• सुनिए सब आपके रु- ब- रु है ग़ज़ल | Ghazal

    सुनिए सब आपके रु- ब -रु है ग़ज़ल ( Suniye sab aap ke ru-ba-ru hai ghazal )     सुनिए सब आपके रु ब रु है ग़ज़ल होठों पे प्यार की ही शुरु है ग़ज़ल   जो सकूं दें टूटे दिल को मेरे बहुत कर रहा हूँ ऐसी जुस्तजू है ग़ज़ल   आरजू है मिलनें…

  • नहीं होती | Nahi Hoti Kavita

    नहीं होती ( Nahi hoti )   जिन्दगी कहानी नहीं होती । एक सी रबानी नहीं होती ।।   उधारी बाप और बेटे में । आज मुंह जबानी नहीं होती ।।   इबादत खाली हाथ करने से । कोई मेहरबानी नहीं होती ।।   आज के दौर में पहले जैसी । हकीकत बयानी नहीं होती…

  • दया धर्म का मूल है | Kavita

    दया धर्म का मूल है ( Daya dharm ka mool hai )     दया भाव जीवो पर रखे दया धर्म का मूल है दीन दुखी निर्धन सताना मानव भारी भूल है   दया करें उन लाचारों पर रोगी और बीमारों पर जहां बरसा कहर टूटकर हालातों के मारो पर   आओ जरा संभाले उनको…

  • वक़्त | Kavita waqt

    वक़्त ( Waqt )   जब से छाया गुनाहों की पड़ने लगी । रूह मेरी ही मुझसे झगड़ने लगी ।।   तेज आंधी से जंगल जब हिलने लगे । सूखे पेड़ों की दम तब उखड़ने लगी ।।   मन के बीरान जंगल डराने लगे । गर्म बालू सी तबीयत बिगड़ने लगी ।।   वक़्त के…

  • नाजुक रिश्ते | Najuk rishtey

    नाजुक रिश्ते ( Najuk rishtey )   क्या कभी आप सभी ने देखा है, या महसूस किया है,कभी समझने की कोशिश की है, कि जब एक बहुत ही नाजुक व नन्हे पौधे को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है, जड़ से उखाड़ कर उसे दूसरी माटी में बोया जाता है, एक…

  • पुरानी तस्वीर | Purani tasveer kavita

    पुरानी तस्वीर ( Purani tasveer )   अतीत के पन्ने खोले पुरानी तस्वीर हमारी कैसे बदला दौर सारा कहती कहानी सारी   क्या थे कहां हम आए क्या खोया क्या पाया है क्या हकीकत हमारी कितना बदलाव आया है   कैसा जमाना था वो यादें सुहानी सब प्यारी नयनों में उतर आती पुरानी तस्वीर हमारी…

  • जज्बात | Jazbaat Ghazal

    जज्बात ( Jazbaat )     उमड़ते मन के भावों को दिशा कोई दे दीजिए प्यार थोड़ा ही सही जनाब प्यार थोड़ा कीजिए   दिल के हो जज्बात प्यारे लबों तक आते ही रहे आनंद के हो चंद पल जिंदगी सुख से जी लीजिए   हंस-हंसकर मीठी बातों का रस थोड़ा पीना सदा धूप छांव…

  • ग़मो का मिला वो ख़िताब है | Sad shayari

    ग़मो का मिला वो ख़िताब है ( Gamo ka mila wo khitab hai )     हाँ  यार  ग़मो  का  मिला वो ख़िताब है अब जीस्त में मिली ख़ुशी मुझको ज़नाब है   देखते वो करेगा मगर कब क़बूल वो दें आया प्यार का ही उसे मैं गुलाब है   कैसे भूलूँ  मगर याद उसकी…

  • अखबार | Akhbar kavita

    अखबार ( Akhbar )     आज की ताजा खबर लेकर आता अखबार देश विदेश के समाचार प्रिय अपनों का प्यार   राजनीति के दांव पेच संग सत्ता की बातें लाता कुर्सी की उठा पटक समीकरण सारे बतलाता   शिक्षा संस्कार साहित्य सामाजिक सरोकारों को जनता की आवाज बने हिला सके सरकारों को   अखबारों…

  • उदासी | Udasi par Kavita

    उदासी ( Udasi )   बादल  जैसी  छाई  उदासी । घिर- घिर कर फिर आई उदासी ।।   दिन-दिन बढ़ती ही जाती है । जैसे  हो  महंगाई  उदासी ।।   सूने दिल में बजती जैसे । दूर कहीं शहनाई उदासी ।।   सागर की लहरों सी खुशियां सागर की गहराई उदासी ।।   शमा  जली …