Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Dayanand Saraswati par Kavita
    कविताएँ

    महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती | Dayanand Saraswati par Kavita

    ByAdmin February 12, 2023February 12, 2023

    महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ( Maharishi Swami Dayanand Saraswati )    यें भी उन्नीसवीं शताब्दी के समाजिक सुधारक, महान देश-भक्त व आर्य समाज के संस्थापक। बचपन का नाम माता-पिता ने रखा मूलशंकर, देशप्रेम राष्ट्रीयता भावना भरा था कूट कूटकर।। १२ फरवरी १८२४ को जन्में राजकोट गुजरात, इनके पिता लालजी तिवारी माता यशोदा बाई। वेद-शास्त्र व‌…

    Read More महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती | Dayanand Saraswati par KavitaContinue

  • Poem Wo Ghamon Mein bhi Muskurati hai
    कविताएँ

    वह गमों में भी मुस्कुराती है | Poem Wo Ghamon Mein bhi Muskurati hai

    ByAdmin February 11, 2023

    वह गमों में भी मुस्कुराती है ( Wo ghamon mein bhi muskurati hai )   हंसकर कहकहा लगाती है गम अमृत समझ पी जाती है बहते नीरो को छिपा जाती है सुनकर भी सब दबा जाती है निष्ठा से फिर खड़ी हो जाती क्योंकि वह सब भाप जाती है शांति के लिए सह जाती है…

    Read More वह गमों में भी मुस्कुराती है | Poem Wo Ghamon Mein bhi Muskurati haiContinue

  • Safai par Kavita
    कविताएँ

    साफ सुथरा शहर को बनाया करो | Safai par Kavita

    ByAdmin February 11, 2023

    साफ सुथरा शहर को बनाया करो ( Saaf suthra shahar ko banaya karo )   साफ सुथरा शहर को, बनाया करो। आज प्रॉमिस डे में हमसे, वादा करो।। छोड़िए न सड़क पर, आवारा इन्हें अपने पशुओं को घर में ही पाला करो।। पूजते हो जिसे मां के जैसा ही तुम , गंदगी कर नदी को…

    Read More साफ सुथरा शहर को बनाया करो | Safai par KavitaContinue

  • Anhar par Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    अनहार | Anhar par Bhojpuri Kavita

    ByAdmin February 11, 2023

    “अनहार, दिया आऊर आस “ ( Anhar, diya aur aas )    दीया जला देहनी हऽ ओहिजा काहे से उहवा रहे अनहार जहवां से कइगो राही गुजरे जाने कब केहू उहवा जाए हार एगो, दुगो, तिन गो, नाही चार, उहवा से राही गुज़रेला हर बार मगर केहु न जाने किस्मत के कब कहवां के खा…

    Read More अनहार | Anhar par Bhojpuri KavitaContinue

  • Kavita Narayan ka Avatar Nari
    कविताएँ

    नारायणी का अवतार नारी | Kavita Narayan ka Avatar Nari

    ByAdmin February 11, 2023

    नारायणी का अवतार नारी ( Narayan ka avatar nari )    नारायणी का अवतार है नारी, देवताओं पर भी तू पड़ें भारी। तुम ही हो करूणा का ये रुप, सहनशील व अन्नपूर्णा स्वरुप।। तुमसे ही मानव जग में आया, धरती पर शान-शौकत पाया। जगत-जननी व कहलाती माँ, एक है धरती एवं दूसरी है माँ।। माॅं…

    Read More नारायणी का अवतार नारी | Kavita Narayan ka Avatar NariContinue

  • Kavita Maa Dwara Beti ko Shiksha
    कविताएँ

    माँ द्वारा बेटी को शिक्षा | Kavita Maa Dwara Beti ko Shiksha

    ByAdmin February 11, 2023

    माँ द्वारा बेटी को शिक्षा ( Maa dwara beti ko shiksha )    कई बार बिटियां का फ़ोन आता, ४ माह जिसकी शादी को हुआ। बिटियां को जब भी आती याद, फ़ोन करती वह आती जब याद।। माँ ने प्रेम से बेटी को समझाया, बार-बार फ़ोन ना करें बतलाया। अब बिटियां तुम्हारा वही है घर,…

    Read More माँ द्वारा बेटी को शिक्षा | Kavita Maa Dwara Beti ko ShikshaContinue

  • Chhand Aaya Basant Suhana
    छंद

    आया बसंत सुहाना | Chhand Aaya Basant Suhana

    ByAdmin February 10, 2023

    आया बसंत सुहाना ( Aaya basant suhana )   जलहरण घनाक्षरी   आया बसंत सुहाना, उपवन महका रे। झूम झूम नाचे गाते, सारे ठहर ठहर।   फागुन की मस्ती छाई, रूत ये सुहानी आई। मधुमास महकता, आया लहर लहर।   सरसों लहलहाई, मस्त चली पुरवाई। बहार ले अंगड़ाई, चली सहर सहर।   धमालो की थाप…

    Read More आया बसंत सुहाना | Chhand Aaya Basant SuhanaContinue

  • Pani par Kavita
    कविताएँ

    पानी | Pani Par Kavita

    ByAdmin February 10, 2023September 21, 2024

    पानी! ( Pani )  समुद्र की आँख से छलका पानी, घटा टूटकर बरसा पानी। बढ़ा नदी में प्रदूषण ऐसा, फूट-फूटकर रोया पानी। मानों तो गंगा जल है पानी, नहीं मानों तो बहता पानी। पत्थर,पहाड़,पानी की संतानें, जनम सभी को देता पानी। आदमी है बुलबुला पानी का, सबका बोझ उठाता पानी। बनकर गुच्छा बूँद का देखो,…

    Read More पानी | Pani Par KavitaContinue

  • Kavita Prem Diwani Beti
    कविताएँ

    प्रेम दीवानी बेटी के तर्कों का ज़बाब | Kavita Prem Diwani Beti

    ByAdmin February 10, 2023

    प्रेम दीवानी बेटी के तर्कों का ज़बाब ( Prem diwani beti ke tarike ka jawab )    बेशक तुमको हक है बेटी, अपना साथी चुनने का। बेशक तुमको हक है बेटी, सुंदर सपने बुनने का।। फूंकफूंक कर अब तक हमने, मुंह में कौर खिलाया है। अब तक जो भी चाहा तुमने, हमने वही दिलाया है।।…

    Read More प्रेम दीवानी बेटी के तर्कों का ज़बाब | Kavita Prem Diwani BetiContinue

  • Poem Hawaon Mein aa Gaye
    ग़ज़ल

    हवाओं में आ गए | Poem Hawaon Mein aa Gaye

    ByAdmin February 10, 2023July 5, 2023

    हवाओं में आ गए ( Hawaon mein aa gaye )   शोहरत मिली तो आज हवाओं में आ गए रिश्ते भुला के ख़ास ख़लाओं में आ गए। हमको नहीं मालूम हुआ कब ये वाकया कब ख़्वाब से सरकार दुआओं में आ गए। फ़िरऔन मेरा इश्क़ बनाने लगा उन्हें बुत के सनम वो आज़ ख़ुदाओं में…

    Read More हवाओं में आ गए | Poem Hawaon Mein aa GayeContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 500 501 502 503 504 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search