दिल बहुत उदास है
दिल बहुत उदास है

दिल बहुत उदास है

 

कौन आस पास है
दिल बहुत उदास है

 

देखकर नजारा वो
होश अब हवास है

 

जब मिली नहीं मिली
दिल हुआ निराश है

 

आजकल न जाने क्यूं
जीस्त क्यों हताश है

 

वो ओढ़े गरूर को
हुस्न का लिबास है

 

जो बहुत क़रीब था
वो चेहरा न पास है

 

खो गयी है जो मंजिल
उसकी ही तलाश है

 

दूर बैठा वो आज़म
वो कब पास पास है

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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