मैं | Main
मैं ( Main ) टूटे हुए दिल की दास्तान हूं मैं उजड़े हुए चमन का बागबान हूं मैं खिले तो फुल मगर , सब बिखर गए खड़ा पतझड़ सा ,नादान रह गया हूं मैं चले तो थे सांस मिलकर कई लोग रह गया तन्हा छूटा हुआ कारवां हूं मैं बट गई मंजिले भी उनकी…
मैं ( Main ) टूटे हुए दिल की दास्तान हूं मैं उजड़े हुए चमन का बागबान हूं मैं खिले तो फुल मगर , सब बिखर गए खड़ा पतझड़ सा ,नादान रह गया हूं मैं चले तो थे सांस मिलकर कई लोग रह गया तन्हा छूटा हुआ कारवां हूं मैं बट गई मंजिले भी उनकी…
शेखावाटी उत्सव ( Shekhawati Utsav ) सांस्कृतिक अनुपमा,शेखावाटी उत्सव में वीर भूमि शेखावाटी उत्संग, अति शोभित नवलगढ़ नगरी । ठाकुर नवलसिंह संस्थापक, उपमा धन धान्य वैभव गगरी । मोहक रोहक पुरात्तन दीर्घा, आकर्षक हवेलियां घनत्व में । सांस्कृतिक अनुपमा,शेखावाटी उत्सव में ।। अद्भुत भित्ति चित्र स्वर्ण शहर, मारवाड़ी समुदाय अवतरण स्थली । छियालीस ग्राम…
हे मां सरस्वती ( Hey Maa Saraswati ) मां सरस्वती कहती स्वर से स्वर मिलता है, वाणी का सुर आज नहीं तो,कल मिलता है। मां सरस्वती कहती विचलित न होना सवाल से, काफी अड़चन आती है आगे उसका हल मिलता है। वाणी का सुर आज नहीं तो कल मिलता है। मां सरस्वती कहती दिल…
रीत दुनिया की ( Reet Duniya ki ) बह्र का नाम: बहरे हज़ज मुसम्मन सालिम अरकान: मुफाईलुन मुफाईलुन मुफाईलुन मुफाईलुन मात्राएँ: 1222 1222 1222 1222 मिला जो इक दफा वो हर दफा मिलता नहीं यारों, टूटा जो फूल डाली से कभी खिलता नहीं यारों ! लगा चाहे ले जितना ज़ोर लेकिन सच यही…
विरह वेदना ( Virah Vedna ) सोहत सुघर शरीर नीर अखियन से बहे आतुर अधर अधीर पीर विरहन के कहे। चित में है चित चोर शोर मन में है भारी सालत शकल शरीर तीर काम जब मारी । शीतल सुखद समीर शरीर तपन जस जारे दाहत प्रेम की पीर हीर बिन कौन उबारे। मन…
क्या कभी आप ने देखा है, या महसूस किया है, कभी समझने की कोशिश की है, कि जब एक बहुत ही नाजुक व नन्हे पौधे को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है, वो भी जड़ से उखाड़ कर, उसे दूसरी माटी में बोया जाता है, एक वातावरण से वह नन्हा सा…
तेरी दोस्ती ( Teri Dosti ) तेरी दोस्ती से, गुलजार जिंदगी मेरी पाकर तुम्हारा साथ, जीवन सम प्रसून खिला । बोझिल सी राहों पर, आनंद भरा शकून मिला । जले नव आशा दीप , दूर सारी नैराश्य अंधेरी । तेरी दोस्ती से,गुलजार जिंदगी मेरी ।। मेरा जीवन तो जैसे, तपता रेगिस्तान था । कदम कदम…
चलो कुछ मीठा हो जाए ( Chalo kuch meetha ho jaye ) चलो कुछ मीठा हो जाए, प्यार के गीत हम गाए। अधर रसधार बरसाए, तराने मनभावन लाएं। चलो कुछ मीठा हो जाए मोती प्यार भरे लेकर, सजाएं दिलों की महफिल। खुशियां आपस में बांटे, जोड़े हम दिलों से दिल। बैठ कर दो घड़ी…
अमराई बौराई पीपल के पात झरे पलाश गये फूल। अब भी न आये वे क्या गये हैं भूल। गेंदे की कली कली आतप से झुलसी, पानी नित मांग रही आंगन की तुलसी, अमराई बौराई फली लगी बबूल। पीपल के पात झरे पलाश रहे फूल। काटे नहीं रात कटे गिन गिन कर तारे, कोयलिया कूक…