भूल से याद भी नहीं आता | Yaad ghazal
भूल से याद भी नहीं आता ( Bhool se yaad bhi nahi aata ) अब मेरे दिल को तू नहीं भाता भूल से याद भी नहीं आता तू मुझे अब भी प्यार करता है ये भरम दिल से क्यों नही जाता दूर को दूर से मुहब्बत है पास का पास से नहीं…
भूल से याद भी नहीं आता ( Bhool se yaad bhi nahi aata ) अब मेरे दिल को तू नहीं भाता भूल से याद भी नहीं आता तू मुझे अब भी प्यार करता है ये भरम दिल से क्यों नही जाता दूर को दूर से मुहब्बत है पास का पास से नहीं…
आजकल सुनते यूं नग़में खूब है (Aajkal sunte yoon nagamen khoob hai ) आजकल सुनते यूं नग़में ख़ूब है! याद में उसकी हम रोते ख़ूब है फ़ोन भी मेरा उठाता वो नहीं फ़ोन भी ऐ यार करते ख़ूब है तल्ख़ बातें कर गया वो आज भी प्यार से ही जिससे बोले…
मिलने की आस ( Milne ki aas ) मिलना हो तुझसे ऐसी तारीख मुकर्रर हो जाए मैं जब भी आऊं तेरा बनकर तू भी मेरी हो जाए न रहे दूरियां एक दूजे में कुछ ऐसा वो पल हो लग जाउँ गले से तेरे मैं तू मेरे सीने से लग जाए ये ख्वाब भी कितने…
उठो पार्थ ( Utho parth ) उठो पार्थ प्रत्यंचा कसो महासमर में कूद पड़ो। सारथी केशव तुम्हारे तुम तो केवल युद्ध लड़ो। धर्म युद्ध है धर्मराज युधिष्ठिर से यहां महारथी महाभारत बिगुल बजाओ उद्धत होकर हे रथी। कर्ण भीष्म पितामह से महायोद्धा है सारे भारी। धनंजय धनुष बाण लेकर करो युद्ध…
राम ( Ram ) १. रघुपति राघव रघुनाथ राम,भव भंजक प्रभु लीला ललाम आदर्शों के अवतार तुम्हें ,भारत की संस्कृति के प्रणाम! २. हे सर्वश्रेष्ठ मानव स्वरूप , तुम हर युग के इतिहास नवल जग में कोने कोने फैले , तुमसे जीवन विश्वास धवल! ३. यह एक शब्द का “राम” नाम,है जीवन का आधार…
सिद्धिदात्री ( Siddhidatri ) मनहरण घनाक्षरी नवशक्ति सिद्धिदात्री, सिद्धियों की दाता अंबे। साधक शरण माता, झोली भर दीजिए। ध्यान पूजा धूप दीप, जप तप माला पाठ। भगवती भवानी मांँ, शरण में लीजिए। पंकज पुष्प विराजे, चतुर्भुज रूप सोहे। कमलनयनी माता, दुख दूर कीजिए। शंख चक्र गदा सोहे, वरदायिनी भवानी। सुख समृद्धि…
हंसते हंसते लोटपोट ( Hansate hansate lotapot ) खिलखिलाकर हंस पड़े लोटपोट हो गए सारे। कहकहे गूंज उठे गगन में भी मुस्कुराए तारे। हंसो हंसाओ सबको आनंद की बरसात हो। हंसी खुशी में दिन बीते खुशियों भरी रात हो। हंसी मजाक की बात करें हंसमुख कहलाते वो। हंस-हंसकर जीवन में स्वर्ण…
ओ निर्मोही ( O nirmohi ) ओ निर्मोही ओ निर्मोही चले गए क्यों, छोड मुझें परदेश। तपता मन ये तुम्हें बुलाए, लौट के आजा देश। तुम बिन जीना नही विदेशिया,पढ लेना संदेश। माटी मानुष तुम्हे बुलाए, छोड के आ परदेश। 2. चटोरी नयन चटोरी नयन हो गयी, पिया मिलन की आस में। निहारत…
मेरे श्री राम ( Mere Shri Ram ) त्याग तपस्या मर्यादा के प्रति पालक मेरे श्रीराम जन जन आराध्य हमारे सृष्टि संचालक प्रभु राम हर लेते है पीर जगत की दीनबंधु दयानिधि राम मंझधार में अटकी नैया पार लगाते मेरे प्रभु राम दुष्टों का संहार करें प्रभु सकल चराचर के स्वामी घट…
ख़ुशी से आज़म बदनसीब है ( Khushi se azam badnaseeb hai ) ख़ुशी से आज़म बदनसीब है बड़ा जिंदगी में ग़रीब है वफ़ा में दग़ाबाज सब मिले नहीं कोई सच्चा हबीब है चला दूर मैं इसलिए आया यहाँ कौन मेरा रकीब है वही दिल दुखा अब रहा मेरा रहा जिसके हर…