• उपहार

    “मैं चाहता हूँ कि तुम मुझे अपने प्रेम की कोई निशानी दो। मुझे तुमसे एक शर्ट चाहिए।” लव बोला “बिल्कुल दूँगी। मैं भी काफी दिनों से तुम्हें कुछ उपहार देने की सोच रही थी। तुम्हें पता भी नहीं है, मैंने दो दिन पहले ही तुम्हारे लिए एक उपहार ले लिया है लेकिन आज लाना भूल…

  • सफलता का राज

    कपिल एक फल विक्रेता था, जो अपने ठेले पर तरह-तरह के सुंदर और मीठे फल बेचता था। वह अपने ग्राहकों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करता था और हमेशा मुस्कुराते हुए फल बेचता था। कपिल के ठेले पर सिर्फ ताजा फल होते थे, और वह सड़े-गले फलों को अलग रख देता था। एक दिन, पड़ोसी…

  • मदद

    कुलदीप प्राथमिक विद्यालय बसेड़ा खुर्द में कक्षा 5 का छात्र था। वह पढ़ाई में बहुत होशियार था। सब कुछ आसानी से तथा जल्दी से याद कर लेता था। रमेश सर को उस पर गर्व था। वे बाकी बच्चों को कुलदीप से प्रेरणा लेने व मेहनत से पढ़ने के लिए बोलते थे। कुलदीप की पढ़ाई के…

  • अनानास

    दस साल का रामू बहुत भोला भाला और सीधा लड़का था। उसको कोई भी अपनी बातों में फंसाकर उल्लू बना देता था। वह बिना सोचे समझे काम करने लग जाता था परन्तु बाद में उसको बड़ा पछतावा होता था। एक दिन वह अपने दोस्तों के साथ स्कूल जा रहा था। रास्ते में उनको अनानास का…

  • किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है

           दुल्हेराजा घोड़ी पर सवार थे.. बाराती नाच रहे थे.. डीजे का शोर सुस्त कदमो को भी थिरकने के लिए मजबूर कर रहा था.. महिलाएं पुरुष पसीने से लथपथ हो रहे थे.. धीरे धीरे बारात आगे बढ रही थी तभी किसी ने मेरा हाथ पकड़ा ओर बारातीयो की भीड़ से मुझे बाहर खींच लिया.. मैं चौका…..

  • प्रत्येक प्राणि बुद्ध हो

    प्रत्येक प्राणि बुद्ध हो जग भले विरुद्ध हो,राह भी अवरुद्ध हो ।सत्य पथ न छोड़िएहृदय सदैव शुद्ध हो ।। मूढ़ या प्रबुद्ध हो ,मन कभी न क्रुद्ध हो ।अप्प दीपो भव गहें ,भावना विशुद्ध हो ।। न हर्ष हो न क्षुब्ध हो,न‌ द्वेष हो न युद्ध हो।कामना हमारी है,प्रत्येक प्राणि बुद्ध हो ।। रचनाकार…अजय जायसवाल…

  • बुद्ध पूर्णिमा : शून्य और करुणा का संगम

    बुद्ध पूर्णिमा, एक ऐसा पावन अवसर है, जो हमें न केवल भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति दिलाता है, बल्कि बौद्ध दर्शन के उन गहन आध्यात्मिक सत्यों से भी जोड़ता है, जो मानव अस्तित्व की जटिलताओं को समझने और परम शांति की ओर बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस वर्ष,…

  • शाश्वत नाम मॉं

    शाश्वत नाम मॉं मुझ अनगढ़ माटी को भी इंसानी रुप दिया करती हो मां,नित प्रति हर पल हम पर कितने उपकार किया करती हो मां ! मेरी हर गलती को आगे बढ़ हंसकर तुम अपना लेती हो,मेरा किया धरा सब होता भरपाई तुम भरती हो मां !! दुखों का पहाड भी टूटे खुद पर तो…

  • राम अवतार शर्मा “राम ” की कविताएं | Ram Avatar Sharma “Ram ‘ s ” Poetry

    ” गौरी नंदन “ मिटा दो मेरे – – – – – – गौरी नंदन, तुम को वंदन ।करता बारम्बार ,मिटा दो मेरे कष्ट अपार ॥ प्रथम पूज्य वंदना तुम्हारी,दर्शन की उत्कंठा भारी ।मन मंदिर में आन विराजो,करना नहीं अबार ।मिटा दो मेरे – – – – – – – ॥ [ 1 ] विघ्न…

  • “माँ का आँचल – प्रेम की छाँव, बलिदान का गीत”

    माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन की पहली गुरु, मार्गदर्शिका और सबसे करीबी मित्र है। उसकी ममता जीवनभर हमें सुरक्षा, सुकून और संस्कार देती है। माँ का आशीर्वाद किसी कवच से कम नहीं, जो हर मुश्किल में हमें संबल देता है। मदर्स डे पर उसे सम्मान देना मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उसके…