• अंधविश्वास | Andhvishwas

    सुनीता को कई दिनों से सिर दर्द कर रहा था। एक दिन तो वह बेहोश हो गई। उसका पति शहर कमाने गया हुआ था। घर में उसकी सासू जेठ जेठानी आदि थे। उन्होंने सोचा कि इसको कोई भूत प्रेत का साया लग गया है इसलिए एक ओझा के पास गांव में ले गए। उसने भी…

  • स्वतंत्र है अब हम | Swatantrata Hai ab Hum

    स्वतंत्र है अब हम ( Swatantrata hai ab hum )    पूर्ण स्वतंत्र है अब हम स्वतंत्रता दिवस है आया, हर्ष,उल्लास, देशभक्ति का रंग फिज़ा में छाया। आजाद वतन के वास्ते वीरों ने अपना खून बहाया, तोड़ गुलामी की जंजीरें आज़ाद वतन बनाया। पृथक भाषा, पृथक जात, पृथक बोलते है बोलियां, स्वतंत्र देश को करने…

  • देशभक्त है हम भारत के | Desh Bhakt hai Hum Bharat ke

    देशभक्त है हम भारत के ( Desh bhakt hai hum bharat ke )    हिम्मत व हौंसला रखतें है हम भारतीय नौजवान, इसी का नाम है ज़िन्दगी चलते-रहते वीर जवान। निराशा की कभी ना सोचते और नहीं खोते आस, सिर‌ ऊपर पानी बह जाएं चलते रहते सीना तान।। धरा को माता कहते है हम पिता…

  • संत गंगादास | वह संत जिसने लक्ष्मीबाई को मुखाग्नि दी

    कहा जाता है कि संतों का राजकाज से क्या नाता? परंतु कुछ विरले संत ऐसे भी होते हैं जो अपने कार्यों के द्वारा राजसत्ता को भी पलट सकते हैं । संत गंगा दास जी ऐसे ही संत थे। जिन्होंने जहां एक तरफ जनमानस को अपनी वाणी के द्वारा जागृति प्रदान की वहीं अपनी लेखनी के…

  • देश में | Desh Mein

    देश में ( Desh Mein )    प्यार के हर घड़ी गुल खिले देश में बस अमन प्यार हर पल रहें देश में हो मुबारक आजादी सभी को सदा एकता की ताक़त बस बने देश में मुख पर जय हिंद जय हिंद जय हिंद हो ये ही आवाज़ यारों उठे देश में नाम रोशन हमेशा…

  • अवशेषी पुस्तिका | Avsheshi Pustika

    अवशेषी पुस्तिका ( Avsheshi Pustika )   ना सारांश ना ही उद्धरण; ना प्रतिमान ना ही प्रतिच्छाया छोटी सी स्मृति भरी अशुद्ध संवेदी अवधारणा हूँ… अप्रचलित परिच्छेदों; त्रुटियों से पूर्ण परित्यक्ता कही जाने वाली अधुरी सी गूढ़ कहानी हूँ… मेरे घटिया शब्दों के प्रत्युत्तर में तुम्हारी सभ्य खामोशी के अर्थ ढूँढने की कोशिश करती सस्ती…

  • तिरंगा | Poem on Tiranga

    तिरंगा ( Tiranga )    फहर फ़हर फहराए तिरंगा भारत की शान बढ़ाए तिरंगा वतन का गौरव गान तिरंगा हम सबका अभिमान तिरंगा अमर शहीदों का बलिदान तिरंगा वीर सपूतों का स्वाभिमान तिरंगा वतन की आन बान शान तिरंगा जन गण मन का है जान तिरंगा राष्ट्र धर्म का मेरे सम्मान तिरंगा उज्वल भविष्य की…

  • झंडा फहरायें | Jhanda Fahraye

    झंडा फहरायें! ( Jhanda fahraye )   स्वतंत्रता दिवस फिर आया रे ! चलो झंडा फहरायें।              झंडा फहरायें और  झंडा लहरायें, (2) एकता की ज्योति जलायें रे ! चलो  झंडा फहरायें।             शहीदों के पथ पर आओ चलें हम,             जान हथेली  पर लेकर  बढ़ें  हम। जोश  लहू  का  दिखाएँ  रे !  चलो  झंडा …

  • मेरी माटी मेरा देश | Meri Maati mera Desh

    मेरी माटी मेरा देश ( Meri maati mera desh ) (1) देश हमारा जैसे गंगा सागर अति पावन इसकी माटी है देवों की भी यह मानस माता बंधुत्व भाव ही दिखलाती है गंगा जमुना और सरस्वती की संगम तट पर बहती नित धारा है सांझ सकरे सिंधु चरण पखारे कश्मीर मुकुट सा लगता प्यारा है…

  • बंटवारा | Batwara

    ( स्वातंत्रता दिवस विशेष ) लगभग 100 वर्ष पूर्व की बात है भारत पाकिस्तान और बांग्लादेश तीन भाई थे। वे सभी बड़े प्रेम से रहा करते थे। आपस में कोई मनमुटाव होता तो आपसी बातचीत से सुलझा लेते थे। यह प्रेम कुछ दुष्ट प्रवृत्ति के लोगों को देखीं नहीं जा रही थी। तीनों शरीर से…