केतकी का फूल | Kavita ketaki ka phool

केतकी का फूल ( Ketaki ka phool )   केतकी के फूल का भी अपना ही एक सफ़र रहा। प्रतिष्ठित रहा जो अपनी ही, शख्सियत के लिए सदा ही। जाना गया,वो...

चल छोड़ दे दारू | Kavita chal chhod de daru

चल छोड़ दे दारू ( Chal chhod de daru )   चल छोड़ दे दारू जरा तू फोड़ दे बोतल। मत लड़खड़ा प्यारे संभल संभल के चल। करना है...

तुम्हारे शहर की फिज़ा | Kavita tumhare shehar ki fiza

तुम्हारे शहर की फिज़ा ( Tumhare shehar ki fiza )   तुम्हारे शहर की अलग फिज़ा हैं प्यार तो जैसे बिका पड़ा है … हैं ये नीलामी अपने ही...

कहते है मुझको मच्छर | Machhar par kavita

कहते है मुझको मच्छर ( Kehte hain mujhko machhar )   कहते है मुझको यहां सभी लोग मच्छर, में इंसानों का ख़ून पीता हूं घूम-घूमकर। घूमता रहता हूं में...

अंधी दौड़ | Kavita andhi daud

अंधी दौड़ ( Andhi daud )   नशा और उन्माद यह सर्द रात कैसा दौर आज नशा और उन्माद संस्कृति का विनाश प्रश्न पूछने पर बड़े बेतुके जवाब चुप रह जाते आप बिगड़ रहा समाज अंधी...

खुद्दारी पे आँच आने न पाए | Khuddari par kavita

खुद्दारी पे आँच आने न पाए! ( Khuddari pe aanch aane na paye )   दीमाग पर अंधेरा जमने न पाए, यादों का मेला ओझल होने न पाए। ख्वाहिशों...

गोपालदास नीरज | Gopaldas Neeraj par kavita

कवि/गीतकार गोपालदास नीरज ( Kavi/Geetkar Gopaldas Neeraj )    काव्य लेखक हिन्दी शिक्षक कवि साहित्यकार, फिल्मी इंडस्ट्री में भी बनाये पहचान गीतकार। पद्म-श्री और पद्म-भूषण से अलंकृत हुए आप, दो-दो...

कसक | Poem in Hindi on kasak

कसक ( Kasak )रौशनी की तलाश में हम बहुत दूर निकल आये जहाँ तक निग़ाह गई बस अन्धेरे ही नजर आये जिन्दगी ने हमें दिया क्या और...

हे नारी तुझे नमन | Kavita he nari

हे नारी - तुझे नमन ( He nari - tujhe naman )   नारी तू नारायणी तु ही शक्ति अद्वितिया तेरे हर रूप को नमन तु वंदनीया है...

आईना दिखाओ | Kavita aaina dikhao

आईना दिखाओ! ( Aaina dikhao )   पेड़ो में छाँव रहे, वो पेड़ लगाओ, रहे फूलों में खुशबू वो फूल लगाओ। ख्वाहिशें मरने न पाएँ दुनियावालों की, अंधेरे रास्तों पे...