सैनिक

सैनिक | Sainik kavita

सैनिक 

( Sainik )

 

 वो सैनिक है, वो रक्षक है ||

1.न हिन्दू है न मुस्लिम है, वो केवल मानव राशी हैं |
न दिन देखें न रात पता हो, वो सच्चे भारतबासी हैं |
चाहे गर्मी हो या बर्फ जमे, अपना कर्तव्य निभाते हैं |
खुद जान गंवा कर सीमा पर, हिन्दुस्तान बचाते हैं |

 वो सैनिक है, वो रक्षक है ||

2.वो डटे रहें बस डटे हुए हैं, सौ दुश्मन पर भी भारी हैं |
परिवार से अपने दूर रहें, बस ड्यूटी से अपनी यारी है |
वाकई वो सच्चे हीरो हैं, जो देश के लिए बलिदानी हैं |
हजारों ने बलिदान दिए, तैनात लाखों तैयार सैनानी हैं |

 वो सैनिक है,वो रक्षक है ||

3.हम रहें सुरक्षित घर में अपने, सीमा पर हर तैयारी है |
उनके खातिर कुछ करने की, आई अब अपनी बारी है |
अपने भारत मे सौ करोड से, ज्यादा बैंक खाता धारी हैं |
स्वत:ही कट जाए एक रूपया, पहुँचे शहीद के द्वारी हैं |

 वो सैनिक है, वो रक्षक है ||

4.जितने शहीद उतने रूपये, हर खाते से काटा जाए |
एक रूपये के हिसाब से, शहीद परिवार में बांटा जाए |
उस हिसाब से सौ करोड से, ज्यादा एक घर मे पहुँचेगा |
न जनता को अखरेगा, न महान परिवार कहीं भटकेगा |

 वो सैनिक है, वो रक्षक है ||

5.महान है परिवार बड़ा, जिसके घर से कोई सैनिक है |
नित जान हंथेली पर रखते, सैनिक के लिए ये दैनिक है |
जिनके कारण हम अपने घर, निश-दिन हंसते गाते हैं |
खो कर अपने बीर सपूत को, दर-दर की ठोकर खाते हैं |

 वो सैनिक है,वो रक्षक है ||

6.जिसने भारत के खातिर, खुद प्रांण न्योछावर कर डाले |
सुख दुख यारी नींद चैन, घर परिवार न्योछावर कर डाले |
लाल के दुख में डूबे घर मे, क्यों न हम कुछ ऐसा कर डाले |
देश-भक्त की पूरी कमी नहीं पर, क्यों न खुशियाँ भर डाले |

 वो सैनिक है, वो रक्षक है ||

7.कोई सोचे एक शहीद को, सौ करोड कुछ ज्यादा है |
मैं कहता हुँ बहुत तनिक हैं, उसके बलिदान से आधा है |
फिल्म अभिनेता फिल्म बना, फिर अरबों नोट कमाते है |
घूस-खोर अधिकारी नेता, घोटाला कर के हांथ बनाते है |

 वो सैनिक है, वो रक्षक है ||

8.इन सब की करतूत जानते, फिर भी चुप हो जाते हो |
जो मर मिटते हैं देश के खातिर, उन पर बात उठाते हो |
नमन मेरा हर देश भक्त को, जो सच मे देश हिताही है |
दान नहीं सम्मान से देना, वो एक सच्चा बीर सिपही है |

 वो सैनिक है, वो रक्षक है ||

 

कवि:  सुदीश भारतवासी

 

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