तेरी मेरी कहानी हो गयी | Hindi shayari muhabbat
तेरी मेरी कहानी हो गयी
( Teri meri kahani ho gayi )
गुम कहीं उसकी मुहब्बत की निशानी हो गयी
हर लबों पे ही तेरी मेरी कहानी हो गयी
याद आयी आज इतनी उस फ़रेबी की मुझे
आंसुओं से आंखें मेरी यार पानी हो गयी
कल तलक थी दोस्ती दिल में वफ़ा से जो भरी
दुश्मनी की अब शुरू उससे रवानी हो गयी
प्यार की बातें करती थी रोज़ जो मुझसे बहुत
वो ज़ुबां यारों बड़ी अब बदजुबानी हो गयी
भूल जाओ हर गिले आओ मुहब्बत फ़िर करे
छोड़ बातें अब सभी देखो पुरानी हो गयी
देखा जब से उस हंसी सूरत को मैंनें राह में
एक सूरत मेरे दिल की यार रानी हो गयी
बिन देखें ही अब उसे आज़म रहा जाता नहीं
इस क़दर आंखें उस चेहरे की दीवानी हो गयी








