tum Kaho to

    तुम कहो तो ( Tum kaho to )    तुम कहो तो कुछ न कहूँ लब सी लूँ, अल्फाज़ खामोंश कर दूँ समझ सको तो समझ लेना मेरी खामोशियों को बर्फ सी जमी मेरी जुबां को पढ़ लेना आँखों से बहती मेरी दास्तां को अश्कों से तर हर्फों को जरा हाथों की गरमी से सुखा…

  • जन्मदिवस मुबारक मां | Happy Birthday Maa

    जन्मदिवस मुबारक मां ( Happy Birthday Maa)    साधारण सा बालक था मै, आशीर्वाद बताया। हर ग़म मुझसे पहले माता, तुझसे ही टकराया। खुद तू आंसू पीती आयी, अमृत मुझे पिलाया। शूल पड़े राहों में मेरे , तूने फूल बिछाया। साधारण सा बालक था मै ,आशीर्वाद बताया। कालसर्प बनकर जब- जब भी ,मुझको डसने आया,…

  • हिस्से की शय | Laghu Katha Hisse ki Shay

    वे तीन भाई थे। मझले पक्के शराबी और जिद्दी। छोटे वाले स्नातक और अपने कर्मों के भरोसेमंद । सबसे बड़े अध्यापक , पक्के कर्मकांडी, मगर बेहद चालाक। बड़े ने विधवा माँ को बहला – फुसला कर बचे – खुचे बाप के धन पर हाथ साफ कर लिया। माँ के तेरहवें में सम्मिलित न होते हुए…

  • स्वयंसेवको के आदर्श : दीनदयाल उपाध्याय

    स्वयंसेवक वह जो अपने समस्त कर्तव्यों को करते हुए राष्ट्र की बलिबेदी पर न्योछावर हो जाए। सच्चा स्वयंसेवक किसी के ऊपर भार नहीं बनता बल्कि वह छोटे से छोटा काम भी स्वयं ही करता है। स्वयंसेवक वह हीरा है जिसकी चमक की धार कभी कम नहीं पड़ती। डॉक्टर हेडगेवार एवं गुरु जी ने जो स्वयंसेवकों…

  • ब्याह | Byah

    ब्याह ( Byah )    तेरे आंगन की चिड़ियां बाबा एक दिन मैं उड़ जाऊंगी, दिखेगा चंदा सूरज तुझको पर मैं नजर ना आऊंगी। मंडप सजाया खुशियां मनाई सहरे सजें बाराती थे, वो तो तेरे दहेज के बाबुल आए बन सौगाती थे, तेरी आंखों ने सपने बुने थे गुड़ियां को ऐसे ब्याहूंगा, अपनी लाडो की…

  • सामाजिक चिंतन | Samajik Chintan

    सामाजिक चिंतन ( Samajik chintan )    सामाजिक चिंतन, यथार्थ से आदर्श की ओर जननी जन्म भूमि गौ माता, अंध भौतिक युग शिकार । बढते वृद्धाश्रम भू विदोहन अवारा गायें, संकेत अनैतिक जीवन विकार । उपर्युक्त त्रि दैवीय मातृ आभा, फिर वंदन समग्र प्रयास पुरजोर । सामाजिक चिंतन, यथार्थ से आदर्श की ओर ।। वासनमय…