Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Bundelkhand ka Kedarnath
    कविताएँ

    बुंदेलखंड का केदारनाथ | Kavita Bundelkhand ka Kedarnath

    ByAdmin February 19, 2023

    बुंदेलखंड का केदारनाथ ( Bundelkhand ka Kedarnath)   गोमुख से बहता पानी जब शिवलिंग का अभिषेक करें जैसे गंगा शिवलिंग का, नतमस्तक हो अभिषेक करें प्रकृति से घिरा वह हरा भरा शिव स्वयं ही आकर यहाँ बसे है कुंड सदा पानी से भरा सर्दी में गर्म और गर्मी में सर्द वातावरण के विपरीत मिले ऐसा…

    Read More बुंदेलखंड का केदारनाथ | Kavita Bundelkhand ka KedarnathContinue

  • Poem Ek Nagma Pyar ka
    ग़ज़ल

    एक नगमा प्यार का | Poem Ek Nagma Pyar ka

    ByAdmin February 19, 2023July 5, 2023

    एक नगमा प्यार का ( Ek nagma pyar ka )    आ गए तो रस्म़ महफ़िल की निभाते जाइए एक नग़मा प्यार का सबको सुनाते जाइए। कौन है क्या कह रहा अब फ़िक्र इसकी छोड़िए मुस्कुराकर दिल रक़ीबों का जलाते जाइए। दो जहां को छोड़ दें हम आपकी ख़ातिर सनम है फ़क़त ये शर्त की…

    Read More एक नगमा प्यार का | Poem Ek Nagma Pyar kaContinue

  • Poem Pyar ki Khushboo
    कविताएँ

    आओ बिखेरे प्यार की खुशबू | Poem Pyar ki Khushboo

    ByAdmin February 19, 2023

    आओ बिखेरे प्यार की खुशबू ( Aao bikhere pyar ki khushboo )     प्यार सब को ही जोड़ता है, नही किसी को ये तोड़ता है। आओ बिखेरो प्यार ख़ुशबू, नही रखो अपना कोई शत्रु।। प्यार के होते अनेंक प्रकार, इसी से चलता यह संसार। हमने प्यार में गुजार दिये, कई दिन, महिनें और साल।। क्यों…

    Read More आओ बिखेरे प्यार की खुशबू | Poem Pyar ki KhushbooContinue

  • Shivaji Maharaj par Kavita
    कविताएँ

    छत्रपति वीर शिवाजी | Shivaji Maharaj par Kavita

    ByAdmin February 19, 2023

    छत्रपति वीर शिवाजी ( Chhatrapati Veer Shivaji )    पूरी ज़िन्दगी करता रहा वह संघर्ष वीर मराठा, नाम था जिसका छत्रपति शिवाजी महाराजा। महान उनको बनानें में समर्थ रामदास के हाथ, दुःख दर्द अपनी प्रजा का ये राजा ही समझा।। दादा कोणदेव के संरक्षण में ली विद्या अपार, माॅं जिजाऊ मार्गदर्शन से मिला धर्म-संस्कार। महाराणा…

    Read More छत्रपति वीर शिवाजी | Shivaji Maharaj par KavitaContinue

  • Poem Ghar ki Izzat
    कविताएँ

    घर की इज्जत | Poem Ghar ki Izzat

    ByAdmin February 19, 2023

    घर की इज्जत ( Ghar ki Izzat )   यश कीर्ति किरदार बने हम घर खुशहाली मची रहे। प्यार और सद्भावो से खुशियों की घड़ियां जची रहे। घर की इज्जत बची रहे मान और सम्मान वैभव पुरखों की धरोहर है पावन। मिले बड़ों का साया सदा आशीष बरसता रहे सावन। रिश्तो में मधुरता घोले घर…

