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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal ruswa
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई | Ghazal ruswa

    ByAdmin February 23, 2022February 23, 2022

    मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई ! ( Muhabbat mein yahan ruswa kare koi )     मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई ! निगाहों से ऐसे देखा करे कोई   असर ऐसा मगर हो दोस्ती का ही यहाँ हो वो मुझे  ढूंढ़ा करे कोई   नहीं उसके गया हूँ घर मगर मैं फ़िर मुझी…

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  • Kavita vidhan
    कविताएँ

    विधान | Kavita vidhan

    ByAdmin February 22, 2022

    विधान ( Vidhan )   विधि का विधान है या नियति का खेल कोई डोर  हाथों  में उसके करतार करता सब होई   दुनिया का दस्तूर यही है जगत का विधान प्यारे बुराई का अंत बुरा भलाई दमकाती भाग्य सितारे   न्याय का विधान हमारा प्यारा है संविधान हमारा जनता को हर अधिकार दिलों में…

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  • Kavita umar
    कविताएँ

    उम्र | Kavita umra

    ByAdmin February 22, 2022

    उम्र ( Umra )   जो हंसते मुस्काते रहते मोती प्यार के लुटाते रहते उनकी उम्र जवां रहती है सबको गले लगाते रहते   बचपन जवानी बुढ़ापा जिंदगी के है पड़ाव हमारे खट्टे मीठे आते सदा जीवन में उतार-चढ़ाव प्यारे   उम्र झलकती चेहरे से ढलती उम्र जाती पहचानी चिंता से बेकार हो जाती हंसती…

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  • Basant ritu par chhand
    छंद

    बसंत | मनहरण घनाक्षरी | Basant ritu par chhand

    ByAdmin February 22, 2022October 12, 2022

    बसंत   हर्षाता खुशियां लाया, सुहाना बसंत आया। बहारें लेकर आया, झूम झूम गाइए।   मधुमास मदमाता, उर उमंगे जगाता। वासंती बयार आई, खुशियां मनाइए।   पीली सरसों महकी, खिली कलियां चहकी। फूलों पे भंवरे छाए, प्रेम गीत गाइए।   प्रीत के तराने छेड़े, मुरली की तान मीठी। मदन मोहन बंसी, मधुर बजाइये।     कवि…

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  • Poem ghoorti nigahen
    कविताएँ

    घूरती निगाहें | Poem ghoorti nigahen

    ByAdmin February 22, 2022

    घूरती निगाहें ( Ghoorti nigahen )   सिर पर तलवारों सी लगती हमको घूरती निगाहें अंगारों से वार सहती रहती अक्सर जीवन राहें   जाने क्यों भृकुटियां तनी नैनो से ज्वाला सी बरसे झील सी आंखें दिखाती तीर तलवार भाला बरछे   घूरती निगाहों का भी हौसलों से सामना कर लो बर्बादियों का कहर है…

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  • शब्दाक्षर संस्थान, झुन्झुनू राष्ट्रीय कवि चौपाल प्रकाशन, बीकानेर
    साहित्यिक गतिविधि

    शब्दाक्षर संस्थान, झुन्झुनू राष्ट्रीय कवि चौपाल प्रकाशन, बीकानेर

    ByAdmin February 22, 2022

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर देश की 51 महिला कवयित्रियों का सम्मान एवं काव्य पाठ कार्यक्रम नवलगढ़ में होगा ********** सभी महिला कवियत्रियों/साहित्यकारों को प्रणाम, आदाब, नमस्कार | आप सब को बताते हुए हर्ष हो रहा है कि अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शब्दाक्षर संस्थान नवलगढ़ एवं राष्ट्रीय कवि चौपाल प्रकाशन बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान…

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  • Sad ghazal heart touching
    शेरो-शायरी

    खूब आंखों में नमी है आजकल| Sad ghazal heart touching

    ByAdmin February 21, 2022February 21, 2022

    ख़ूब आंखों में नमी है आजकल ( Khoob aankhon mein nami hai aajkal )     हाँ सताती मुफ़लिसी है आजकल ख़ूब आंखों में नमी है आजकल   बढ़ गयी  बेरोजगारी अब बहुत यार पैसों की कमी है आजकल   हो गया इंसान से बढ़कर पैसा यार सस्ती जिंदगी है आजकल   कौन उल्फ़त के…

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  • Poem mehndi ki mahak
    कविताएँ

    मेहंदी की महक | Poem mehndi ki mahak

    ByAdmin February 21, 2022

    मेहंदी की महक ( Mehndi ki mahak )   नारी का श्रृंगार मेहंदी चार चांद चमका देती हिना में गुण आकर्षण पिया मन लुभा लेती   रचकर रंग दिखाती है सौंदर्य में निखार लाती है दुल्हन के हाथों का सौंदर्य मनभावन सजाती है   मेहंदी की मोहक महक मदमस्त हो मधुमास प्यार के मोती बरसते…

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  • Poem on Chhatrapati Shivaji
    कविताएँ

    वीर छत्रपति शिवाजी | Poem on Chhatrapati Shivaji

    ByAdmin February 20, 2022

    वीर छत्रपति शिवाजी ( Veer Chhatrapati Shivaji )   निडर पराक्रमी वीर शिवाजी छत्रपति सम्राट हुए झुके नहीं कहीं वीर सिंह व्यक्तित्व विराट लिये   रणधीर पराक्रमी महायोद्धा महासमर में लड़ते थे छापामार युद्ध प्रणाली नित्य कीर्तिमान गढ़ते थे   नींव रखी मराठा साम्राज्य हिंद प्रबल पुजारी थे मुगलों से संघर्ष किया रणनीति शौर्य अवतारी…

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  • Poem amar prem ki amar kahani
    कविताएँ

    अमर प्रेम की अमर कहानी | Poem amar prem ki amar kahani

    ByAdmin February 20, 2022February 20, 2022

    अमर प्रेम की अमर कहानी ( Amar prem ki amar kahani )     एक दीन साधारण सा इंसान पर इरादे थे फौलादी विशाल पर्वत का सीना चीरकर की उसने मुनादी   अथाह प्रेम की पराकाष्ठा का दिया उसने निशानी बिहार की पावन भूमि के लोगों को याद हुई जुबानी   दिन हीन दशरथ मांझी…

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