Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita bharat milap
    कविताएँ

    भरत मिलाप | Kavita bharat milap

    ByAdmin September 29, 2022

    भरत मिलाप ( Bharat milap )   कैसी लीला रची काल ने वन को चले गये रघुराई दशरथ राम राम कर हारे जब अंत घड़ी बन आई   भ्रातप्रेम व्याकुल भरतजी अवध रास ना आया सेना लेकर चला भक्त भगवन कैसी यह माया   जग का पालनहारा वन में जब वनवासी बन आया पाप बढ़…

    Read More भरत मिलाप | Kavita bharat milapContinue

  • Ghazal dosti mein bewafa hai
    शेरो-शायरी

    दोस्ती में बेवफ़ा है | Ghazal dosti mein bewafa hai

    ByAdmin September 29, 2022September 29, 2022

    दोस्ती में बेवफ़ा है ( Dosti mein bewafa hai )   कब वफ़ा करता दग़ा है ? दोस्ती में बेवफ़ा है   भूलनी है याद तेरी टूटे दिल की अब सदा है   बात की है प्यार से कब रोज रक्खा बस गिला है   प्यार के टूटे भरम  सब ज़ख्म बस गहरा मिला है…

    Read More दोस्ती में बेवफ़ा है | Ghazal dosti mein bewafa haiContinue

  • Kavita Ram VAn Gaman
    कविताएँ

    राम वन गमन | Kavita Ram VAn Gaman

    ByAdmin September 28, 2022

    राम वन गमन ( Ram Van Gaman )   चली गई कैकई कोप भवन में बात मंथरा मानी वचन पूरे करो राजन तब बोली कैकयी महारानी भरत राजतिलक हो वन जाए राम लक्ष्मण भाई वन चले राम रघुराई केकई कान की कच्ची ना होती बात ये सच्ची ना होती अभिमानी रावण कहां मरता माता सीता…

    Read More राम वन गमन | Kavita Ram VAn GamanContinue

  • Muhabbat poetry
    कविताएँ

    मुहब्बत से मगर देखा नहीं था | Muhabbat poetry

    ByAdmin September 28, 2022September 28, 2022

    मुहब्बत से मगर देखा नहीं था ( Muhabbat se magar dekha nahin tha )   मुहब्बत से मगर देखा नहीं था उसी ने ही मुझे समझा नहीं था   गिले शिकवे  करें है जब मिले वो लगे आकर कभी लगता नहीं था   उसे आवाज़ दी है खूब मैंनें किया मेरे तरफ चेहरा नहीं था…

    Read More मुहब्बत से मगर देखा नहीं था | Muhabbat poetryContinue

  • Kavita sita swayamvar
    कविताएँ

    सीता स्वयंवर | Kavita sita swayamvar

    ByAdmin September 27, 2022

    सीता स्वयंवर ( Sita swayamvar )   सीता स्वयंवर रचा जनक ने धनुष यज्ञ करवाया। भव्य पावन था अनुष्ठान महारथियों को बुलवाया‌   दूर-दूर के राजा आए अब भाग्य आजमाने सभी। बली महाबली हर कोई बाणासुर आए रावण तभी।   विश्वामित्र महामुनि ज्ञानी पधारे जनक पुरी धाम। गुरु संग हर्षित होकर तब आए लक्ष्मण श्रीराम।…

    Read More सीता स्वयंवर | Kavita sita swayamvarContinue

  • Kavita main kya doon watan ko
    कविताएँ

    मैं क्या दूं वतन को | Kavita main kya doon watan ko

    ByAdmin September 27, 2022

    मैं क्या दूं वतन को ( Main kya doon watan ko )   दुखी हो रही आज भगीरथी कोस रही है जन को। गंदा हुआ तन सारा मेरा मैं क्या दूं अब वतन को।   निर्मल निर्मल नीर सुरसरि नित बहती गंगा धारा। नेह उमड़ता था घट घट में झरता सुधारस प्यारा।   दुनिया के…

    Read More मैं क्या दूं वतन को | Kavita main kya doon watan koContinue

  • Sher ke kuch shabd
    कविताएँ

    कुछ शब्द शेर के | Sher ke kuch shabd

    ByAdmin September 27, 2022

    कुछ शब्द शेर के ( Kuchh shabd sher ke ) ……. मुसाफिर तंन्हा हूँ मै, साथ चलोगे क्या, तुम मेेरे। है मंजिल दूर, सफर मुश्किल , क्या साथ चलोगे मेरे। यही है डगर, एक मंजिल है तो फिर, साथ चलो ना, सफर कट जायेगा दोनो का, हमसफर बनोगे मेरे। …… करेगे दुख सुख की बातें,…

    Read More कुछ शब्द शेर के | Sher ke kuch shabdContinue

  • Kavitayen Sher Ki
    कविताएँ

    शेर की कविताएं | Kavitayen Sher Ki

    ByAdmin September 27, 2022September 29, 2022

    शेर की कविताएं ( Sher ki kavitayen )   हाँ दबे पाँव आयी वो दिल में मेरे, दिल पें दस्तक लगा के चली थी गयी। खोल के दिल की कुण्डी मैं सोचूँ यही, मस्त खूँशबू ये आके कहा खो गयी॥ हाँ दबे पाँव…. * सोच मौका दोबारा मिले ना मिले, ढूँढने मै लगा जिस्म सें…

    Read More शेर की कविताएं | Kavitayen Sher KiContinue

  • Chhand Shailputri
    छंद

    Chhand Shailputri | शैलपुत्री

    ByAdmin September 26, 2022October 12, 2022

    शैलपुत्री   मनहरण घनाक्षरी   शैलपुत्री वृषारूढ़ा, गिरिराज प्रिय सुता। त्रिशूलधारी भवानी, दुख हर लीजिए।   मंगलकारणी माता, दुखहर्ता सुखदाता। कमल नयनी देवी, वरदान दीजिए।   पार्वती मां हेमवती, शिव गौरी जगदंबे। यश कीर्ति वैभव दो, माता कृपा कीजिए।   सजा दरबार तेरा, अखंड ज्योति जलती। शक्ति स्वरूपा अंबे, शरण में लीजिए।   रचनाकार : रमाकांत…

    Read More Chhand Shailputri | शैलपुत्रीContinue

  • Kavita shailputri
    कविताएँ

    शैलपुत्री | Kavita shailputri

    ByAdmin September 26, 2022

    शैलपुत्री ( Shailputri )   गिरिराज घर जन्मी देवी शैलपुत्री कहलाई। कमल सुशोभित कर में शक्ति स्वरूपा माई।   तुम त्रिशूलधारी भवानी हो वृषारूड़ा हो माता। मंगलकारणी दुखहर्ता मां तुम ही हो सुखदाता।   प्रजापति ने यज्ञ किया सब देवन को बुलवाया। विकल हो गई सती मां शिवशंकर नहीं बुलाया।   घर पहुंची मैया स्नेह…

    Read More शैलपुत्री | Kavita shailputriContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 564 565 566 567 568 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search