    Read More घर की इज्जत | Poem Ghar ki IzzatContinue

  • Poet Ramakant Soni on Akashvani Jaipur
    साहित्यिक गतिविधि

    आकाशवाणी जयपुर से कवि रमाकांत सोनी ने दी  काव्य प्रस्तुतियां

    ByAdmin February 18, 2023February 22, 2025

    साहित्यकार रमाकांत सोनी ने राजस्थानी भाषा में प्रस्तुतियां दी नवलगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार रमाकांत सोनी सुदर्शन ने प्रसार भारती जयपुर में राजस्थानी भाषा में आकाशवाणी पर आठवीं बार प्रस्तुतियां दी। कवि ने सुरसत माता बेगी आज्या, मदमातो मुळकतो बसंत आयो,बरगदां री छाया, धोरां री आ धरती म्हारी, तंबाकू तेर कारण इत्यादि समसामयिक विषयों पर रचनाएं…

    Read More आकाशवाणी जयपुर से कवि रमाकांत सोनी ने दी  काव्य प्रस्तुतियांContinue

  • Kavita Bhole Bhandari
    कविताएँ

    भोले भंडारी हम तेरे भिखारी | Kavita Bhole Bhandari

    ByAdmin February 18, 2023

    भोले भंडारी हम तेरे भिखारी ( Bhole bhandari hum tere bhikhari )    दर्शनों को हम भटक रहें बाबा बनकर के भिखारी, कृपा करों त्रिलोकीनाथ अब सुध लो आप हमारी। रोज़ सवेरे निकलते है खोज करनें को हम तुम्हारी, दर्शन तो अब दो बाबा तबीयत ठीक ना है हमारी।। निराश ना करना मेरे नाथ में…

    Read More भोले भंडारी हम तेरे भिखारी | Kavita Bhole BhandariContinue

  • Kavita Bin Thokar ke
    कविताएँ

    बिन ठोकर के अक्ल न आती | Kavita Bin Thokar ke

    ByAdmin February 18, 2023February 18, 2023

    बिन ठोकर के अक्ल न आती ( Bin thokar ke akal nahi aati )    गुरु का डंडा और राह की ठोकर, दोनों दरवाजे कामयाबी खोलती। जिस जिसको भी लगा यह दोनों, उसे मंजिल तक पहुँचाकर रहती।। बदल ही जाती तकदीर सभी की, कलम फिर सरपट चलने लगती। तलाश ना करो तुम मुस्कराने की, बिन…

    Read More बिन ठोकर के अक्ल न आती | Kavita Bin Thokar keContinue

  • Poem in Hindi on Mahashivratri
    कविताएँ

    महाशिवरात्रि | Poem in Hindi on Mahashivratri

    ByAdmin February 18, 2023

    महाशिवरात्रि ( Mahashivratri )    ज्योतिर्लिंग की महिमा है न्यारी, भोले शंकर के हम हैं पुजारी। महाशिवरात्रि के महापर्व पर, जलाभिषेक की परम्परा हमारी। तन पर भस्म सुशोभित होती, गले में सर्प की माला सजती। माथे पर चंदा लगता है अच्छा, जटा से गंगा की धारा बहती। शिवलिंग पऱ बेल- पत्र चढ़ाते, केसर, धतूर, दूध…

    Read More महाशिवरात्रि | Poem in Hindi on MahashivratriContinue

  • Mahashivratri par Kavita
    कविताएँ

    महाशिवरात्रि | Mahashivratri par Kavita

    ByAdmin February 18, 2023September 21, 2024

    महाशिवरात्रि ( Mahashivratri )  ( 2 )  शिव शंकर~ कण-कण में व्याप्त भोले शंकर • सीधे सरल~ दुनिया के ख़ातिर पीया गरल • मन को मोहे~ गंगाधर के शीश चन्द्रमा सोहे • हे!भोलेनाथ~ भक्त तारणहार हे!दीनानाथ • अनन्त भक्ति~ महाशिवरात्रि में शिव ही शक्ति • निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान ( 1 )  बाबा हमारा है…

    Read More महाशिवरात्रि | Mahashivratri par KavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 493 494 495 496 497 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search