• वफ़ा करके | Ghazal wafa karke

    वफ़ा करके ( Wafa karke )   वफ़ा करके भी कुछ भी तो नहीं मुझको हुआ हासिल हुई  है बस  मुझे  हर  पल यहाँ तो हर जफ़ा हासिल   रहा हूँ ढूंढ़ता मैं तो हर किसी में ही वफ़ा मैं तो वफ़ाए भी हुई मुझको मगर यारों कहा हासिल   यहाँ तो जख़्म मिलते है…

  • कमरे की घुटन | Kavita kamare ki ghutan

    कमरे की घुटन ( Kamare ki ghutan )   बंद कमरे में सिमट कर रह गई दुनिया सारी टूट रहे परिवार घरों से बिखर गई है फुलवारी   मनमर्जी घोड़े दौड़ाए बड़ों का रहा लिहाज नहीं एकाकी सोच हो गई खुलते मन के राज नहीं   बंद कमरों की घुटन में नर रहने को मजबूर…

  • शोर | Shor

    शोर ( Shor ) बिरहा की लंबी साधना के बाद प्रिय के साक्षात दर्शन होंगे। मन के किसी कोने में एक अज्ञात सुख की वर्षा होगी जब प्रिय के दर्शन होंगे। चिड़िया का चहचहाने का शोर मानो मुझे प्रियतम के आने की सूचना दे रहा हो। निंद्रा से जगा रहा है, मानो चिड़िया मुझसे कह…

  • शबरी के प्रभु राम | Kavita Shabri Ke Prabhu Ram

    शबरी के प्रभु राम ( Shabri Ke Prabhu Ram ) दीनबंधु दुखहर्ता राम अब वन को चले अभिराम सबके संकट हरने वाले भजो शबरी के प्रभु राम   भक्तवत्सल रामचंद्र प्रभु दयानिधि दया के सागर मंझधार में अटकी नैया पार लगाते करूणाकर रोम रोम में राम बसे घट घट में बसे जय श्रीराम रामनाम में…

  • रामनवमी | Ram navmi kavita

    रामनवमी ( Ram navmi )   रघु कुल में उत्पन्न दशरथ लाल राम कोशल्या की कोख से दशरथ लाल राम सनातन में शुभ दिवस नवमी राम जन्म अवध नगरी जगमग हुआ राम का जन्म घर में हर्ष अपार सजी आंगन रंगोली नगर में ख़ुशी छाई ढोल बजाता ढोली थाल भर मोतियों दासियां कर रही दान…

  • बाल अपराध | Kavita bal apradh

    बाल अपराध ( Bal apradh )   क्या लिखूं मैं उस मासूमियत के लिए , जिसे सुन हाथों से कलम छूट जाती है। हृदय मेरा सहम जाता है। उनकी चीखें गूंज रही मेरे इन कानों में क्योंकि हर बच्चे के अश्रु ये कहते हैं यूं ही नहीं होता कोई बच्चा बाल अपराध का शिकार, कुछ…

  • दर्द ए दास्तां | Hunkar ki dard -e- dastan

    दर्द – ए – दास्तां ( Dard -e- dastan )     1. दर्द – ए – दास्तां दर्द ए दास्तां लिख करके भी, दर्द बता ना पाया मैं। वो उलझा था अपने ग़म में, अपना कहाँ दिखाया मैं। दुनियादारी में उलझा वो, मेरा मन उलझा उसमे, बालसखा सी दर्द हमारी,दूर ना उससे जा पाया…

  • राम तेरी लीला न्यारी | Geet Ram Teri Leela Nyari

    राम तेरी लीला न्यारी ( Ram Teri Leela Nyari )   तिर जाते पत्थर पानी में, नाम की महिमा भारी है। राम तेरी लीला न्यारी है, राम तेरी लीला न्यारी है।   ताड़क वन ताड़का मारी, मर्यादा पुरुष अवतारी। लखन भरत शत्रुघ्न भ्राता, सीता जनकदुलारी।   दशरथ नंदन नयनतारे, माँ कौशल्या बलिहारी है। राम तेरी…

  • ऐ जिंदगी | Poem ai zindagi

    ऐ जिंदगी ( Ai zindagi )   ऐ जिंदगी… कुछ देर ठहर जा बैठ जा कुछ कह जा कुछ सुन जा वक्त का तकाज़ा है कभी तू गुम है कभी मैं…   हाँफती भागती सी तुझे छूने की होड़ में थकी मांदी सी सुस्ताने के बहाने ढूँढ तलाशती तुझको ही बोझिल कमज़ोर नज़रें मेरी ऐ…

  • शोहरतों का परचम | Poem shohraton ka parcham

    शोहरतों का परचम ( Shohraton ka parcham )   कीर्ति पताका यशस्वी हो जीवन संवार लीजिए। अपनापन अनमोल बांटकर सबको प्यार कीजिए।   शोहरतों का परचम लहरे शुभ काम हमारा हो। मुस्कानों के मोती सबको बहती नेह की धारा हो।   प्रीत बगिया खिल जाए सद्भावों से जी लीजिए। दिलों में चर्चा आपकी अहमियत सबको…