Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • डॉक्टर राधाकृष्णन : भारतीय दर्शन की साकार प्रतिभा
    विवेचना

    डॉक्टर राधाकृष्णन : भारतीय दर्शन की साकार प्रतिभा

    ByAdmin September 5, 2023September 5, 2023

    शिक्षा जगत में बढ़ते गिरावट से पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है। भारत के साथ ही पश्चिमी देशों में भी सामाजिक चिंतकों को यह सोचने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है कि इसी प्रकार युवा पीढ़ी में यदि अनुशासनहीनता, नशाखोरी , बाल अपराध बढ़ते रहे तो कौन उन्हें दिशा देगा ? क्या उन्हें अपने…

    Read More डॉक्टर राधाकृष्णन : भारतीय दर्शन की साकार प्रतिभाContinue

  • ज्ञान का दीप जलाते शिक्षक | Shikshak ke Upar Kavita
    कविताएँ

    ज्ञान का दीप जलाते शिक्षक | Shikshak ke Upar Kavita

    ByAdmin September 5, 2023

    ज्ञान का दीप जलाते शिक्षक ( GYan ka deep jalate shikshak )    उनकी महिमा का वर्णन मैं कैसे करूं, ज्ञान की रोशनी जिनसे मुझको मिली, जब कभी लड़खड़ाएं है मेरे कदम, सीख से उनकी हिम्मत है मुझको मिली । अपने ज्ञान की पावन गंगा से, सबको शीतल कर देते शिक्षक। जीवन की अंधेरी राहों…

    Read More ज्ञान का दीप जलाते शिक्षक | Shikshak ke Upar KavitaContinue

  • शिक्षक दिवस पर | Teachers Day Poem in Hindi
    कविताएँ

    शिक्षक दिवस पर | Teachers Day Poem in Hindi

    ByAdmin September 4, 2023

    शिक्षक ( Shikshak )    भटके हुए राही को मंजिल का रास्ता दिखाया उन्होंने, रोको न कदम बस बढ़ते रहो ये  सिखाया उन्होंने। अपनी ज्ञान की ज्योति से एक सभ्यता को वह बो‌ कर चले, कलम की धार से समाज के‌ प्रतिबिंब को पिरो कर चले, गलतियों को सुधार गलत को पनपने से बचाया उन्होंने,…

    Read More शिक्षक दिवस पर | Teachers Day Poem in HindiContinue

  • शिक्षा उपवन | Shiksha Upvan
    कविताएँ

    शिक्षा उपवन | Shiksha Upvan

    ByAdmin September 4, 2023September 4, 2023

    शिक्षा उपवन ( Shiksha upvan )    सुसंस्कारों के सौरभ से, शिक्षा उपवन महकता रहे ज्ञान सहज अवबोध , प्रयोग व्यवहार धरातल । निर्माण आदर्श चरित्र, भविष्य सदा उज्ज्वल । आत्म सात कर नूतन, पुरात्तन भाव चहकता रहे सुसंस्कारों के सौरभ से, शिक्षा उपवन महकता रहे ।। शिक्षण अधिगम ज्योत, दिव्यता अप्रतिम प्रसरण । तन…

    Read More शिक्षा उपवन | Shiksha UpvanContinue

  • शिक्षक देव | Shikshak dev
    कविताएँ

    शिक्षक देव | Shikshak dev

    ByAdmin September 4, 2023

    शिक्षक देव ( Shikshak dev )    शिक्षक ही है श्रोत ज्ञान का अनवरत दे रहा ज्ञान का दान बिना ज्ञान है व्यर्थ यह जीवन है यही जग मे कर्तव्य महान.. नासमझ से समझदार बनाकर शिक्षक अपना कर्तव्य निभाता आया आदर,सत्कार,सत्य,अहिंसा का भेद सदा सबको बतलाता आया…. देकर अल्प समय में ही सीख वह जीवन…

    Read More शिक्षक देव | Shikshak devContinue

  • Rajasthani Bhasha Poem
    कविताएँ

    सांवरियो आंगणिये आयो | Rajasthani Bhasha Poem

    ByAdmin September 4, 2023

    सांवरियो आंगणिये आयो ( Sanwariyo aanganiye aao )    सांवरियो आंगणिये आयो, जाग्या म्हारा भाग। सुखसागर बरसण लाग्यो,घट उमड़यो अनुराग। मनमंदिर म जोत जागी,घट म उजाळो दमक्यो। नैणां गिरधर री मूरत, किस्मत रो तारों चमक्यो। मिल्यो खजानों शबदां रो, सुरसत री महर होगी। सुरभित बणी केसर क्यारी, काया कंचन निरोगी। फूट पड़या गीता रां सुर,…

    Read More सांवरियो आंगणिये आयो | Rajasthani Bhasha PoemContinue

  • Poem On Time In Hindi
    कविताएँ

    Poem On Time in Hindi | वक्त

    ByAdmin September 4, 2023July 21, 2024

    वक्त ( Waqt )  ( 2 )  वक्त सिखा हि देता है घरौंदे की कारीगरी झुक जाती है अकड़, भूल जाती है दादागिरी हो जाते हैं हौसले पस्त, रोज की बदनामी से टूट जाता है परिवार भी, रोज की मारामारी से उठता ही नहीं सर कभी, किसी भले के आगे पुरखे भी रहते सदमे में,…

    Read More Poem On Time in Hindi | वक्तContinue

  • बेटी उर्फ नारी | Beti urf Nari
    कविताएँ

    बेटी उर्फ नारी | Beti urf Nari

    ByAdmin September 4, 2023September 4, 2023

    बेटी उर्फ नारी ( Beti urf nari )    बेटी बनकर वह बाबुल घर आई राखी बांध भैया की बहना कहलाई दादा ,दादी , ताऊ और ताई सबकी मानो थी वो सबकी एक परछाई.. फिर छोड़ पिता का घर बेटी ने दुल्हन बनकर आई पिया के संग कितने ही स्वप्न सजा आई गुड़िया लिए जोश…

    Read More बेटी उर्फ नारी | Beti urf NariContinue

  • शेरू | Sheroo
    कहानियां

    शेरू | Sheroo

    ByAdmin September 4, 2023

    रात्रि के 11:00 बजे की घंटी बज चुकी थी फिर भी शेर अभी हिसाब मिलने में व्यस्त था । उसे अभी-अभी चिंता सता रही थी कि कहीं होटल बंद ना हो जाए । पेट में चूहे कूद रहे थे लेकिन क्या करें पापी पेट के लिए क्या-क्या नहीं करना पड़ता। तभी एक ग्राहक और आ…

    Read More शेरू | SherooContinue

  • Beti Maa ki Parchai
    कविताएँ

    बेटी मां की परछाई | Beti Maa ki Parchai

    ByAdmin September 4, 2023

    बेटी मां की परछाई ( Beti maa ki parchai )    मां की तरह, मीठी मीठी बातें करती। घर आंगन महका देती, नन्हे नन्हे हाथों से, ला रोटी पकड़ा देती। एक रोज जो साड़ी पहनी, मां जैसी वो लगने लगी, सच कहूं तो बिटिया मेरी, अपनी मां की परछाई है। कुछ मन का न हो…

    Read More बेटी मां की परछाई | Beti Maa ki ParchaiContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 388 389 390 391 392 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search