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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Pareeksha par Chhand
    छंद

    परीक्षा | Pareeksha par Chhand

    ByAdmin February 5, 2023

    परीक्षा ( Pareeksha )   पग पग पे परीक्षा, लेता जग करतार। जीवन की डगर पे, चलिए जरा संभल। हर आंधी तूफां से, हर मुश्किल बाधा से। हौसलों की उड़ान से, छूएं आसमा नवल। घड़ी-घड़ी धैर्य धर, हर छानबीन कर। रिश्तो को परख कर, साख रखिए धवल। जिंदगी की जंग लड़े, उन्नति पथ पे बढ़े।…

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  • Samay par Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    समय | Samay par Bhojpuri Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    ” समय ” भोजपुरी कविता ( Samay par Bhojpuri Kavita )   झकझोर देलऽक दुनिया ओके झोर के लूट लेलऽक मिठ ओ से बोल के अउर तुडलक ओके मडोड के आज हसेला लोग देख के ओके जोर से झकझोर देलक दुनिया ओके झोर के सब केहू ग‌इल ओके छोड़ के दरद ओके खायेला खोर-खोर के…

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  • Cancer Jagrukta par Kavita
    कविताएँ

    जागरूकता ही कैंसर बचाव | Cancer Jagrukta par Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    जागरूकता ही कैंसर बचाव ( Jagrukta hi cancer bachao )    पूरे विश्व में बढ़ रही है आज तिव्रता से यह बिमारी, इम्यून सिस्टम कम कर देती कोशिकाओं में सारी। बन जाती फिर कैंसर जैसी वही लाइलाज़ बिमारी, इसलिए वक़्त से उपचार ले लेवें नर चाहें हो नारी।। रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाके रखें जो है…

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  • Kavita Chand
    कविताएँ

    चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप मैंने देखा | Kavita Chand

    ByAdmin February 4, 2023February 4, 2023

    चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप मैंने देखा ( Chand bhi fika pad jaye aisa roop mein ne dekha )   चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप है मैंने देखा उतरी हो अप्सरा कोई या भाग्य की किस्मत रेखा मधुर मधुर मुस्कान बिखेरे छैल छबीली चले चाल महक उठता मधुबन सारा मन के…

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  • Basant ritu par Kavita
    कविताएँ

    बसंत ऋतु के आगमन पर | Basant Ritu par Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    बसंत ऋतु के आगमन पर ( Basant ritu ke aagman par )   मदिर से है बसंत, आये हैं जी पाहुने से सखि पिया बिन मोहे, कछु न सुहावत है।। खखरा के पात उड़, उड़ आये द्वारे आज पवन के झौकन भी, जिया को जगावत है।। अमुआ के बौर वाली, वास है सुवास आली महुआ…

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  • Kohara par Chhand
    छंद

    कोहरा | Kohara par Chhand

    ByAdmin February 4, 2023

    कोहरा ( Kohara  )    मनहरण घनाक्षरी   ठंडी ठंडी हवा चली, शीतलहर सी आई। ओस पड़ रही धुंध सी, देखो छाया कोहरा। ठिठुरते हाथ पांव, बर्फीली हवाएं चली। कुदरत का नजारा, कांप रही है धरा। धुआं धुआं सा छा रहा, धुंधली दिखती राहें। कोहरा की भरमार, संभल चले जरा। पड़ रही ओस बूंदे, पत्तों…

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  • Kavita Kalyug ki Kali
    कविताएँ

    कलयुग की कली | Kavita Kalyug ki Kali

    ByAdmin February 4, 2023

    कलयुग की कली ( Kalyug ki kali )    कली, अधखिली सोंच में थी पड़ी, तरुणा में करुणा लिए क्रंदन का विषपान पिए रति छवि का श्रृंगार किए मन में ली वह व्यथित बला कलयुग कंटक की देख कला बन पायेगी क्या वह फूल भला! कली रुप में वह बाला जिसमें न थी जीवन ज्वाला…

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  • Rashtrapati Pratibha Patil par Kavita
    कविताएँ

    राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल | Rashtrapati Pratibha Patil par Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ( Rashtrapati Pratibha Devi Singh Patil )    जैसा जिनका नाम था सारा वैसा ही उनका काम, प्रतिभा की धनी थी वो प्रतिभा देवी पाटिल नाम‌। पहली महिला राष्ट्रपति का अवसर आप ही पाया, शिक्षा स्वास्थ्य ग्रामीण विकास में ढ़ेर किऐ काम।। १९ दिसम्बर १९३४ को आप जन्मी है ये…

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  • Mahamaya Kalika par Kavita
    कविताएँ

    महामाया कालिका | Mahamaya Kalika par Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    महामाया कालिका ( Mahamaya kalika )    दुःख-कष्टों को माॅं काली तुरन्त दूर कर देती, नौकरी व्यापार और धन समस्या मिटा देती। सभी से है वह शक्तिशाली और प्रभावशाली, किसी भी काम का वह शीघ्र परिणाम देती।। जगदम्बे की महामाया भी कहते है जिसको, लाल वस्त्र व लाल आसन भाते है जिसको। सामान्य पूजन तंत्र…

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  • Vishv Cancer Diwas par Kavita
    कविताएँ

    विश्व कैंसर दिवस | Vishv Cancer Diwas par Kavita

    ByAdmin February 4, 2023

    विश्व कैंसर दिवस ( Vishv cancer diwas )    कैंसर से डरकर के तू ना जीवन जीना छोड़ माना यह नाम निराशा का तू आशाओं की दौड़ बीमारी से डरना ना ना लड़नें में रखना कसर ईलाज हमेशा है जरूरी मन की शक्ति करे असर यह अगर जीवन से धोखा तू लगा मौत से होड़…

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