सीएसए प्रमुख बनीं लीजा कैंपबेल

सीएसए प्रमुख बनीं लीजा कैंपबेल | Political kavita

सीएसए प्रमुख बनीं लीजा कैंपबेल

*******

कैंपबेल को मिली है-
कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी की कमान,
विज्ञान मंत्री नवदीप बैंस ने जारी किया है फरमान।
सीएसए की कमान संभालने वाली पहली महिला होंगी,
यह उनके लिए गर्व की बात होगी।
लंबे समय तक लोकसेवा से जुड़ी रहीं है
अब सिल्वेन लापोर्टे का स्थान ले रही हैं।
आशा है अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी,
देश वासियों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगी।
लीजा ने करियर में एक ही चीज सीखीं हैं,
सदैव बड़ा सपना और बड़ा सपना ही देखीं हैं।
कहतीं हैं-
अपने सितारों तक खुद ही पहुंचना होगा,
चुनौतियों को भी अवसर में बदलना होगा।
इस आॅफर से-
विनम्र और सम्मानित महसूस कर रही हूं,
प्रफुल्लित और अभिभूत हुए जा रही हूं।
लीजा ने पदभार ऐसे समय संभाला है,
जब कनाडा एक नए चंद्र कार्यक्रम की योजना बना रहा है;
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ समझौते कर-
एक नया मुकाम हासिल करना चाह रहा है।
लुनर गेटवे प्रोजेक्ट के तहत एक ऐसा स्पेस स्टेशन बनाएगा,
जो चांद का चक्कर लगाएगा।
आशा है लीजा इस कार्य को भी बखूबी अंजाम देंगी,
देशवासियों का मस्तक गर्व से ऊंचा करेंगी।
सफलतापूर्वक पूरा करेंगी कार्यकाल,
अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी मचाएंगी धमाल।
सीएसए को नासा के समानांतर ला खड़ा करेंगी,
बाधा मुक्त स्पेस स्टेशन बनवाने में सफल होंगी।
जो चांद का चक्कर लगाएगा,
अंतरिक्ष के क्षेत्र में कनाडा का परचम लहराएगा।
मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं लीजा,
हौसलों के साथ बढ़िए, आपसा नहीं है कोई दूजा।

 

?

नवाब मंजूर

लेखक– मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें :

जन करीं लापरवाही ! ( भोजपुरी भाषा में ) | Bhojpuri mein kavita

 

Similar Posts

  • आदि भारती श्री चरण वंदन

    आदि भारती श्री चरण वंदन   नैसर्गिक सौंदर्य अप्रतिम, रज रज उद्गम दैविक उजास । मानवता शीर्ष शोभित पद , परिवेश उत्संग उमंग उल्लास । स्नेह प्रेम भाईचारा अथाह, अपनत्व आह्लाद संबंध बंधन । आदि भारती श्री चरण वंदन ।। विविधा अनूप विशेषण, एकत्व उद्घोष अलंकार । संज्ञा गौण कर्म पहचान, संघर्ष विरुद्ध जोश हुंकार…

  • मन मंदिर का दिव्य महल | Kavita man mandir

    मन मंदिर का दिव्य महल ! ( Man mandir ka divya mahal ) ***** मन मंदिर को अपने सुंदर सपनों से सजाओ प्यार लुटाओ इस पर अपना सुंदर महल बनाओ । इस महल में ना कोई हो राजा या रंक ना कोई किसी को मारे ज़हरीले डंक। सभी आदम की संतान को मिले समुचित सम्मान…

  • हाय री सरकार | Hi Ri Sarkar

    हाय री सरकार ( Hi Ri Sarkar )    सड़क पर  निकल पड़ी है  नौजवानों की एक भीड़ बेतहासा बन्द मुठ्ठी, इन्कलाब जिन्दाबाद  के नारों के साथ.  सामने खड़ी है एक फौज मुकम्मल चौराहे पर  हाथ में लिए लाठी – डन्डे, आँसू गोले और  गोलियों से भरी बन्दूकें  चलाने के लिए मुरझाये चेहरे वाले  नौजवानों…

  • छूकर मेरे मन को | Geet chukar mere man ko

    छूकर मेरे मन को ( Chukar mere man ko )   छूकर मेरे मन को हलचल मचा दी रे। आया सुहाना मंजर  प्रीत जगा  दी रे।   भावों का भंवर उमड़ा गीत तेरे प्यार के। मीठे मीठे शब्द सुरीले प्रेम के इजहार के।   खुशियों के खजाने खुले दिल के बजे तार। संगीत साज सजे…

  • Kavita On Bachpan | Hindi Kavita | Bachpan Kavita -बचपन

    बचपन ( Bachpan ) कितना सुंदर बचपन का जमाना होता था खुशियों का बचपन खजाना होता था । चाहत चांद को पाने की दिल तितली का दीवाना होता था । खबर ना थी सुबह की बस शाम का ठिकाना होता था । थक हार कर स्कूल से जब आते झटपट खेलने भी जाना होता था…

  • तुम हो मां

    तुम हो मां मेरी गीता,मेरी कुरान तुम हो मां,इस सिमटी हुई जमीन का खुला आसमान तुम हो मां। बुझी हुई जिंदगी का रोशन चिराग तुम हो मां,मेरी ईद का चांद,मेरी दीवाली की शाम तुम हो मां। तपती धूप में ठंडा अहसास तुम हो मां,दूर रहकर भी हरपल पास तुम हो मां। जब होती हूं उदास…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *