• लोहड़ी | lohri kavita

    लोहड़ी ( Lohri ) ( 2 )  लोहड़ी सिख व हिंदू का प्रमुख त्यौहार, मनाते हैं, इस त्यौहार पर बेहद खुशी व उत्साह दिखाते हैं। लोहड़ी से फसलों की कटाई शुरू हो जाती है, इसी वजह से फसल कटाई का जश्न मनाते हैं।। यह त्यौहार हमारे लोककथाओं को बतलाता है, पारिवारिक परंपराओं से इसका गहरा…

  • जाने दो | Jaane do kavita

    जाने दो ( Jaane do )   हे प्रिय प्रकाश को बन्द करो, अन्धियारे को तुम आने दो। कोई देख ना ले हम दोनो को, जरा चाँद को तुम छुप जाने दो।   तब तक नयनों से बात करो, कोई हास नही परिहास करो। मन के भावों को रोक प्रिये, घनघोर अन्धेरा छाने दो।  …

  • लड्डू | Laddoo par Chhand

    लड्डू ( Laddoo ) मनहरण घनाक्षरी   गोल मटोल मधुर, मीठे मीठे खाओ लड्डू। गणपति भोग लगा, मोदक भी दीजिए।।   गोंद मोतीचूर के हो, तिल अजवाइन के। मेथी के लड्डू खाकर, पीड़ा दूर कीजिए।।   खुशी के लड्डू मधुर, खूब बांटो भरपूर। खुशियों का चार गुना, मधु रस पीजिए।।   शादी समारोह कोई, पर्व…

  • मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है | Ulfat shayari

    मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है ( Mujhe usse bahut ulfat hui hai )     मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है उसी की रोज़ अब हसरत हुई है   बहुत भेजे उसे गुल प्यार के थे न उसकी दूर वो नफ़रत हुई है   रहूँ कैसे बिना उसके बताओ उसी की मुझको अब आदत…

  • स्वामी विवेकानंद | Kavita Swami Vivekananda

    स्वामी विवेकानंद ( Swami Vivekananda ) स्वामी विवेकानंद के जीवन से हम कुछ सीख ले l 2अध्यात्म और निज धर्म से खुद का भी जीवन सींच लें।हम नित नए अरमान लें यूं रास्ता चलते रहें।हम देश हित हो लक्ष्य जो उनको सदा बुनते रहें।मुश्किलें जो आएं पथ हम मुट्ठियों को भींच लें।स्वामी विवेकानन्द के…. वेदांत…

  • रोजगार | Rojgar chhand

    रोजगार ( Rojgar ) मनहरण घनाक्षरी छंद   रोजगार नौकरी हो, कारोबार कारीगरी।। कौशल कलायें कई, काज शुभ कीजिए।।   नौकरी या व्यवसाय, रोजगार काज करो। परिवार फले फूले, ऐसा काम कीजिए।।   हर हाथ काम मिले, यश कीर्ति नाम मिले। दुनिया में काम वही, बढ़चढ़ कीजिए।।   काम कोई छोटा नहीं, कर्मठ को टोटा…

  • पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संविधान | Essay in Hindi

    निबंध : पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संविधान ( Environment Protection and Constitution of India : Essay in Hindi )   प्रस्तावना – भारत में पर्यावरण जीवन की एक शैली है। पेड़ पौधों की रक्षा के लिए लोगों ने अपने जीवन दान किए हैं। लेकिन वक्त के साथ लोगों की प्राथमिकता बदलने लगी है और आधुनिक…

  • बाल साहित्य के राष्ट्रीय सम्मान घोषित

    डॉ विकास दवे को गीता भाटिया आलोचना सृजन सम्मान   श्रीगंगानगर। सृजन सेवा संस्थान की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले वार्षिक सम्मान की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष संस्थान के सभी सम्मान बाल साहित्य पर केंद्रित थे और वरिष्ठ साहित्यकारों के निर्णायक मंडल ने इन सम्मान के लिए साहित्यकारों का…

  • हे करतार सुनो | kavita

    हे करतार सुनो ( Hey karataar suno )     हे जग के करतार सुनो हरि दीनों के दातार सुनो करुणानिधि करुणासागर प्रभु लखदातार सुनो   दुनिया के रखवाले सुन लो गीता सार सुनाने वाले सारे जग के तारणहारे किस्मत को चमकाने वाले   सब को जीवन देने वाले सब की पीड़ा हरने वाले नैया…

  • कर्मगति | Kavita karmagati

    कर्मगति ( Karmagati )   वैतरणी पार करोगे कैसे, मन की छुदा मिटे ना। तरेगा कैसे जनम मरण जब,मन से पाप मिटे ना। इतना ज्ञानी हो होकर के भी,मोहजाल में लिपटा है, मिटेगा कैसे ताप बताओ, जब तन प्यास मिटे ना। वैतरणी पार करोगे कैसे…..   मुख से राम भजा पर मन में,तेज कटारी रखता…