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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem Duniya Aabad Rahe
    कविताएँ

    दुनिया आबाद रहे | Poem Duniya Aabad Rahe

    ByAdmin February 5, 2023

    दुनिया आबाद रहे  ( Duniya aabad rahe )    इंसानों में चरमपंथी यहाँ भी हैं वहाँ भी, फ़रिश्ते यहाँ भी हैं और वहाँ भी। जीडीपी बढ़ रही इस मुल्क की बड़ी तेजी से, हुकूमत करनेवाले यहाँ भी हैं वहाँ भी। दुनिया आबाद रहे ऐसी है हमारी सोच, ज्ञान बाँटनेवाले यहाँ भी हैं और वहाँ भी।…

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  • Pagadi par Kavita
    कविताएँ

    पगड़ी | Pagadi par Kavita

    ByAdmin February 5, 2023

    पगड़ी ( Pagadi )    ये है कपड़े की एक छोटी सी पगड़ी, हरियाणा राजस्थान का मान पगड़ी। आन बान और शान भी यही पगड़ी, इज्जत और ईमान यह प्यारी पगड़ी।। बुजूर्गों की यही पहचान है ये पगड़ी, परिवार की यह एक लाज ये पगड़ी। दादा व नाना काका बाबा एवं मामा, पहनते है इसको…

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  • Abhiman par Kavita
    कविताएँ

    अभिमान | Abhiman par Kavita

    ByAdmin February 5, 2023February 5, 2023

    मत करना ‌अभिमान ( Mat karna ‌abhiman )    चाहें कितना कोई हो बलवान, या कितना ही हो कोई धनवान। अथवा कितना कोई हो बुद्धिमान, अरे बन्दे तुम मत करना अभिमान।। अभिमान से होता है सर्वनाश, रुक जाता फिर उसका विकास। चाहें राजा रंक अथवा हो इन्सान, जिसने किया उसका हुआ विनाश।। सुंदरता पे न…

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  • Mahal Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    महल | Mahal Bhojpuri Kavita

    ByAdmin February 5, 2023August 6, 2023

    महल ( Mahal )    धूल में मिल के सब धूल भईल का पताका , का सिंघासन कवन भुल भईल आज दुनिया देख रहल चुप चाप ओके छप पन्ना में पढ़ल इतिहास भईल शान, शौकत आऊर तमाशा सब खाक भईल का पता कवन आग में जल के राख भईल तोप दागत रहे कबो सलाम ओके…

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  • Kavita Phoole Palash
    कविताएँ

    फूले पलाश मेरे फूले पलाश | Kavita Phoole Palash

    ByAdmin February 5, 2023

    फूले पलाश मेरे फूले पलाश। ( Phoole palash mere phoole palash )    फूले पलाश मेरे फूले पलाश। धरती मुदित है,मुदित है आकाश ।। फूले पलाश मेरे फूले पलाश.. ….. चलने लगी है बसंती हवाएं तन-मन में फागुन की यादें जगाए अमुआ की बौरें भी मस्ती से झूमें खकरा के पत्ता भी धरती को चूमें…

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  • Pareeksha par Chhand
    छंद

    परीक्षा | Pareeksha par Chhand

    ByAdmin February 5, 2023

    परीक्षा ( Pareeksha )   पग पग पे परीक्षा, लेता जग करतार। जीवन की डगर पे, चलिए जरा संभल। हर आंधी तूफां से, हर मुश्किल बाधा से। हौसलों की उड़ान से, छूएं आसमा नवल। घड़ी-घड़ी धैर्य धर, हर छानबीन कर। रिश्तो को परख कर, साख रखिए धवल। जिंदगी की जंग लड़े, उन्नति पथ पे बढ़े।…

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  • Samay par Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    समय | Samay par Bhojpuri Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    ” समय ” भोजपुरी कविता ( Samay par Bhojpuri Kavita )   झकझोर देलऽक दुनिया ओके झोर के लूट लेलऽक मिठ ओ से बोल के अउर तुडलक ओके मडोड के आज हसेला लोग देख के ओके जोर से झकझोर देलक दुनिया ओके झोर के सब केहू ग‌इल ओके छोड़ के दरद ओके खायेला खोर-खोर के…

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  • Cancer Jagrukta par Kavita
    कविताएँ

    जागरूकता ही कैंसर बचाव | Cancer Jagrukta par Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    जागरूकता ही कैंसर बचाव ( Jagrukta hi cancer bachao )    पूरे विश्व में बढ़ रही है आज तिव्रता से यह बिमारी, इम्यून सिस्टम कम कर देती कोशिकाओं में सारी। बन जाती फिर कैंसर जैसी वही लाइलाज़ बिमारी, इसलिए वक़्त से उपचार ले लेवें नर चाहें हो नारी।। रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाके रखें जो है…

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  • Kavita Chand
    कविताएँ

    चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप मैंने देखा | Kavita Chand

    ByAdmin February 4, 2023February 4, 2023

    चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप मैंने देखा ( Chand bhi fika pad jaye aisa roop mein ne dekha )   चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप है मैंने देखा उतरी हो अप्सरा कोई या भाग्य की किस्मत रेखा मधुर मधुर मुस्कान बिखेरे छैल छबीली चले चाल महक उठता मधुबन सारा मन के…

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  • Basant ritu par Kavita
    कविताएँ

    बसंत ऋतु के आगमन पर | Basant Ritu par Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    बसंत ऋतु के आगमन पर ( Basant ritu ke aagman par )   मदिर से है बसंत, आये हैं जी पाहुने से सखि पिया बिन मोहे, कछु न सुहावत है।। खखरा के पात उड़, उड़ आये द्वारे आज पवन के झौकन भी, जिया को जगावत है।। अमुआ के बौर वाली, वास है सुवास आली महुआ…

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