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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • दिल का हाल बताएगी सेल्फी
    कविताएँ

    दिल का हाल बताएगी सेल्फी | Selfie par kavita

    ByAdmin August 23, 2020June 12, 2022

    दिल का हाल बताएगी सेल्फी ***** दिल के मरीजों के लिए है खुशखबरी, दिल का हाल बताएगी अब सेल्फी । अभी दुनिया में 31% मौतें हृदय रोगों से होती है, जिनमें 85% की मौतें हृदयाघात से होती है। हृदय रोगों की चुनौती से निपटने के लिए लगातार शोध हो रहे हैं, विद्वान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस…

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  • ढूंढता हूं रास्ता
    शेरो-शायरी

    ढूंढता हूं रास्ता | Dhoondhata hoon raasta | Ghazal

    ByAdmin August 23, 2020June 12, 2022

     ढूंढता हूं रास्ता ! ( Dhoondhata hoon raasta )   मैं वफ़ा का रोज ही वो ढूंढ़ता हूं रास्ता! रात दिन दिल में ही ऐसा सोचता हूं रास्ता   रास्ता कोई बताता ही नहीं कैसा नगर हर किसी से उसके घर का पूछता हूं रास्ता   राह में चाहे कितनी भी दग़ा मुझको मिले पर …

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  • आम आदमी की किस्मत!
    कविताएँ

    आम आदमी की किस्मत | Aam aadmi par kavita

    ByAdmin August 22, 2020June 12, 2022

    आम आदमी की किस्मत ! ***** ( Aam Aadmi Ki Kismat )   आम आदमी पिस रहा है, सड़कों पर जूते घिस रहा है। मारा मारा फिरता है इधर से उधर, समझ नहीं पाए- जाएं तो जाएं किधर । चहुंओर सन्नाटा है, सहायता को कहीं जाता है? निराशा ही निराशा उसे हाथ आता है। सरकारी…

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  • प्यार के टूटे किनारे आज फ़िर 
    शेरो-शायरी

    प्यार के टूटे किनारे आज फ़िर | Pyar ghazal

    ByAdmin August 22, 2020June 12, 2022

    प्यार के टूटे किनारे आज फ़िर ( Pyar ke tute kinare aaj phir )   पड़ गयी दिल में दरारें आज फ़िर प्यार के टूटे किनारे आज फ़िर   बट गये आंगन अदावत से यहां नफ़रतों की है दिवारें आज फ़िर   ढ़ल गया मौसम गमों का अब यहां खिल उठी ये बहारें आज फ़िर…

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  • आत्मनिर्भर भारत !
    कविताएँ

    आत्मनिर्भर भारत | Aatmanirbhar Bharat Par Kavita

    ByAdmin August 22, 2020June 11, 2022

    आत्मनिर्भर भारत! ( Aatmanirbhar Bharat ) ***** भारत के लोग अब, सचमुच आत्मनिर्भर हो गए हैं, अपार कष्ट सहकर भी- सरकारों से छोड़ दिए हैं आशा, मन में उपजी है उनकी घोर निराशा। सब सह लेते हैं, पर मुंह नहीं खोलते हैं। ना कोई विरोध प्रदर्शन- ना ही कोई धरना, जबकि लोकतंत्र में होता है,…

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  • खेलते थे गांव में कंचे बहुत
    शेरो-शायरी

    खेलते थे गांव में कंचे बहुत | Bachpan par shayari

    ByAdmin August 22, 2020June 11, 2022

    खेलते थे गांव में कंचे बहुत ( Khelte the gaon mein kanche bahot )   खेलते थे गांव में गुल्ली डंडा कंचे बहुत शहर में नफ़रत मिली है खेलने को देखिए   गांव में है प्यार मेरे हर घड़ी नफ़रत नहीं इस कदर है शहर में ही बस अदावत के शोले   शहर में ऐसा…

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  • कतर ने थामा लीबिया का हाथ
    कविताएँ

    कतर ने थामा लीबिया का हाथ | Kavita

    ByAdmin August 21, 2020June 11, 2022

    कतर ने थामा लीबिया का हाथ ! ******* 2011 में मुअम्मर गद्दाफी को किया गया पदच्युत, तभी से वहां शुरू है गृहयुद्ध । वर्षों से गृहयुद्ध में उलझे लीबिया को कतर का साथ मिला है, सुन अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने राहत का सांस लिया है। उस क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिश महत्त्वपूर्ण है, जहां की…

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  • क्या जानती हो
    कविताएँ

    क्या जानती हो | Kya janti ho | Kavita

    ByAdmin August 21, 2020June 11, 2022

    क्या जानती हो ( Kya janti ho )   तुम क्या जानती हो मेरे बारे में….. यहीं न कि मैं तेरे पीछे पागल हो चुका हूँ तेरे प्यार में पड़ कर…..! तुम यही सोचती हो न कि मैं अगर बात नहीं करूंगी तो भी वो मुझसे दूर नहीं हो सकता…..! तुम यही मानती हो न…

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  • प्रशांत भूषण की निडरता!
    कविताएँ

    प्रशांत भूषण की निडरता | Prashant Bhushan par kavita

    ByAdmin August 21, 2020June 11, 2022

    प्रशांत भूषण की निडरता! ******* यह बोल प्रशांत भूषण के हैं – न झुकेंगे न सच का दामन छोड़ेंगे सच कहते थे सच कहते हैं सच कहते रहेंगे। न सत्ता के आगे घुटने टेकेंगे, न कोर्ट से डरेंगे। ना ही माफीनामा दायर करेंगे, कोर्ट जो सजा देगी- हंस हंस कर सहेंगे। भारत में नागरिक अधिकारों…

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  • ख़ुशी का हर घड़ी मातम हुआ है
    शेरो-शायरी

    ख़ुशी का हर घड़ी मातम हुआ है | Matam shayari

    ByAdmin August 21, 2020June 11, 2022

      ख़ुशी का हर घड़ी मातम हुआ है ( Khushi ka har ghadi matam hua hai )     नहीं दिल से मेरे, गम कम हुआ है ख़ुशी  का  हर  घड़ी मातम हुआ है   मुहब्बत दोस्ती सब ख़त्म रिश्ते अदावत का बुलन्द परचम हुआ है   हवाएं बन्द हैं प्यारो वफ़ा की के नफ़रत…

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