Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Poem in Hindi on Bitiya
    कविताएँ

    बिटिया तू हो गई है अब स्यानी | Poem in Hindi on Bitiya

    ByAdmin January 16, 2023January 16, 2023

    बिटिया तू हो गई है अब स्यानी ( Bitiya tu ho gayi hai ab shayani )    मेरी प्यारी बिटिया रानी तू हो गई है अब स्यानी, मेरे कलेजे के टुकड़े अब न करों कोई मनमानी। समझा रहें है आपको आज आपकें नाना-नानी, हर लड़की की विधाता ऐसी लिखता है कहानी।। आपकें विवाह के खातिर…

    Read More बिटिया तू हो गई है अब स्यानी | Poem in Hindi on BitiyaContinue

  • Poem on Uttarayan in Hindi
    कविताएँ

    उत्तरायण ” सूर्य संक्रांति ” | Poem on Uttarayan in Hindi

    ByAdmin January 15, 2023

    उत्तरायण ” सूर्य संक्रांति “ ( Uttarayan Surya Sankranti )    शीत ऋतु से ऋतु फिर बदल रही है आज हो रहे उत्तरायण सूर्य ” संक्रांति ” के साथ ।। धनु राशि से मकर राशि में करते आज प्रवेश उत्तरायण हो नारायण प्रभु सूर्य देव भगवान ।। रवि की फसल काट रहे हैं देखो हमारे…

    Read More उत्तरायण ” सूर्य संक्रांति ” | Poem on Uttarayan in HindiContinue

  • Parvarish Par Muktak
    मुक्तक

    परवरिश | Parvarish Par Muktak

    ByAdmin January 15, 2023January 15, 2023

    परवरिश ( Parvarish )   पालते लाड प्यार से, ममता दुलार से। खुशियों बहार से, मीठी पुचकार से। रखे औलाद को, दुनिया में मां बाप। आंखों का तारा हमे, दिलों के तार से। शिक्षा संस्कार से, अपनापन प्यार से। रिश्तो में प्रेम घोले, मधुर व्यवहार से। चलना सिखाते हैं, जीवन की राहों पे। मंजिलें दिखाते…

    Read More परवरिश | Parvarish Par MuktakContinue

  • Shakahari divas par kavita
    कविताएँ

    अंतर्राष्ट्रीय शाकाहारी दिवस | Shakahari divas par kavita

    ByAdmin January 15, 2023January 16, 2023

    अंतर्राष्ट्रीय शाकाहारी दिवस ( Antarrashtriya shakahari divas )    अपनी सभी बिमारियों को दूर आप भगाओ, आज अभी से शाकाहारी भोजन अपनाओ। देखते है इन्सान होने का प्रमाण कौन देते है, मांस मछली छोड़कर शाकाहारी बन जाओ।। जियो एवं जीने दो वन्यजीव पशु पक्षियों को, नहीं मारकर खाओ कोई भी इन्सान इनको। क्यों निमंत्रण दे…

    Read More अंतर्राष्ट्रीय शाकाहारी दिवस | Shakahari divas par kavitaContinue

  • Poem on sun in Hindi
    कविताएँ

    प्यारा भास्कर | Poem on sun in Hindi

    ByAdmin January 15, 2023

    प्यारा भास्कर ( Pyara bhaskar )   रोज़ाना निकलता आसमान चीरकर, अंधेरा मिटाता आता प्यारा भास्कर। ख़ुश होते सब सूर्य नारायण देखकर, वन्दना करों सूरज को जल चढ़ाकर।। देता सारे जग को प्रकाश, उजियारा, हर लेता यह सारे ब्रह्मांड का अंधेरा। प्यारी- प्यारी भोर लगे बहुत निराली, सवेरे सवेरे सुहानी लगती यह लाली।। नदियों का…

