पढ़ पाऊँ
पढ़ पाऊँ हमेशा से ही मेरी हरसत रही है ये कि मैं भी कभी देखूँ किसी को सामने बैठा कर उसकी झील सी आँखों में अपने को डुबो कर….! एक ख्वाहिश ही रही कि उसकी आँखों को पढ़ पाऊँ क्या लिखा है उसके दिल में क्या चाहत है उसकी क्या दर्द है उसकी आँखों…
प्रियवर मेरे तन मन प्रान महान प्रियवर। प्रात:सांध्य विहान सुजान प्रियवर।। इस असत रत सृष्टि में तुम सत्य हो, नित नवीन अनवरत पर प्राच्य हो, मेरे अंतस में तुम्हारा भान प्रियवर।।प्रात:० ललित वीणा तार तुमसे है सुझंकृत, ये षोडस श्रृंगार तुमसे है अलंकृत, प्रेयसी का मान स्वाभिमान प्रियवर।।प्रात:० प्रणयिका बन चरण…
बारिश की बूंदें ऐसी बरसी थीं मुझ पर कल बारिश की बूंदें बरसा था मुझ पर तुम्हारा प्यार जैसे मिट गईं खलिश मिट गईं दूरियां एहसासों से मेरे कर गई साजिशें ऐसी बरसी थीं मुझ पर कल बारिश की बूंदें भीगे भीगे से शिकवे भीगी भीगी शिकायत आंसुओं से मेरे कर…
विजय संकल्प हार माने हार होत है जीत माने जीत, जीतने वाले के संग सब लोग लगावत प्रीत। मन कचोटता रह जाता जब होता है हार, मन ही बढ़ाता है मनोबल जीवन सीख का सार। जीत-हार का जीवन चक्र सदैव चलता रहता है, जीत-हार उसी की होती है जो खेल खेलता…
जागल बिहारी : निकलल नेताजी के होशियारी *********** बिहार के जनता- भूल गईल बा मंदिर मस्जिद, आ भूल गईल बा जाति मजहब; भैया हो ! अबकी चुनाव में- बिहारी कइले बा गजब! जनता के मांग अबकी नेता के नइखे पचत, जेने जाईं ओन्ने बेरोजगार बाड़े पूछत। कहां बा# रोजगार? हे सरकार! वोटवा लेवे खातिर बानी…
कृपा करो माँ पार्वती (दुर्गा-अष्टमी पर विशेष) कृपा करो माँ पार्वती। संहार , पालन, रचने वाली, तुम्ही तो हो आदिशक्ति।। लाल चुनरिया ओढ सिंह पर, चढी भक्तों का मन हरती। खङग, चक्र , त्रिशूल, गदा ले, दुष्टों का मर्दन करती।। सिद्धि मोक्ष-सुख देने वाली, भक्त-वत्सल ममता की मूर्ति। बिना तुम्हारे शिव…