इक पल | Ik Pal
इक पल ( Ik pal ) वक्त के गुबार से निकला हुआ अधूरे अधजले ख्वाबों की खाक में लिपटा हुआ वो इक ‘पल’ रूबरू आ गया हो जैसे… खुद ही उसकी राख उतार खारे पानी से धो संवारकर संजोकर संभाल कर उस इक ‘पल’ को अब कई बार जी जाना है मुझे लेखिका…
इक पल ( Ik pal ) वक्त के गुबार से निकला हुआ अधूरे अधजले ख्वाबों की खाक में लिपटा हुआ वो इक ‘पल’ रूबरू आ गया हो जैसे… खुद ही उसकी राख उतार खारे पानी से धो संवारकर संजोकर संभाल कर उस इक ‘पल’ को अब कई बार जी जाना है मुझे लेखिका…
कभी कभी ( Kabhi kabhi ) कभी कभी ही होता है दिल बेचैन इतना कभी कभी ही उठता है ज्वार सागर मे कभी कभी ही होती है बारिश मूसलाधार कभी कभी ही आते हैं ख्याल इंतजार मे… कभी कभी ही चांद निकला है ओट से कभी कभी ही होता है एहसास गहरा कभी कभी…
मोक्ष की ओर बढ़ें! ( Moksh ki ore badhen ) हे ! उसकी कृपा बरसे, दुनिया सदा हरषे। आकर के जग में, प्रभु की शरण में, मोक्ष की ओर बढ़ें। हे! उसकी कृपा बरसे, दुनिया सदा हरषे। साँसों के तारों से, जीवन की धारों से, मिलके जहां से चलें । हे ! उसकी कृपा…
ग़लती हमारी थी ( Galti hamari thi ) हुआ जो हादसा ए इश्क़ वो गलती हमारी थी खड़ी सरकार के हक़ में लड़ी आवाम सारी थी। लगेंगी तोहमतें हम पर बहुत ये इल्म़ था हमको वही अच्छे वही सच्चे हमें ये जानकारी थी। वफ़ा करके भी हम हरदम खटकते हैं नज़र में क्यूं यही…
स्वप्न ( Swapan ) घरों से दूर होते तो कोई बात न होती हम तो आज दिलों से ही दूर जा रहे हैं ललक तो सभी को है कुछ कर गुजरने की मगर करना है क्या सही,ये ही भूले जा रहे हैं समझ बैठे हैं खुद को ही ,अफलातून हम जीत की होड़ मे,बुजुर्ग…
स्वीकार नहीं ( Sweekar nahin ) सुमन सरीखी याद तुम्हारी, केवल यूँ हीं स्वीकार नहीं। इस एक धरोहर के सम्मुख ,जँचता कोई उपहार नहीं।। तेरे गीतों को गाने से ,यह हदय कमल खिल जाते हैं। तन्हाई की परछाईं में ,हम तुम दोनों मिल जाते हैं । बातें होती हैं नयनों से ,जब अधर-अधर सिल…
रोज खाएं मेथी दाना ( Roj khaye methi dana ) रोज़ सुबह-सुबह खाना है खाली पेट मैथी का दाना, कई बीमारियों की रोकथाम के लिये ये है खज़ाना। भारत के सभी प्रान्तों में जिसकी खेती किया जाता, आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने जिसको औषधि माना।। खाली पेट खानें से जिससे यह मेटाबॉलिज्म बढ़ता, इन्सुलिन निर्माण होता…
बेकरार ( Bekarar ) ये दुनिया इतनी आसानी से न तुझे समझ आएगी, प्यार भी करेगी तुझसे और तुझ को ही रुलाएगी! बेकरार दिल की धड़कनों में शामिल करके तुझे दिल के तेरे जज्बातों को ही नामुनासिब ठहराएगी! ख्यालों को तेरे बेसबब यह दुनिया साबित कर एक दिन प्रश्नों से कटघरे में तुझको फसाएगी!…
बहुत कम दिन हुए यारों ( Bahut kam din hue yaron ) अभी उनको भुलाए दिन बहुत कम दिन हुए यारों मुहब्बत आजमाए दिन बहुत कम दिन हुए यारों। जरा सी है ख़लिश बाकी ज़रा बाकी निशां उनके उन्हें दिल से हटाए दिन बहुत कम दिन हुए यारों। परिंदा सीख लेगा जल्द ही उड़ना…
हास्य भरी प्रेम कहानी ( Hasya bhari prem kahani ) नाम था रमीला प्यार से कहता था रम्मी, कल पता चला वो है तीन बच्चों की मम्मी। छोटे नन्हे मुन्ने ने पकड़ कर रखा था हाथ, देखा था उसे बाजार में तीन बच्चों के साथ। इस कदर हुआ था उसके प्यार में गुमशुदा, जिसे…