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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Aankhen Poem in Hindi
    कविताएँ

    यह आंखें | Aankhen Poem in Hindi

    ByAdmin February 6, 2023February 6, 2023

    यह आंखें ( Yah Aankhen )    यें ऑंखें कुछ-कुछ कहती है, लगता है जैसे मुॅंह बोलती है। अचूक निशाना साधे रहती है, ऐसे लगता है जैसे बुलाती है।। यें शर्माती है और घबराती है, दीवानी मद-होश कातिल है। फिर भी सबको यह प्यारी है, यही काली ऑंखें निराली है।। चाहें तुम्हारी है चाहें हमारी…

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  • Rituraj par Kavita
    कविताएँ

    ऋतुराज | Rituraj par Kavita

    ByAdmin February 6, 2023

    ऋतुराज ( Rituraj )  सर्दियों को कर दो अब तुम विदा बसंती पवन पे सब हो रहे फिदा ऋतुराज की ये मनमोहक अदा मेहरबान धरती पर हो जैसे खुदा अंबर से देखो सरसों का रूप खिला हरि हरि चुनर को ओढ़ के गेहूं खिला कोयल का आमों पर डेरा डला अमवा की बोर से लगे…

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  • Maut par Kavita
    कविताएँ

    मौत मुक्ति तो नहीं है | Maut par Kavita

    ByAdmin February 5, 2023

    मौत मुक्ति तो नहीं है ( Maut mukti to nahi hai )    मृत्यु शाश्वत सत्य है जग में मौत मुक्ति तो नहीं है। मिले हरि भजन से आसान युक्ति तो नहीं है। स्वर्ग गए सिधार कहो कह दो मृत्यु को प्राप्त हुए। कर्मभूमि में शुभ कर्म जो सांसों में हरि व्याप्त हुए। जितनी सांसे…

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  • रामकेश यादव
    साहित्यिक गतिविधि

    बड़ी ही सादगी से मना वरिष्ठ साहित्यकार रामकेश यादव का जन्मदिन!

    ByAdmin February 5, 2023

    बड़ी ही सादगी से मना वरिष्ठ साहित्यकार रामकेश यादव का जन्मदिन!   मुंबई, पाँच फ़रवरी,1961 को उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गांव तेजपुर में पैदा हुए और अपने जीवन का बासठ बसंत देख चुके रायल्टी प्राप्त कवि व वरिष्ठ साहित्यकार रामकेश यादव का मुंबई में बड़ी ही सादगी से उनके इष्ट मित्रों के बीच जन्मदिन…

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  • Poem Duniya Aabad Rahe
    कविताएँ

    दुनिया आबाद रहे | Poem Duniya Aabad Rahe

    ByAdmin February 5, 2023

    दुनिया आबाद रहे  ( Duniya aabad rahe )    इंसानों में चरमपंथी यहाँ भी हैं वहाँ भी, फ़रिश्ते यहाँ भी हैं और वहाँ भी। जीडीपी बढ़ रही इस मुल्क की बड़ी तेजी से, हुकूमत करनेवाले यहाँ भी हैं वहाँ भी। दुनिया आबाद रहे ऐसी है हमारी सोच, ज्ञान बाँटनेवाले यहाँ भी हैं और वहाँ भी।…

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  • Pagadi par Kavita
    कविताएँ

    पगड़ी | Pagadi par Kavita

    ByAdmin February 5, 2023

    पगड़ी ( Pagadi )    ये है कपड़े की एक छोटी सी पगड़ी, हरियाणा राजस्थान का मान पगड़ी। आन बान और शान भी यही पगड़ी, इज्जत और ईमान यह प्यारी पगड़ी।। बुजूर्गों की यही पहचान है ये पगड़ी, परिवार की यह एक लाज ये पगड़ी। दादा व नाना काका बाबा एवं मामा, पहनते है इसको…

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  • Abhiman par Kavita
    कविताएँ

    अभिमान | Abhiman par Kavita

    ByAdmin February 5, 2023February 5, 2023

    मत करना ‌अभिमान ( Mat karna ‌abhiman )    चाहें कितना कोई हो बलवान, या कितना ही हो कोई धनवान। अथवा कितना कोई हो बुद्धिमान, अरे बन्दे तुम मत करना अभिमान।। अभिमान से होता है सर्वनाश, रुक जाता फिर उसका विकास। चाहें राजा रंक अथवा हो इन्सान, जिसने किया उसका हुआ विनाश।। सुंदरता पे न…

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  • Mahal Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    महल | Mahal Bhojpuri Kavita

    ByAdmin February 5, 2023August 6, 2023

    महल ( Mahal )    धूल में मिल के सब धूल भईल का पताका , का सिंघासन कवन भुल भईल आज दुनिया देख रहल चुप चाप ओके छप पन्ना में पढ़ल इतिहास भईल शान, शौकत आऊर तमाशा सब खाक भईल का पता कवन आग में जल के राख भईल तोप दागत रहे कबो सलाम ओके…

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  • Kavita Phoole Palash
    कविताएँ

    फूले पलाश मेरे फूले पलाश | Kavita Phoole Palash

    ByAdmin February 5, 2023

    फूले पलाश मेरे फूले पलाश। ( Phoole palash mere phoole palash )    फूले पलाश मेरे फूले पलाश। धरती मुदित है,मुदित है आकाश ।। फूले पलाश मेरे फूले पलाश.. ….. चलने लगी है बसंती हवाएं तन-मन में फागुन की यादें जगाए अमुआ की बौरें भी मस्ती से झूमें खकरा के पत्ता भी धरती को चूमें…

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  • Pareeksha par Chhand
    छंद

    परीक्षा | Pareeksha par Chhand

    ByAdmin February 5, 2023

    परीक्षा ( Pareeksha )   पग पग पे परीक्षा, लेता जग करतार। जीवन की डगर पे, चलिए जरा संभल। हर आंधी तूफां से, हर मुश्किल बाधा से। हौसलों की उड़ान से, छूएं आसमा नवल। घड़ी-घड़ी धैर्य धर, हर छानबीन कर। रिश्तो को परख कर, साख रखिए धवल। जिंदगी की जंग लड़े, उन्नति पथ पे बढ़े।…

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