• चक्रधारी यशोदा का लाल | Yashoda ka Laal

    चक्रधारी यशोदा का लाल ( Chakradhari yashoda ka laal )    एक वो ही है सबका पालनहार, प्रभु ,परमपिता और तारणहार। हर कण-कण में आप विद्यमान, दुष्टों का करते हो पल में संहार।। श्री राम बनकर रावण को मारा, और कृष्ण बनकर कंस पछाड़ा। तुम्हारी माया का पाया नही पार, लिया तुमने ही नरसिंह अवतार।।…

  • कृष्ण बाल लीला | Krishna Bal Leela

    कृष्ण बाल लीला! ( Krishna Bal Leela )    खेलत गेंद गिरी यमुना-जल,कूद पड़े श्री कृष्ण कन्हैया। गोकुल गाँव में शोर मचा ,दौड़ के आई यशोदा मैया। ग्वालों के होश उड़े यमुना तट,कैसे बचेंगे कृष्ण कन्हैया। बांके बिहारी, ब्रह्मांड मुरारी,को नाग के ऊपर देखी मैया। गोंदी में आ जा मेरे कन्हैया,कहने लगे नन्द बाबा औ…

  • कान्हा बरसाना आ जाइयो | Poem on Kanha in Hindi

    कान्हा बरसाना आ जाइयो ( Kanha barsana aa jaiyo )  कान्हा इब तो बरसाना आ जइयो तोहे देखन को अंखियां तरस रई इब तो नैन मिला जइयो तोहे खातिर माखन भरियो मटको है। गोपी ग्वालन को संग, इब तो आकर मेरो हाथों से माखन खा जाइयो। तोरे खातिर हम आज राधा सा श्रृंगार किए, अधरो…

  • चलें आओ कन्हैया | Chale aao Kanhaiya

    चलें आओ कन्हैया ( Chale aao Kanhaiya )    चलें-आओ कन्हैया अब नदियाॅं के पार, सुन लो सावरियाॅं आज मेरी यह पुकार। देकर आवाज़ ढूॅंढ रही राधे सारे जहान, इस राधा पर करो कान्हा आप उपकार।। कहाॅं पर छुपे हो माता यशोदा के लाल, खोजते-खोजते क्या हो गया मेरा हाल। आ जाओ तुमको आज राधा…

  • इक इक करोड़ के | Emotional Heart Touching Shayari

    इक इक करोड़ के ( Ek ek crore ke )    वो अश्क हर नज़र में थे इक-इक करोड़ के दामन सजा रहा था कोई दिल निचोड़ के शाम-ए-फ़िराक़ में ये बहुत काम दे रहा तुम जामे-ग़म गये जो मिरे नाम छोड़ के करता है बात वो तो बड़ी एहतियात से लफ़्ज़ों को तोड़ के…

  • इंसाफ कहाँ से पाऊं | Insaaf Kahan se Paoon

    इंसाफ कहाँ से पाऊं ( Insaaf kahan se paoon )   हे ईश्वर तू ही बता अब मैं कहाँ पे जाऊं, न्याय हो गया इतना महंगा इंसाफ कहाँ से पाऊं। एक जो रामचंद्र थे जो पिता के वचन निभाते थे, गए थे वनवास १४ वर्ष तक पुत्र धर्म निभाते थे। ऐसा वचन निभाने को मैं…

  • कृष्ण का दिवाना | Krishna ka Diwana

    मनीष अपने परिवार में सबसे बड़ा लड़का है। परिवार में बड़ा होने के कारण माता-पिता का प्रेम कुछ उसे पर ज्यादा ही है। उससे छोटी उसकी दो बहनें है। उसके पिताजी समाज में एक संभ्रांत व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। उसके परिवार में वैदिक परंपरानुसार धार्मिक कृत्य होते हैं। जिसका प्रभाव उसके जीवन…

  • लघुदीप | Laghudeep

    लघुदीप ( Laghudeep )    सघन तिमिर को तिरोहित कर देती है कक्ष से नन्हीं-सी लौ लघुदीप की। टहनी से आबद्घ प्रसुन बिखर जाते है धरा पर सान्ध्य बेला तक पर, असीम तक विस्तार पाती है– उसकी गन्ध रहता है गगन में चन्द्र पर, ज्योत्स्ना ले आती है उसे इला के नेहासिक्त अंचल तक बाँध…

  • चंचल चोर | Chanchal Chor

    चंचल चोर ( Chanchal chor )    श्याम सुंदर, मुरली मनोहर, तू बड़ा चंचल चोर है। कटि कारी करधन है पड़ी, शीर्ष उसके पंखमोर है। टोली में हर घर में घुसे, माखन, दही खाता चुरा, मटकी में कुछ बचता नही, चारो तरफ ये शोर है।। मुरली मधुर मदमस्त बाजे, कालिंदी के तीर पर। आभा अद्भुत…

  • कृष्ण अवतारी | Krishna Avtari

    कृष्ण अवतारी ( Krishna avtari )    कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि प्यारी विष्णु बने कृष्ण रूप अवतारी वासुदेव देवकी सुत वो कहलाए बाबा नंद यशोदा घर बचपन पाए नटखट श्याम हुए गोवर्धन गिरिधारी दधी माखन की किए लीला प्यारी आगे आगे भाग रहे देखो कृष्ण मुरारी पीछे पीछे भागे मात यशोदा बेचारी ग्वाल बाल संग…