आज ऐसी उड़ान करते है | Ghazal Aisi Udaan
आज ऐसी उड़ान करते है ( Aaj aisi udaan karte hai ) आज ऐसी उड़ान करते है वो जहाँ में उफान करते है तब मिले है अनाज ओ रोठी जब खेती ये किसान करते है जीस्त में वो न ख़ुश कभी रहते जो बड़ो से ज़बान करते है जिंदगी भर…
आज ऐसी उड़ान करते है ( Aaj aisi udaan karte hai ) आज ऐसी उड़ान करते है वो जहाँ में उफान करते है तब मिले है अनाज ओ रोठी जब खेती ये किसान करते है जीस्त में वो न ख़ुश कभी रहते जो बड़ो से ज़बान करते है जिंदगी भर…
संगीत ( Sangeet ) थिरक उठते साज सारे संगीत सबको प्यारा लगे स्वर लहरियां जब बजे झंकार करे इकतारा बजे सात सुरों की तान छेड़े गीतों के तराने सभी मन में उमंगे जगे संगीत के बजते तार कभी गीत गजल मधुर मधुर कर्णप्रिय धुन प्यारी ढोल ताशे साज बाजे बांसुरी की तान…
दिल की बातें ( Dil ki baatein ) सुनो , बरसों पहले जो नहीं किया वो अब कर दो तो सही जो तब नहीं कहा , वो अब कह दो तो सही… मौसम तब भी थे, मगर दस्तूर न थे अब दस्तूर है ,तो लौटा लो वो गया मौसम तो सही…. दिल…
मोदी जी को लाएंगे ( Modi ji ko layenge ) हम तो शोर मचाएंगे झूमें नाचे और गाएंगे मोदीजी को लाएंगे हम मोदीजी को लाएंगे अधिनायक हमारे वो जन-जन भाग्य सितारे वो सबकी आंखों के तारे मोदी हम सबके प्यारे वो ऐसी धूम मचाएंगे जन-जन को दिखलाएंगे मोदीजी को लाएंगे हम मोदीजी…
स्वर कोकिला लता मंगेशकर ( Swar kokila Lata Mangeshkar ) स्वर कोकिला गूंजती मधुर गीत तरानों में संगीत साज थिरकते स्वर लहरी गानों में श्रद्धा से नतमस्तक है सारा हिंदुस्तान तेरा शब्द सुमन समर्पित है भाव भरा वंदन मेरा गीत सुरीले मधुर कंठ मीठी मीठी आवाज लिए देश-विदेश गूंज रही लहरी सुरीले…
भारत कोकिला लता मंगेशकर इस दुनिया को अवविदा कर हमारे बीच से चली गयीं। भारत ने वह स्वर खो दिया, जिसने हर अवसर पर राष्ट्र की भावना को भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी। अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम की ओर से ऐसी महान शख्सियत के निधन पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए गूगल मीट के माध्यम से श्री देवेंद्र…
भारत माँ के लाल उठो ( Bharat maa ke laal utho ) केसरिया बाना ले निकलो राम नाम हुंकार भरो हर हर महादेव स्वर गूंजे ऐसी तुम जयकार करो धीरे वीर पराक्रमी सब विवेकानंद कहते जागो भारत मां के लाल उठो आगे बढ़ आलस त्यागो स्वाभिमान राणा की भूमि तलवारों का…
किसी की यादों का ( Kisi ki yaadon ka ) इस बारगी बहुत कड़क रहे हो, बरस रहे हो ऐ मौसम, किस बात पर यूं अकड़ रहे हो सड़क किनारे जल रहा कोई अलाव बुझा किसी की दीवार ओ’बाम क्यो हिला रहे हो दिलों पर पहले ही जम रही थी बर्फ…
जीवन का उद्देश्य ( Jeevan ka uddeshya ) जीवन क्या बहती सरिता लक्ष्य को पहचान लो सपनों को पंख लगाकर मानव नई उड़ान भरो हौसला हृदय में लेकर सद्भावों के भाव भरकर हर्ष खुशी प्रेम बांटे होठों पे हंसी मुस्कान लेकर जिंदगी का सफर सुहाना जीने की राहें चुन लो पल पल…
मतदान ( Matdan ) चुने हम सरकार सबका है अधिकार राष्ट्र निर्माण करने मतदान कीजिए मतदान महादान अधिकार पहचान लोकतंत्र मजबूत कर वोट दीजिए सशक्त हो जनादेश मतदान है विशेष सोच समझ अमूल्य वोट जरा दीजिए उम्मीदवार खरा हो वो राष्ट्रप्रेम भरा हो स्वच्छ छवि रखता हो चुन जरा लीजिए …