Tere Siva

तेरे सिवा | Tere Siva

तेरे सिवा

( Tere Siva )

 

अभी तक फ़ूल वो फेंका नहीं हमने
कोई तेरे सिवा देखा नहीं हमने

किया है याद तुझको हर घड़ी दिल में
कि कोई और सोचा नहीं हमने

गयी क्यूँ छोड़कर तू फ़िर यहाँ तन्हा
किया वादा ख़िलाफ़ तेरा नहीं हमने

बता हमसे ख़फ़ा है क्यों भला फ़िर यूं
कि तेरा दिल कभी तोड़ा नहीं हमने

हमें मिलने कभी तो वो ही आयेगी
कि रस्ता देखना छोड़ा नहीं हमने

किये हो रोज़ ही हमसे गिले शिकवे
तुझे पे ही करा गुस्सा नहीं हमने

हमेशा प्यार से देखें तुझे आज़म
कभी फ़ेरा तुझसे चेहरा नहीं हमने

शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें :-

सरहदों को और भी पक्का करें | Sarhad

Similar Posts

  • यह हा़ल है हमारा | Ye Haal Hai Hamara

    यह हा़ल है हमारा ( Ye Haal Hai Hamara ) यह हा़ल है हमारा मुरव्वत के बाद भी।तन्हा खड़े हैं सबसे मुह़ब्बत के बाद भी। अल्लाह जाने किसकी लगी है नज़र हमें।अफ़सुर्दगी है रुख़ पे मुसर्रत के बाद भी। रह-रह के उनकी याद सताती है इस क़दर।आती नहीं है नींद मशक्कत के बाद भी। लाया…

  • ये नफ़रत की दुनिया

    ये नफ़रत की दुनिया संभालो तुम अपनी ये नफ़रत की दुनिया।बसानी है हम को मुह़ब्बत की दुनिया। लड़ाती है भाई से भाई को अकसर।अ़जब है तुम्हारी सियासत की दुनिया। नहीं चाहिए अब , नहीं चाहिए अब।ये दहशत की दुनिया ये वहशत की दुनिया। फंसी जब से नर्ग़े में यह बातिलों के।तमाशा बनी है सदाक़त की…

  • तुम्हारे बाद का दुख | Tumhare Baad ka Dukh

    तुम्हारे बाद का दुख मैं ये समझा की पल भर है तुम्हारे बाद का दुखमगर अब तो मुकर्रर है तुम्हारे बाद का दुख मेरे चहरे पे रौशन हैं उमीदें लौटने कींमेरी आँखों के अंदर है तुम्हारे बाद का दुख तुम्हारी डायरी भी है वो छोटी मूरती भीसभी तोहफ़ों से बढ़कर है तुम्हारे बाद का दुख…

  • तिरंगो से सज़ा देखो वतन है | Tirango se Saja

    तिरंगो से सज़ा देखो वतन है  ( Tirango se saja dekho vatan hai )    तिरंगो से सज़ा देखो वतन है गुलों से यूं भरा अपना चमन है सलामत ए ख़ुदा रखना हमेशा वतन का जो हसीं मेरे फ़बन है नहीं आये कभी कोई मुसीबत वतन में रब सदा रखना अमन है किसी में बू…

  • वो ख़ुद मुस्कुरा दी

    वो ख़ुद मुस्कुरा दी हिमाकत पे अपनी वो ख़ुद मुस्कुरा दीकिसी की ख़ता की किसी को सज़ा दी मुझे हौसला जब नहीं हो रहा थाउसी ने इशारों से हिम्मत बढ़ा दी मुझे फ़ैसला यूँ बदलना पड़ा थाशिकायत की उसने झड़ी सी लगा दी मैं औरों से तरजीह दूँ क्यों न उसकोमेरी साईं क़िस्मत थी उसने…

  • नहीं हूँ मैं | Nahi Hoon Main

    नहीं हूँ मैं ( Nahi Hoon Main ) पुख़राज़ कोहिनूर या गौहर नहीं हूँ मैंलूटे जो बज़्म तेरी वो शायर नहीं हूँ मैं बूढ़ा हूँ उम्र से हुआ जर्जर नहीं हूँ मैंदीवार-ओ- दर है साथ में खंडर नहीं हूँ मै कमतर नहीं अगर सुनो बदतर नहीं हूँ मैंलेकिन किसी अमीर का चाकर नहीं हूँ मैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *