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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita dhawal
    कविताएँ

    धवल | Kavita dhawal

    ByAdmin January 10, 2022

    धवल ( Dhawal )   हिमगिरी से हिम पिघल पिघल धवल धार बन बहता है धार धवल मानो हार नवल हिमपति कंठ चमकता है कल कल बहता सुरसरि जल राग अमर हिय भरता है दु:ख हारण कुल तारण गंगा का जल अविरल बहता है   धवल चंद्र की रजत चांदनी धरती को करती दीप्तिमान मानो…

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  • https://thesahitya.com/kundaliya-chhand/
    छंद

    धीरज | मनहरण घनाक्षरी छंद

    ByAdmin January 10, 2022January 30, 2023

    धीरज ( Dheeraj )   नर धीरज धारिये, संयम धरे विचार। धीरे-धीरे बढ़ चलो, ध्वज लहराइये।   धैर्यपूर्वक जो चले, शील गुणी जन जान। धीरे-धीरे मुखर हो, पहचान पाइए।   धीर अमोध अस्त्र है, मृदु वाणी सुरज्ञान। सुर लय तान बन, गीत मीत गाइए।   रणबीर बलवीर, समर न धरो धीर। राष्ट्रहित रणभूमि, वीरता दिखाइए।…

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  • विश्व हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार
    साहित्यिक गतिविधि

    विश्व हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार

    ByAdmin January 10, 2022

    अद्यतन के संपादक प्रो. डॉ. ब्रजनंदन किशोर, पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष, डी.ए.वी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा की अध्यक्षता एवं संस्था के महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में विश्व हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था की ओर से गूगल मीट के माध्यम से “प्रवासी भारतीय हिन्दी लेखन: दशा…

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  • Har khushi se garibe Aazam
    शेरो-शायरी

    हर ख़ुशी से ग़रीब ए आज़म | Gareeb Shayari

    ByAdmin January 10, 2022January 30, 2023

    हर ख़ुशी से ग़रीब ए आज़म ( Har khushi se Garibe Aazam )     हर ख़ुशी से ग़रीब ए आज़म! बदलेगा कब नसीब ए आज़म   इसलिए शहर छोड़ आया हूँ थे यहां सब  रकीब ए आज़म   हाले दिल किसको सुनाऊं मैं की न कोई क़रीब ए आज़म   कैसे उसके ख़िलाफ़ बोलूं…

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  • mausam ki maar
    कविताएँ

    मौसम की मार | kavita mausam ki maar

    ByAdmin January 9, 2022January 9, 2022

    मौसम की मार ( Mausam ki maar )   शीतलहर ढ़ाहत कहर दिखाई न देता डगर है, पग-पग जोखिम भरा मुश्किल हुआ सफ़र है,     सनसन चलती हवा ठंडक से ठिठुरता मानव, कौन किसकी बात सुने सबही हुआ सफ़र है।   कहीं पड़ते बर्फ के फाहे कहीं मूशलाधार वर्षा, चहुँओर से घिरता जीवन जीना…

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  • Rajasthani poem
    कविताएँ

    मिनखपणो पिछाणो | Rajasthani poem

    ByAdmin January 9, 2022

    मिनखपणो पिछाणो ( Rajasthani kavita )     मुंडो देख र टीकों काढै गांठ सारूं मनुवार करै। घर हाळा सूं परै रवै और गांवा रा सत्कार करै।।   मीठी-मीठी मिसरी घोळे बातां सूं रस टपकावै। टोळ गुढ़ावै घणी मोकळी मतळब खातर झूक ज्यावै।।   माळा टूटी अपणेस री भायां री बातां लागै खारी। मेळ जोळ…

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  • Ishq shayari
    शेरो-शायरी

    इश्क में तेरे | Ishq shayari

    ByAdmin January 9, 2022

    इश्क में तेरे ( Ishq Mein Tere )     हम क्या थे  क्या हुये इश्क में तेरे दिल्लगी हुई दिल की लगी इश्क में तेरे   लफ्ज जो तू बोले, अल्फाज़ बने मेरे हम हुये सुखनवर इश्क में तेरे   मैं जो भी लिखूँ नाम करूँ तेरे कागज़ कलम ने दिया साथ इश्क में…

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  • Ghazal chhod diya
    शेरो-शायरी

    छोड़ दिया | Ghazal chhod diya

    ByAdmin January 9, 2022January 9, 2022

    छोड़ दिया ( Chhod diya )   धीरे धीरे ही मगर छोड़ दिया, तेरी आदत सी पड़ गयी थी मुझे। कब तलक बेजती को सहते हम, खुद से नफरत सी हो गयी थी मुझे। मैनें खुद को भूला दी तेरे लिए, फिर भी मै तुझसा बन ना पाया हूँ, कब तलक कशमकश में रहते हम,…

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  • Book review behad muhabbat
    पुस्तक समीक्षा

    युवाओं के लिए बेहद चर्चा का विषय रहा बेहद मोहब्बत | Book review

    ByAdmin January 8, 2022January 8, 2022

    बिहार कई बड़े साहित्यकारों की धरती रही है। निरंतर इस मिट्टी से कोई न कोई कवि और लेखक निकलता ही आ रहा है। इसी कड़ी में युवा साहित्यकार कवि व लेखक आलोक रंजन की दुसरी काव्य संग्रह बेहद मोहब्बत प्रकाशित हो चुकी है। यह किताब आनलाईन बाजार के हर दुकान पर उपलब्ध है। आलोक रंजन…

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  • Khatti meethi yaadein
    कविताएँ

    खट्टी मीठी यादें | Khatti meethi yaadein kavita

    ByAdmin January 8, 2022

    खट्टी मीठी यादें ( Khatti meethi yaadein )     वर्ष बीत गया कुछ कुछ कवड़ी मगर सच्ची यादें सब के जीवन को बदला कुछ अच्छी सच्ची बातें   आहिस्ता आहिस्ता नव वर्ष आ ही गया करें स्वागत नव ऊर्जा नव उमंग नव उत्साह संग आओ करें स्वागत   कुदरत ने ये कैसा कहर बरपाया…

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