• यह जग की रीत पुरानी है

    यह जग की रीत पुरानी है यह जग की रीत पुरानी हैयह जग की जीत पुरानी हैजो ना पाया बौराया हैजो पाया सो रोया हैयह जग की रीत पुरानी हैयह जग की गीत पुरानी है तेरे रह गुजर में हम नवीनकुछ यूं टूट पड़ेआंख से आंसू ना छलकापर जख्म बहुत गहरा हैयह जग की रीत…

  • “प्रेशर”

    शिक्षक-अभिभावक मीटिंग में एक पिता अपने बेटे को पीट रहा था। प्रिंसिपल सर ने उस व्यक्ति से पूछा- “क्या हुआ? बेटे को क्यों मार रहे हो?” “क्यों न मारू इसे? पूरे साल ट्यूशन पर हजारों रुपए खर्च किये लेकिन इसके दिमाग में कुछ घुसता ही नहीं है। देखो, इसके वार्षिक परीक्षा में कितने कम नंबर…

  • “हमारी हिंदी” प्रतियोगिता का आयोजन

    विश्व हिंदी परिषद, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ मध्य प्रदेश द्वारा विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 10 जनवरी को विषय अंतर्गत बच्चों के मध्य ” हमारी हिंदी” प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । जिसमें छात्र-छात्राओं को 200 शब्दों में अपने विचार आलेख रूप में प्रस्तुत करने थे । भारत के विभिन्न राज्यों…

  • भर भर दुआ देने लगे

    भर भर दुआ देने लगे हम बुज़ुर्गों पर तवज्जो जब ज़रा देने लगेवो मुहब्बत से हमें भर-भर दुआ देने लगे घर के आँगन में खड़ी दीवार जब से गिर गयीनाती पोतों के तबस्सुम फिर मज़ा देने लगे मिट गये शिकवे गिले जब भाइयों के दर्मियाँएक दूजे के मरज़ में वो दवा देने लगे आ रहींं…

  • हिन्दी बोलें हिन्दी पढ़ें

    हिन्दी बोलें हिन्दी पढ़ें तहजीब हमारी है हिंदीतस्वीर हमारी है हिंदीहर हिंदुस्तानी के रग रग में,बहती जो धार वो है हिंदी। संस्कृत से संचित है हिंदी,हर जन में बसती है हिंदी,हिन्दी का क्या मैं गुड़गान करूं,हर भाषा से प्यारी है हिन्दी। कवियों की भाषा में हिन्दी,शुक्ल की आशा है हिन्दी,हिन्दी पढ़कर मिलता है रस,भावों की…

  • हिंदी का गुणगान करें

    हिंदी का गुणगान करें पंक्ति-नीर क्षीर कर ग्रहे सार को, शुचि हिंदी का गुणगान करें। भारत माता के भाल बिंदी,अब एक नवीन मुस्कान भरे।नीर क्षीर कर ग्रहे सार को, शुचि हिंदी का गुणगान करें। ताल सुरों का संगम इसमें, बहे रस छंद की धारा है।सात सुरों से शोभती हिंदी, संगीत इसने निखारा है।आओ हम सब…

  • प्यारी हिंदी

    प्यारी हिंदी मैं मिथिला का वो बेटा हूं, जिसे हिंदी से है यारी।मैं भाषी मैथिली हूं, फिर भी हिंदी प्राणों से है प्यारी।।मेरे धड़कन में लहरे हिंदी की बो गूंज है न्यारी।जिसे गाने को लालायित है दुनियां की हर नर नारी।। 1 कहीं हुंकार है दिनकर जी का है पंत से यारी।कहीं चौहान की गर्जन…

  • हिन्दी सजीव भाषा

    हिन्दी सजीव भाषा हिन्दी हमारी मातृभाषा हैहिन्दी हमारी राजभाषा हैहिन्दी से व्यवसाय हमाराहिन्दी हमारी लोकभाषा है । हिन्दी की है छाती चौड़ीसब भाषा इनके ओर दौड़ीसभी भाषा के शब्दों कोपरिवार जैसे अपनाया है । आराम , अफसोस…फारसी हैअमीर , गरीब…. अरबी हैचाय , पटाखा…. चीनी हैतोप , तलाश……तुर्की हैस्कूल, कॉलेज…अंग्रेजी हैआदि शब्दों को समाया है…

  • ग़ज़ल – हिंदी

    ग़ज़ल – हिंदी हिंदी गाँधी के सपनों का अभियान हैइसके विस्तार में सबका सम्मान है सूर तुलसी ने सींचा इसे प्यार सेजायसी और रसखान की जान है राम सीता हैं इसमें हैं राधा किशनमीरा के प्रेम का भी मधुर गान है चाहे कविता लिखो या कहानी लिखोइसकी शैली में सब कुछ ही आसान है हिंदी…

  • हिंदी हमारी प्यारी प्यारी

    हिंदी हमारी प्यारी प्यारी हिंदी हमारी प्यारी प्यारीहमारी राष्ट्रभाषा है न्यारीसाहित्य की है फुलवारीसरल सुबोध पर है भारी अंग्रेजी से जंग है जारीसम्मान की है अधिकारीहिंदी है पहचान हमारीये मातृभाषा है हमारी जन-जन की है भाषा हिंदीभारत की है आशा हिंदीहिंदुस्तान का गौरवगाथा हिंदीएकता की अनुपम परंपरा है हिंदी जिसके बिना हिंद थम जाएऐसी जीवन…