• कलरव | Karlav par Kavita

    कलरव ( Karlav )   आज मनवा चहक रहा है चमन सारा महक रहा है। खिल गई कलियां सारी आंगन सारा चहक रहा है। डाल डाल पे पंछी कलरव कोयल कूक रही प्यारी। वृक्ष लताएं सब लहराई उमंगों भरी कलियां सारी। तितली उड़ती भंवरे गाते मनमयूरा झूमके नाचे। पंछी परवाज मौज भरे पुष्प मोहक उपवन…

  • बनारस | Banaras par Kavita

    बनारस ( Banaras )   (भाग -1)   भोले का दरबार बनारस, जीवन का है सार बनारस। विश्व मशहूर सुबह-ए-बनारस, देखो अस्सी घाट बनारस। संस्कृति का श्रृंगार बनारस, मुक्ति का है द्वार बनारस। होता है अध्यात्म का दर्शन, भक्ति का संसार बनारस। प्रथम सभ्यता का उद्गम, तीर्थों का है तीर्थ बनारस। है त्रिशूल पे टिकी काशी,…

  • जगरगुंडा कुण्डेर बेदरे | Jagargunda par Kavita

    जगरगुंडा कुण्डेर बेदरे ( Jagragunda Kunder Bedre )   अच्छे-अच्छो के छूट जाते है केवल नाम से पसीने, नक्सलियों का गढ़ है ये जगरगुंडा कुण्डेर व बेदरे। घना यह जंगल एवं जंगली जानवर चीते शेर पेंथरे, हर कदम‌ ख़तरा रहता है नक्सली रचते नये पेतरे।। न सड़क है न बिजली ना स्कूल नेटवर्क अस्पताल, रेंगते…

  • क्षमा | Poem in Hindi on Kshama

    क्षमा ( Kshama )  रूपहरण घनाक्षरी   दया क्षमा हो संस्कार, सदाचार और प्यार। परोपकार गुण को, घट नर ले उतार। व्यक्तित्व को चार चांद, यश कीर्ति हो अपार। क्षमा बड़ों का गहना, भव सागर दे तार। बड़े वही जगत में, छोटों को करते माफ। तारीफ में ताकत है, परचम ले विस्तार। क्षमा वीरों को…

  • सोचा कोई गीत लिखूंगी | Poem Socha koi Geet Likhungi

    सोचा कोई गीत लिखूंगी ( Socha koi geet likhungi )    सोचा कोई गीत लिखूंगी फिर से आज अतीत लिखूंगी। निश्चल भाव समर्पित मन हो ऐसी कोई प्रीत लिखूंगी स्वर्णिम भोर सुहानी रातें वह मधुसिक्त रसीली बातें दंभ और अभिमान नहीं था होती खुशियों की बरसातें ऋतुओं सा परिवर्तित कैसे हुआ वही मनमीत लिखूंगी। सोचा…

  • जय हनुमान | Hanuman Ji par Kavita

    जय हनुमान! ( Jai Hanuman )    आओ करें हनुमान की बातें, आओ करें श्रीराम की बातें। कैसे जली वो सोने की लंका, आओ करें उस दशानन की बातें। जनकनंदनी को रावण हरा था, बन करके साधु देखो छला था। चुरा करके सीता बला उसने पाली, आओ करें संग्राम की बातें। सीता का हनुमान पता…

  • प्यारे राम | Poem on Shree Ram

    प्यारे राम ( Pyare Ram )  हरिहरण घनाक्षरी आराध्य हमारे राम, जन जन प्यारे राम। दीन रखवारे राम, भजे राम राम सब। कौशल्या के तारे राम, दशरथ प्यारे राम। सबके सहारे राम, आओ मेरे राम अब। सीताराम सीताराम, रघुपति राजा राम। अवध विराजे राम, पीर हरे राम सब। दीनबंधु दुखहर्ता, दया सिंधु प्यारे राम। जग…

  • किसानों की उम्मीद | Poem in Hindi on Kisan

    किसानों की उम्मीद  ( Kisano ki umeed )    प्रीति में चूक ना इनके अब, उम्मीद का दीप जले कब तक जीवन बरसे तरसे जीवन, नभ में ना मेघ घटे अब तक हे नाथ अनाथ करहु ना अब, जीवन तो शेष रहे जब तक जल ही जल है जल थल नभ में, हम फिर भी…

  • मैं तो यहां हूं और तुम कहां हो | Main to Yahan Hoon

    मैं तो यहां हूं और तुम कहां हो ( Main to yahan hoon aur tum kahan ho )    मैं तो यहां हूं और तुम कहां हो मै दरिया हूं तुम बहती हवा हो कविता का शहर मेरा रोशन सारा है तुझ संग चांद सा दमकता सितारा है मैं तो यहां हूं और तुम कहां…

  • कविता का शहर मेरा | Kavita ka shahar

    कविता का शहर मेरा ( Kavita ka shahar mera )    कविता का शहर मेरा सुंदर सा प्यारा है। शब्द शब्द मोती सजते गुलजार सारा है। भावों की धार बहती सुखनवर न्यारा है। शिल्पी वाणी साधक सुदर्शन सितारा है। गीत गजल दोहा मुक्तक गीतों की फुहार है। छंद सोरठा चौपाई कविता की रसधार है। अलंकार…