• नोचे वही वरक़ | Noche Wahi Varak

    नोचे वही वरक़ ( Noche wahi varak )   बाक़ी हुरूफ़ जो ये मेरी दास्तां के हैं अहसान यह भी मुझ पे किसी मेहरबां के हैं रह रह के बिजलियों को है इनकी ही जुस्तजू तिनके बहुत हसीन मेरे आशियां के हैं क़ुर्बानियाँ शहीदों की भूले हुए हैं लोग गुमनाम आज नाम उन्हीं पासबां के…

  • इश्क़ का कर्जा | Ishq ka Karz

    इश्क़ का कर्जा ! ( Ishq ka karz )    अपनी लौ से तपाए ये कम तो नहीं, आए गाहे – बगाहे ये कम तो नहीं। सुर्ख होंठों से मिलता रहे वो सुकूँ, दूर से ही पिलाए ये कम तो नहीं। मेरे तलवों से कितने बहे हैं लहू, आ के मरहम लगाए ये कम तो…

  • अभाव | Abhaav

    अभाव ( Abhaav )   अंधेरा न होता तो सवेरा न होता होता न दिन तो रात भी न होती यही तो है सच्चाई भी जीवन की होता सबकुछ तो कुछ भी न होता.. न होती किसी को जरूरत किसी की न किसी को किसी की पहचान होती न होती भूख किसी को न प्यास…

  • दिल में शोले उठे हैं यहां | Dil Chune wali Shayari

    दिल में शोले उठे हैं यहां ( Dil mein shole uthe hai yahan )    इश्क में लुट चुके है यहां दिल में शोले उठे हैं यहां घेर ली है ज़मीं कांटों ने फूल कब खिल सके हैं यहां सब फरेबी निकलते हैं लोग सोच से सब परे हैं यहां दौलतें शोहरतें देखकर लोग इज़्ज़त…

  • मन | Man

    मन ( Man )    मन की अशुद्धता मे प्रीत नही होती मन की चंचलता मे जीत नही होती मन की व्याकुलता मे गीत नही होती मन की अस्थिरता मे संगीत नही होती मन एक मध्य की स्थिति है ज्ञान भाव से परे की प्रवृत्ति है रंग,रूप,स्पर्श आदि से प्रभावित है मन सब के लिए…

  • चौबीस से पहले | 2024 se Pahle

    चौबीस से पहले ( Chaubis se pahle )   न जाने कितने बनेगे मणीपुर? बंगाल बिहार राजस्थान मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ भी! मेवात नोएडा नूह बनेगे नये समूह… होने जो हैं चुनाव कुछ सूबों और केन्द्र के बचे हैं दिन मुश्किल के तैयारियां तो करनी पड़ेगी ना लड़ाओ बांटो उलझाओ समस्याओं को ना सुलझाओ बढ़ने दो यूँ…

  • प्यार के गुल खिले है यहाँ | Pyar ke Gul

    प्यार के गुल खिले है यहाँ ? ( Pyar ke gul khile hai yahan )    प्यार के गुल खिले है यहाँ ? नफ़रत की बू घटे है यहाँ उम्रभर एक लड़की से हम प्यार करते रहे है यहाँ हाथ किससे मिलाऊँ भला दोस्त दुश्मन बने है यहाँ कौन महफूज़ है अब भला देखिये घर…

  • जवानी का मौसम | Jawani ka Mausam

    जवानी का मौसम! ( Jawani ka mausam )    कटेगा सुकूँ से सफर धीरे -धीरे, होगी खबर उसको मगर धीरे-धीरे। मोहब्बत है जग की देखो जरुरत, उगने लगे हैं वो पर धीरे-धीरे। उबलने लगा अब अंदर का पानी, चलाएगी खंजर मगर धीरे-धीरे। आठों पहर मेरे दिल में वो रहती, लड़ेगी नजर वो मगर धीरे-धीरे। जवानी…

  • यह गोल-गप्पे | Gol-gappe

    यह गोल-गप्पे ( Yah gol-gappe )    गोलगप्पे का नाम सुनकर ये मुॅंह में पानी आ जाता, चाहें राजा हो या रंक मन की कलियां खिल जाता। गली-मौहल्ले चौराहों पर ये आसानी से मिल जाता, अगर घर में कोई लाए तो पटरानी ख़ुश हो जाता।।   आटा और मैदा से इसके लिए पूरियां बनाया जाता,…

  • कम लोग हैं ऐसे | Kam Log hain Aise

    कम लोग हैं ऐसे ( Kam log hain aise )    ख़ुदा मानें जो उल्फ़त को बहुत कम लोग हैं ऐसे करें जो इस इबादत को बहुत कम लोग हैं ऐसे न हिन्दू कोई ख़तरे में न मुस्लिम को है डर कोई जो समझें इस सियासत को बहुत कम लोग हैं ऐसे शिवाले में जो…