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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem on Tabassum
    कविताएँ

    तबस्सुम | Poem on Tabassum

    ByAdmin February 8, 2023

    तबस्सुम ( Tabassum )    तरोताजगी भर जाती तबस्सुम महफिल को महकाती तबस्सुम दिलों के दरमियां प्यारा तोहफा चेहरों पे खुशियां लाती तबस्सुम गैरों को अपना बनाती तबस्सुम रिश्तो में मधुरता लाती तबस्सुम खिल जाता दिलों का चमन सारा भावों की सरिता बहाती तबस्सुम घर को स्वर्ग सा सुंदर बनाती तबस्सुम सुंदरता में चार चांद…

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  • Nayan par Kavita
    कविताएँ

    नयन नीर भरा समंदर | Nayan par Kavita

    ByAdmin February 8, 2023February 8, 2023

    नयन नीर भरा समंदर ( Nayan neer bhara samandar )    टप टप नीर नैन सूं टपका ये भरा समन्दर हो जाता है। सागर के खारे पानी को आंखों का पता चल जाता है। खुशियों का सैलाब हृदय में उमड़ घुमड़कर आता है। नैन नीर भरी सरिता बहती भाव भरा मन हरसाता है।   टूट…

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  • Kavita shahid Fauji ka Beta
    कविताएँ

    शहीद फौजी का बेटा | Kavita shahid Fauji ka Beta

    ByAdmin February 8, 2023

    शहीद फौजी का बेटा ( Shahid fauji ka beta )    मैंरे पापा घर कब आएंगे माॅं, इतना मुझको बता दो माँ। रोज़ाना मैं पूछता हूॅं तुझको, क्यों नही मुझको बताती माँ।। होली पर भी नही आए पापा, मैंरे पिचकारी नही लाए पापा। अब तो आनें वाली है दिवाली, क्या नही आएंगे इस दिवाली।। मेंरे…

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  • Kavita Jeevan Paheli
    कविताएँ

    जीवन पहेली समान | Kavita Jeevan Paheli

    ByAdmin February 8, 2023

    जीवन पहेली समान ( Jeevan paheli saman )    ऐसा है हमारा यह जीवन का सफ़र, चलते ही रहते चाहें कैसी यह डगर। ख़ुद के घर में अतिथि बनकर जाते, गांव शहर अथवा वह हो फिर नगर।। गांवो की गलियां और हरे-भरे खेत, पूछती है हमसे यह दीवारें और रेत। कौन हो भाई और कहा…

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  • Geet Vidhi ke Vidhan
    गीत

    विधि के विधान का सम्मान करो | Geet Vidhi ke Vidhan

    ByAdmin February 7, 2023

    विधि के विधान का सम्मान करो ( Vidhi ke vidhan ka samman karo )   सूरज चांद सितारे कुदरत के सभी नजारे। पर्वत नदियां बहारें खिले चमन सभी प्यारे। खुशियों के दीप जला प्रेम मोती अधर धरो। जीवन में सुहानी सी उमंगों का संचार करो। विधि के विधान का सम्मान करो इठलाती बलखाती धारा कल-कल…

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  • Geet Sara Jeevan
    गीत

    सारा जीवन ही बीत गया | Geet Sara Jeevan

    ByAdmin February 7, 2023October 17, 2024

    सारा जीवन ही बीत गया ( Sara jeevan hi beet gaya )  सारा जीवन ही बीत गया , यह अश्रु-गरल पीते-पीते । जो भरे कलष समझे हमने ,वे मिले सभी रीते-रीते।। मत पूछो त्याग-तपस्या से,क्या जीवन को उपहार मिला। शापों से आहत गंगाजल, पीने को बारम्बार मिला। क्या जीत सके उन्मादों से , वो हार…

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  • Kavita Kalpana ki Udaan
    कविताएँ

    कल्पना की उड़ान | Kavita Kalpana ki Udaan

    ByAdmin February 7, 2023

    कल्पना की उड़ान ( kalpana ki udaan )    कभी लड़को पर ना करना गुरुर, ख़्याल रखें यही एक बात जरुर। लालन-पालन करके किया बड़ा, धूम-धाम से उसकी शादी किया।। बिटियाॅं पे कोई दिया नही ध्यान, कहतें रहें घर पर है बहुत काम। मांँ के संग तुम करना सब काम, पढ़ना नहीं ये लड़की का…

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  • Bachpan par Kavita
    कविताएँ

    बचपन की बातें | Bachpan par Hindi Poem

    ByAdmin February 7, 2023February 15, 2023

    बचपन की बातें ( Bachpan ki baatein )    बचपन के वह क्या दिन थें हमारे, हम थें ऐसे वह चमकने वाले तारें। रोने की वज़ह ना हंसने के बहाने, खुशियों के खज़ाने इतने थे प्यारे।। दादा एवं दादी वो नाना एवं नानी, भैया-भाभी पापा-मम्मी ये हमारे। बुआ फूफा फ़िक्र करते थे हमारी, बचपन में…

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  • Geet Bharosa aur Pyar
    गीत

    भरोसा और प्यार संजीवनी बूटी | Geet Bharosa aur Pyar

    ByAdmin February 6, 2023

    भरोसा और प्यार संजीवनी बूटी ( Bharosa aur pyar sanjeevani booti )    खुद पर रख भरोसा प्यारे पथ में प्यार लुटाता जा मन के विश्वास से जग में नर पौरुष दिखलाता जा पथ में प्यार लुटाता जा हर रिश्तो में जान फूंक दे बिगड़े बनते काम सभी हर राहें आसान हो जाती यश वैभव…

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  • Kavita Apni Khichdi alag Pakana
    कविताएँ

    अपनी खिचड़ी अलग पकाना | Kavita Apni Khichdi alag Pakana

    ByAdmin February 6, 2023February 6, 2023

    अपनी खिचड़ी अलग पकाना ( Apni khichdi alag pakana )    एक कलम होता कलमकार हथियार, जिसको होता माते शारदे का वरदान। मन की बात लिख देता वह कलम से, सोच-विचारकर यह शब्दों को जोड़ते।। आज अलग थलग सभी रहना चाहतें, सुख दुःख मे भागीदार न होना चाहतें। आज न जाने सभी को यें क्या…

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