• गुरु वंदना | Guru Vandana

    गुरु वंदना ( Guru Vandana )   करता हूं बारंबार ,सौ -सौ बार नमन मैं पूजूं वह पावन पूज्य, गुरुदेव चरन मैं।   जिनकी ही कृपा से मन के भेद है मिटें, अज्ञानता की यामिनी में रोशनी मिले, कर सका हूं लोकहित में सच्चा करम मैं, करता हूं बारंबार ,सौ -सौ बार नमन मैं।  …

  • कुछ तो बोलो | Kuch to Bolo

    कुछ तो बोलो ( Kuch to bolo )   किसी ने कहा सनातन को खत्म करना है हम सभी चुप रहे किसी ने कहा राम काल्पनिक हैं हम सभी चुप रहे किसी ने कहा काफिरों को जीने का हक नही हम सभी तब भी चुप रहे आखिर क्या हो गया है तुम्हे खून ही तुम्हारा…

  • सनातन धर्म हमारा | Poem in Hindi on Sanatan Dharm

    सनातन धर्म हमारा ( Sanatan dharm hamara )   अजर अमर सनातन धर्म हमारा सृष्टि संग अवतरण, अनंत अंतर आह्लाद । मानवता श्री वंदन, आनंद परम प्रसाद । वेद आभा अंतर्निहित, अविरल ओजस्विता धारा । अजर अमर सनातन हमारा ।। नैतिकता दिव्य रंग रुप, अपार आस्था सत्कार । धर्म कर्म पुनीत रश्मियां, जीवन हर स्वप्न…

  • कृष्ण जन्माष्टमी | Krishna Janmashtami

    कृष्ण जन्माष्टमी ( Krishna Janmashtami )    काली घटा रात में छाई यमुना जब अपने तट आई उफन उफन वो पैर पड़त है देखो जन्मे कृष्ण कन्हाई ।। वासुदेव के आठवें पुत्र रूप में कृष्ण अष्टमी को प्रगट हुए मात पिता के संकट मिटाने श्री नारायण धरती पर जन्मे।। जन्म लिया पर देखो कैसी ,लीला…

  • हे कान्हा | Hey Kanha

    हे कान्हा ( Hey kanha )   हे कान्हा हे गिरिधर मुरली मनोहर बंशीधर, हम दीन दुखियों पर कुछ कृपा कर। हे गोप ग्वालों के रक्षक हे मधुर मुरली बजैया, हे गोपियों की इच्छा रखने उनके संग महारास रचैया। धरती का बोझ घटाने खातिर लिया था तुमने अवतार, भक्तों की रक्षा करते करते दिखलाए कई…

  • जिंदगी में इस क़दर बेबसी है | Bebasi Shayari

    जिंदगी में इस क़दर बेबसी है ( Zindagi mein is qadar bebasi hai )    यूं तो मेरे पास हर इक ख़ुशी है जिंदगी में फ़िर भी कोई कमी है साथ देना दोस्तों का हमेशा रोज़ अम्मी बात ये कह रही है बात किससे अब कहे दिल की अपने ये जहां मेरे लिये अजनबी है…

  • बाल इच्छा | Baal Iccha

    बाल इच्छा  ( Baal iccha )   मय्या मोरी ! मुझको भी एक बंसी ला दो ना… चलो,मेले या फिर यहीं मँगवा दो ना; ताकि मैं भी जा बैठूँ यमुना जी के तीरे और मधुर स्वर में बजाऊँ बंसी धीरे-धीरे । मय्या ! मुझको भी प्यारी-सी गय्या ला दो ना, ले आएँ शहर से ऐसा…

  • श्री कृष्ण मुरारी | Shri Krishna Murari

    श्री कृष्ण मुरारी ( Shri Krishna Murari )   अब तो आओ, श्री कृष्ण मुरारी भोगवाद स्याह घटाएं , आच्छादित चारों ओर । क्रूर कंस सम मानव कृत्य, धुंधली सी जीवन भोर । मंदित गुरु ज्ञान ज्योत , अपमानित गायेँ बेचारी । अब तो आओ, श्री कृष्ण मुरारी ।। हर कदम सही गलत , एक…

  • कृष्ण कन्हाई | Krishna Ghazal

    कृष्ण कन्हाई ( Krishna Kanhai )    किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई तिरी राधिका भी चली दौड़ी आई नहीं और कुछ देखने की तमन्ना तुम्हारी जो मूरत है मन में समाई हुई राधिका सी मैं भी बाबरी अब कथा भागवत माँ ने जब से सुनाई रहे भक्त तेरी शरण में सदा जो भंवर से…

  • निर्मला | Nirmala

    योग की कक्षा में एक महिला लगातार मुस्कुराए जा रही थी ।बीच-बीच में वह ऐसे तर्कपूर्ण बात करती की लगता संसार की सबसे खुशनसीब वही हो। कभी-कभी वह सारे शरीर को तोड़ मरोड़ देती । मैं कई दिनों से देख रहा था कि क्यों वह ऐसे उल्टी सीधी हरकतें करती रहती है। कौन सा ऐसा…