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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Pavan Bhumi
    कविताएँ

    धन्य धन्य पावन भूमि | Pavan Bhumi

    ByAdmin April 13, 2023

    धन्य धन्य पावन भूमि ( Dhanya dhanya pavan bhumi )   कल कल पावन गंगाधारा हिम शिखर लगे प्यारा धन्य धन्य मां भारती धन्य धन्य भारतवर्ष हमारा सदा लूटाती स्नेह धारा मां ममता की मूरत सारी आशीषो से झोली भरती जननी जन्मभूमि प्यारी धन्य धन्य वीर प्रसूता प्राण न्योछावर कर जाते धन्य लाल भारतमाता तेरे…

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  • Mahakal Kavita
    कविताएँ

    भुजंग भूषण कैलाशपति | Mahakal Kavita

    ByAdmin April 12, 2023

    भुजंग भूषण कैलाशपति ( Bhujang Bhushan Kailashpati )    तेरे दर पर शीश नवाता बाबा तेरे मंदिर जाता हूं लोटा भर के जल चढ़ाऊं अर्पण करने आता हूं तेरा नाम जपूं निशदिन बाबा तेरा ध्यान लगाता हूं मंझधार में डूबी नैया शिव दिल का हाल सुनाता हूं हे कैलाशी तू अविनाशी शिव नीलकंठ महादेव डमरू…

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  • Patthar ki Murat
    कविताएँ

    कोई पत्थर की मूरत है | Patthar ki Murat

    ByAdmin April 12, 2023

    कोई पत्थर की मूरत है ( Koi patthar ki murat hai )    कोई पत्थर की मूरत है किसी पत्थर में मूरत है। कैसा शहर है दिलों का ये पत्थर खूबसूरत है। कोई पत्थर दिल होता है कोई पत्थर को पूजे है। कोई पथरीले नयनों से देखके अपनों को पूछे हैं। कोई पत्थर को सजाते…

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  • Jyotiba Phule
    कविताएँ

    महात्मा ज्योतिबा फुले | Jyotiba Phule par Kavita

    ByAdmin April 11, 2023November 28, 2023

    महात्मा ज्योतिबा फुले ( Mahatma Jyotiba Phule )  ( 2 )  शिक्षा की मशाल जलाए महात्मा फुले, सुख-समृद्धि की राह दिखाए महात्मा फुले। सत्य शोधक समाज का वो किए तब गठन, क्रान्तिकारी विचार भी लाए महात्मा फुले। संत कबीर, संत तुकाराम से थे वो प्रभावित, गुर्बत में फूल खिलाए महात्मा फुले। महिलाओं को दिलाये शिक्षा…

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  • Chaitra Mass par Kavita
    कविताएँ

    अद्भुत आता चैत्रमास | Chaitra Mass par Kavita

    ByAdmin April 11, 2023

    अद्भुत आता चैत्रमास ( Adbhut aata chaitra maas )   हिंदूवर्ष का प्रथम मास यह नववर्ष का आगाज है। अद्भुत आता चैत्रमास जब उमंग भरा सरताज हैं। नव दुर्गा नवरात्रि पूजन से भक्ति के दीप जलाते हैं। रामचंद्र का राजतिलक को रामनवमी हम मनाते हैं। व्यापारिक लेखा-जोखा मंगलकारी होते शुभ काज। वसंत ऋतु छाई रहती…

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  • Poem Muskurana
    कविताएँ

    सीख लिया है मुस्कुराना | Poem Muskurana

    ByAdmin April 11, 2023

    सीख लिया है मुस्कुराना ( Seekh liya hai muskurana )   हमने भी अब सीख लिया है यारों अब मुस्कुराना, चाहें आएं कई परेशानी मेहनत से जी ना चुराना। नज़र-अंदाज़ करना एवं बेमतलब बातें न बनाना, गीत ख़ुशी के गाना है अब किसी से ‌ना घबराना।। कम खाना एवं गम पी लेना बातें हज़म कर…

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  • Man Maleen
    कविताएँ

    निंदा से मन मलीन | Man Maleen

    ByAdmin April 10, 2023April 10, 2023

    निंदा से मन मलीन ( Ninda se man maleen )    करना चाहो जगत में पुण्य के सब काम करो। निंदा करके तुम खुद को यूं ना बदनाम करो। क्यों मन मलीन करते हो क्या ठहरा पानी है। निंदा करना नीचता की बस एक निशानी है। क्यों कलह करते हो तुम खड़ी दीवार ढहाते हो।…

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  • Satat Vidhrohi
    कविताएँ

    सतत विद्रोही | Satat Vidrohi

    ByAdmin April 10, 2023April 13, 2023

    सतत विद्रोही ( Satat Vidrohi )  सतत् विद्रोही-मैं सतत्,सनातन, निरपेक्ष, निर्विकार, निर्भीक’ विद्रोही’ मैंने गान सदा, सत्य का ही गाया धन- यश, वैभव, सत्ता सुंदरी का आकर्षण मेरे मन को तनिक डिगा नहीं पाया… धन -कुबेरों की अट्टालिकाओं को देख मेरा हृदय कभी नहीं अकुलाया क्रांतिवीरों के यशोगान में ही मैंने जीवन का सब सुख…

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  • Gadbad Jhala par Kavita
    कविताएँ

    बहुत गड़बड़ झाला है | Gadbad Jhala par Kavita

    ByAdmin April 10, 2023

    बहुत गड़बड़ झाला है ( Bahut gadbad jhala hai )   थम सी गई आज हमारी ज़िन्दगी और ख़ामोश है सभी की ज़ुबान। छाया धरती पर यह कुदरत कहर आया जो ऐसा ये कोरोना शैतान। लगता बहुत गड़बड़ झाला है और महासंग्राम होने वाला है।।।। कहते है हवा में भी आज है ज़हर बचा नही…

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  • Manav par Kavita
    कविताएँ

    मानव एक दूत है | Manav par Kavita

    ByAdmin April 10, 2023

    मानव एक दूत है ( Manav ek doot hai )    रचकर भेजा है इस धरती पर मानव एक दूत है। नीली छतरी वाला बैठा उसकी माया अद्भुत है। वो डोर हिलाता सबकी सांसो की सरगम सुनता। बाजीगर के खेल निराले ताना-बाना सब बुनता। मानव को माध्यम बनाया धर्म-कर्म सब काज करें। दो हाथों से…

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