    Read More प्यारा भास्कर | Poem on sun in HindiContinue

  • Sena diwas par kavita
    कविताएँ

    सेना दिवस | Sena diwas par kavita

    ByAdmin January 15, 2023January 15, 2023

    सेना दिवस! ( Sena diwas ) ऐ! मेरे वतन के लोगों, जरा याद करो कुर्बानी। फिर आया सेना दिवस ये, है कोई न इसका सानी। इनके चलते ही घरों में, हम चैन की नींद हैं लेते। ये नींद गंवाकर अपनी, सरहद की हिफाजत करते। रखकर ये आँख में मस्ती, रचते हैं अमर कहानी। नभ,जल,थल इनसे…

    Read More सेना दिवस | Sena diwas par kavitaContinue

  • Thithuran par chhand
    छंद

    ठिठुरन | Thithuran par chhand

    ByAdmin January 15, 2023

    ठिठुरन ( Thithuran )   सर्द हवा ठंडी ठंडी, बहती है पुरजोर। ठिठुरते हाथ पांव, अलाव जलाइए। कोहरा ओस छा जाए, शीतलहर आ जाए। कंपकंपी बदन में, ठंड से बचाइए। सूरज धूप सुहाती, ठण्डक बड़ी सताती। रजाई कंबल ओढ़, चाय भी पिलाइए। बहता हवा का झोंका, लगता तलवारों सा। ठिठुरती ठंडक में, गर्म मेवा खाइए।…

    Read More ठिठुरन | Thithuran par chhandContinue

  • Ajmer par kavita
    कविताएँ

    अजमेर | Ajmer par kavita

    ByAdmin January 14, 2023

    अजमेर ( Ajmer )   में हूँ एक जिला-अजमेर, राजस्थान का नम्बर एक। अजयराज ने मुझको बसाया, चौहान का फैला दूर तक साया।। जो था एक महान शासक, बुद्धिमान और वो ताकतवर। हाथी-घोड़े, धन-सम्पदा अपार, जिसका डंका बजता दरबार।। चारों तरफ अरावली पहाड़, झीलें और मनमोहक ये पार्क। क्या बताएं हम यहाँ का वर्तान्त, छटा…

    Read More अजमेर | Ajmer par kavitaContinue

  • Kavita bhikhari ki bheekh
    कविताएँ

    भिखारी की भीख | Kavita bhikhari ki bheekh

    ByAdmin January 14, 2023January 14, 2023

    भिखारी की भीख ( Bhikhari ki bheekh )   एक भिखारी रोज़ गाॅंव जाता, भीख माॅंगकर घर में वो‌ लाता। रोज़ाना वह यही काम करता, काम-धंधा वो कुछ नही करता।। एक घर में जाता वह रोज़, जिसमे औरत अकडू थी एक । भीख माॅंगता उसे गाली मिलती, झोले में वह कुछ नही डालती।। एक दिन…

    Read More भिखारी की भीख | Kavita bhikhari ki bheekhContinue

  • Poem in Hindi on Makar Sankranti
    कविताएँ

    सुख, समृद्धि, शान्ति की उड़ाएँ पतंगें | Poem in Hindi on Makar Sankranti

    ByAdmin January 14, 2023

    सुख,समृद्धि,शान्ति की उड़ाएँ पतंगें! ( Sukh,samridhi,shanti ki udaye patang! )   खुले आसमां में उड़ाएँ पतंगें, सुख,समृद्धि,शान्ति की उड़ाएँ पतंगें। फसलें सजी हैं किसानों की देखो, चलो हवा से मिलके उड़ाएँ पतंगें। मकर संक्रांति का फिर आया उत्सव, असत्य पे सत्य की उड़ाएँ पतंगें। तस्वीर दिल की इंद्रधनुषी बनाएँ, अरमानों के नभ में उड़ाएँ पतंगें।…

    Read More सुख, समृद्धि, शान्ति की उड़ाएँ पतंगें | Poem in Hindi on Makar SankrantiContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 517 518 519 520 521 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search