• श्री कृष्ण प्रेम | Shri Krishna Prem 

    श्री कृष्ण प्रेम ( Shri Krishna Prem )   श्री कृष्ण प्रेम सुगंधि,श्री मद्भागवत में ********** तीन सौ पैंतीस दिव्य अध्याय, बारह प्रेरणा पुंज स्कंध । अठारह हजार श्लोक अनुपमा, शब्द आभा आनंद बंध । कथा श्रवण परम सुअवसर , सुषुप्त सौभाग्य जगावत में । श्री कृष्ण प्रेम सुगंधि,श्री मद्भागवत में ।। हिंद वांग्मय मुकुटमणि…

  • यह कहानी फिर सही | Phir Sahi

    यह कहानी फिर सही ( Yeh kahani phir sahi )    हमने कब किसको पुकारा यह कहानी फिर सही किसको होगा यह गवारा यह कहानी फिर सही आबरू जायेगी कितनों की तुम्हें मालूम क्या किसने किसका हक़ है मारा यह कहानी फिर सही रिश्तों को मीज़ान पर लाकर के जब रख ही दिया क्या रहा…

  • शौक | Shauk

    शौक ( Shauk )   जले हैं हाथ हमारे चिरागों से आग की लपटों से खेलने का शौक नहीं उठे हैं सवाल नजरों पर भी हमारे जज्बातों से खेलने का हमे शौक नहीं यकीनन होने लगी है दिल से दिल्लगी किसी के ख्वाबों से खेलने का हमें शौक नहीं जहां बिकने लगी हो चाहतें अब…

  • भटक रहा बंजारा सा मन | Bhatak Raha Banjara sa Man

    भटक रहा बंजारा सा मन ( Bhatak raha banjara sa man )   आहत इतना कर डाला है, तन-मन मेरा, गुलाबों ने, कांटों के इस मौसम में हम, क्या फूलों की बात करें। सूरज आग उगलता रहता, विद्रोही हो गईं हवाएं। परछाईं भी साथ छोड़ दे, तो फिर गीत कौन हम गायें। जिसने इतना दर्द…

  • बाबा गाडगे महाराज | Baba Gadge Maharaj

    वे तब तक प्रगति नहीं कर सकते जब तक वह उचित शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उचित स्वच्छता को नहीं अपनाते । ऐसा कहने वाले बाबा गाडगे का जन्म में 23 फरवरी 1876 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के रोज गांव में हुआ था। उनके बचपन का नाम देबू जी ढींगरा जी जानोरकर था। उन्होंने स्कूली शिक्षा…

  • पल-पल बदले रोज जमाना | Pal-Pal Badle Roj Zamana

    पल-पल बदले रोज जमाना ( Pal-pal badle roj zamana )   पल-पल बदले रोज जमाना मौसम बदले जारी बा चाल चलन और खान पान बदले दुनियादारी बा।।1 रिश्ते नाते बदल रहे हैं और बदले ज़िम्मेदारी बा जितना जेकर होई भला, उतना रिश्तेदारों बा ।।2 के पत्नी के वचन निभाए के सतवंती नारी बा सात जनम…

  • समर | Samar

    समर ( Samar )    हर दर्द की दवा नहीं मिलती हर डालियों में फूल नहीं खिलते हर चमन से आती है बहार, मगर हर चमन को माली नहीं मिलते कभी और से तो कभी खुद से भी सफल शुरू करना जरूरी होता है जरूरी है उजाला भी रात के अंधेरे में मगर चांद से…

  • वक्त का दौर | Waqt ka Daur

    वक्त का दौर ( waqt ka daur )    समझौता जरूरी है जिंदगी में अगर वह सामान, संबंध या साथ का हो बहुत कठिन होता है देख पाना अपने स्वाभिमान को ही तिल तिल मरते हुए स्वाभिमान ही अपनी कमाई है वहीं अगर हो जाए मजबूर किसी के हाथों तो बंधक जमीर नहीं आदमी स्वयं…

  • श्रीमद्भागवत कथा | Shrimad Bhagwat Katha

    श्रीमद्भागवत कथा ( Shrimad Bhagwat Katha )  ( 3 )  भागवत कथा आह्लाद, झाझड़ के उत्संग में *********** शेखावाटी अवस्थित झाझड ग्राम, सप्त दिवसीय भागवत कथा आयोजन। श्री मोहिनी सती माता मंदिर ट्रस्ट सौजन्य, सर्व सुख समृद्धि वैभव शांति प्रयोजन । मृदुल स्वर श्री कमल नयन जी महाराज, भक्त वत्सल प्रभा जनमानस तरंग में। भागवत…

  • गर दो इजाजत | Gar do Ijazat

    गर दो इजाजत ( Gar do Ijazat )   गर दो इजाजत तुम पर मर जाऊं, शब्द बनके स्याही में उतर जाऊं ! गुनगुना सको जिसको महफ़िल में, ऐसी कविता बन के मैं संवर जाऊं ! मेरा मुझ में कुछ भी ना रहे बाकी, कतरा-कतरा तुझ में बिखर जाऊं ! दिल-ऐ-समंदर में डूबकर फिर मैं,…