• आइल जब से होलिया | Ail Jabse Holiya

    आइल जब से होलिया ( Ail Jabse Holiya )   पीछे पड़ल गँउवाँ-जवार, आईल जब से ई होलिया। लोग माँगेन दिलवा हमार, आईल जब से ई होलिया। (4) कोरी उमरिया बा, कोरी चुनरिया, बस में न बाटे ई हमरी अंचरिया। हमरी अंचरिया हो,हमरी अंचरिया, हमरी अंचरिया हो,हमरी अंचरिया, हर कोई माँगे उधार, आईल जब से…

  • हंसती एक लड़की | Hansti ek Ladki

    हंसती एक लड़की ( Hansti ek Ladki ) ज़ोर से हंसती एक लड़की मानो खटकती है हर पुरुष की आँखों में मानो वो एक ख़तरा पैदा कर देती है हर उस स्त्री के लिये जिसे वो बांध कर आए हैं अपने घर की चारदिवारी में ज़िम्मेदारियों की ज़ंजीरों से। ये हंसी सीधा हमला कर देती…

  • पिता के संग | Pita ke sang

    पिता के संग ( Pita ke sang ) पिता के संग देखे है कई रंग जीवन की आंख मिचोली वक्त के भिन्न रंग दिल में दबे पिता के अरमान आँखों में सजे सपने भूतकाल की जमीं गर्द भविष्य के उजले सवेरे की उम्मीद बांहों में खेलने से लेकर उनके काँधे तक पहुंचने का सफर जिंदगी…

  • ठहराव |Thaharaav

    ठहराव ( Thaharaav )   मुझे तो चलना ही होगा आप चले या ना चलें आपके खातिर मैं रुक नहीं सकता हालांकि आपको छोड़ना भी नहीं चाहता सफर दूर का है फासला बहुत है भरोसा नहीं कल के फजर का मगरिब से पहले पहुंचना है मुकाम तक चलना है मुझे इसी जिद्दी से भरम पालकर…

  • नमो नारायण – गुरु जी | Namo Narayan

    सौम्य से दिखते चेहरों के बीच एक अनकहा दर्द हृदय में छुपाए रिसेप्शन पर आने जाने वालों को मधुर मुस्कानों से सबका स्वागत करती है । पहली बार जब उन्होंने मुझे देखा तो पहचान नहीं होने के कारण अपनी उसी स्टाइल में पूछा – ” आपको किसी से मिलना है क्या? इंक्वारी के लिए आए…

  • आओ चलें, सनातन धर्म की ओर

    आओ चलें, सनातन धर्म की ओर सृष्टि पटल दिव्य चेतना, स्पर्शन परमानंद अपार । स्नेह प्रेम उद्गम स्थल, उरस्थ शोभित सुसंस्कार । मुदित मना मानस मुनियों सा, मंथन चिंतन ज्ञान ध्यान भोर । आओ चलें, सनातन धर्म की ओर ।। यज्ञ पावन मानवता, तन मन धन उपकार । ब्रह्म ऊर्जा सदा शीर्ष, जीवन प्राण आधार…

  • जिंदगी में हर रोज नया होता है | Zindagi Mein

    जिंदगी में हर रोज नया होता है ( Zindagi Mein Har Roz Naya Hota Hai )   कभी कोई हंसता है कभी वह रोता है जिंदगी में हर रोज कुछ नया होता है।। जिंदगी का मेला है आदमी अकेला है एक पल खुशी है एक पल झमेला है जागता है आज जो वही कल सोता…

  • होलिया में होले छेड़खानी | Holiya me Hole

    होलिया में होले छेड़खानी   रगड़ा न गलवा हमार, अबहिन कोरी बा चुनरिया। रगड़ा न गलवा हमार, अबहिन कोरी बा चुनरिया। कोरी बा चुनरिया हो,कोरी बा चुनरिया, कोरी बा चुनरिया हो,कोरी बा चुनरिया, रगड़ा न गलवा हमार, अबहिन कोरी बा चुनरिया। लाले-लाले होंठवा कै हमरी ललइया, बनके भंवरवा न लूटा ई मलइया। न लूटा ई…

  • पाकीज़गी | Pakizagi

    ( पाकीज़गी )  Pakizagi   दर्द को उडेलने से अच्छा है उसे पी लिया जाय जीना है उसी हाल में, तो क्यों न जी लिया जाय कौन अलहदा है, गम की मौजूदगी से यहाँ तो क्यों न उसी को, सफ़ीना मान लिया जाय कोई रहबर नही यहाँ के,इस कतलखाने मे मरना हि तय है ,…

  • सबक | Sabak

    सबक ( Sabak )  आज तकलीफ़ महसूस की कल भूल जाया करते हैं, अच्छे बुरे वक़्त का सबक हम याद ही कहाँ रखते हैं, चंद शहद में लिपटे ज़हर आलूदा जुमले में खो जाते, झूठे ख़्वाब सजाते, हक़ीक़त से कहाँ वास्ता रखते हैं, पल दो पल का साथ भी पूरी ज़िंदगी लगने लगती है, कभी…