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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Sheh aur Maat
    कविताएँ

    शह और मात | Sheh aur Maat

    ByAdmin February 17, 2024

    शह और मात ( Sheh aur maat )    चाहत को रखो झील की तरह मंथर गति से हि इसे बहने दो लहरों का वेग तो बस धोख़ा है कदमों को जमीं पर ही रहने दो नजारे हि देते हैं दिखाई परिंदों को बसेरा मगर वहाँ कहीं नहीं मिलता लौटकर आना होता है उन्हे वहीं…

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  • Aakhir Mein
    कविताएँ

    आखिर में | Aakhir Mein

    ByAdmin February 17, 2024

    आखिर में ( Aakhir Mein )    आज के इस विकास शील माहौल में घर का मुखिया होना गुनाह नहीं है किंतु , परिवार के भविष्य के लिए स्वयं के भविष्य को भुला देना ही सबसे बड़ा गुनाह है बेशक, परिवार आपका है जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व आपकी है धर्म कर्म सभी परिवार के लिए जरूरी…

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  • हे शिव तनया ! मातु नर्मदे
    कविताएँ

    हे शिव तनया ! मातु नर्मदे

    ByAdmin February 17, 2024February 18, 2024

    हे शिव तनया ! मातु नर्मदे ( नर्मदा जयंती – गीतिका )   हे शिव तनया ! मातु नर्मदे ! नमन तुम्हें हर बार । हमें प्यार से दुलराने तुम, खुद चल आईं द्वार !! सदा सदा आशीष दिया है, तुमने सब पुत्रों को सुख समृद्धि और सौभाग्यों के देकर उपहार !! दे अपने वरदान…

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  • Surya Namaskar
    कविताएँ

    सूर्य नमस्कार | Surya Namaskar

    ByAdmin February 17, 2024

    सूर्य नमस्कार ( Surya Namaskar )   आरोग्य अनुपमा, सूर्य नमस्कार से ******** सुख समृद्ध जीवन पथ, स्वस्थ तन मन अति महत्ता । उत्तम पावन विचार उद्गम, दिव्य स्पंदन परम सत्ता । अद्भुत ओज बिंब सूर्य देव, मूल विमुक्ति सघन अंधकार से । आरोग्य अनुपमा, सूर्य नमस्कार से ।। द्वादश सहज आसन चरण, अंतर्निहित अनूप…

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  • Basant ke Bahar Mein
    कविताएँ

    बसंत के बहार में | Basant ke Bahar Mein

    ByAdmin February 16, 2024

    बसंत के बहार में ( Basant ke bahar mein )   हवा चली पत्तियां चलीं पेड़ भी थिरकने लगें प्रकृति मदहोश थी बसंत के बहार में प्यार का प्रथम बार अंकुरण जब हो रहा था कण-कण धड़क रहे थे प्यार के इजहार में हर्ष था उल्लास था प्रेम और विश्वास था धड़कनों में चाह थी…

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  • संजीवनी संस्था द्वारा स्व. मुरली मनोहर बासोतिया को याद किया गया
    साहित्यिक गतिविधि

    संजीवनी संस्था द्वारा स्व. मुरली मनोहर बासोतिया को याद किया गया

    ByAdmin February 16, 2024

    सामाजिक साहित्यिक संस्था संजीवनी द्वारा जांगिड अस्पताल परिसर में नवलगढ़ के साहित्यकार हास्य कवि लेखक संपादक व खिलाड़ी स्व. मुरली मनोहर बासोतिया को उनके जन्मदिन पर याद किया गया। इस अवसर पर कवि गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजीवनी के अध्यक्ष वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ दयाशंकर जांगिड ने की तथा मुख्य अतिथि…

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  • Ram ke aadarsh
    विवेचना

    आओ राम के आदर्शो को अब आचरण में उतारें!

    ByAdmin February 15, 2024

    करीब सात सौ साल गुलामी के बाद हमारा देश 15 अगस्त,1947 ईसवी को आजाद हुआ तब से अयोध्या का बहुप्रतिक्षित राममंदिर प्रधान मंत्री के शुभ हाथों रामलला का प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होने के बाद अपनी समरसता की ओर अग्रसर हो चुका है यह देश-दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। जैसा कि सभी को मालूम…

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  • Pari Aasman ki
    ग़ज़ल

    परी आसमान की | Pari Aasman ki

    ByAdmin February 15, 2024February 15, 2024

    परी आसमान की ( Pari aasman ki )    जब बात चल रही थी वहाँ आन-बान की लोगों ने दी मिसाल मेरे खानदान की मैं हूँ ज़मीन का वो परी आसमान की कैसे मिटेगी दूरी भला दर्मियान की देखूं मैं उसके नखरे या माँ बाप की तरफ़ सर पर खड़ी हुई है बला इम्तिहान की…

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  • मां शारदे
    कविताएँ

    मां शारदे | Maa Sharde

    ByAdmin February 15, 2024February 3, 2025

    मां शारदे ( Maa Sharde )  ( 3 ) हो ज्ञान का भंडार माँ,यह लेखनी चलती रहे। शुभदा सृजन उपवन खिले,नित ज्योति बन जलती रहे।। कर्तव्य का पथ हो विमल,हर स्वप्न भी साकार हो। पावन रहे ये गंग सी,हर शब्द में रसधार हो।। हो भावना कल्याण की, बस प्रेम का गुंजार हो। रस छंद जीवन…

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  • Mithaas
    कविताएँ

    मिठास | Mithaas

    ByAdmin February 15, 2024

    मिठास ( Mithaas )    लग जाती है अगर दिल को कही किसी की बात तुम्हें तो लगती होगी तुम्हारी भी कही क्या कभी सोच हो तुमने इस बात को भी बातों का असर कभी एक पर ही नहीं पड़ता यह चीर हि देती है हृदय जिस किसी के लिए भी कहीं जाए चाहते हो…

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