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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • दोस्ती ( सखा ) प्रेम
    विवेचना

    दोस्ती ( सखा ) प्रेम

    ByAdmin January 4, 2024January 4, 2024

    अक्सर जब दोस्ती की बात आती है तो हम जय वीरू,कृष्ण और सुदामा का नाम लेते हैं। दोनों के काल अलग हैं और दोस्ती के रिश्ते में अंतर भी है। परंतु दोस्ती क्या केवल एक लड़के & लड़के या लड़की & लड़की से ही हो सकती है। मेरा व्यक्तिगत विचार है ऐसा नहीं है। हालांकि…

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  • Wah Pyar Kahan se Laoon
    कविताएँ

    वह प्यार कहां से लाऊं | Wah Pyar Kahan se Laoon

    ByAdmin January 4, 2024

    वह प्यार कहां से लाऊं ( Wah pyar kahan se laoon )   जो प्यारा तुमको भी हो, वह प्यार कहाॅ से लाऊॅ? तुमको अपना कहने का अधिकार कहाॅ से लाऊॅ? तुम मुझसे रूठ गये हो, मैं कैसे तुम्हें मनाऊॅ? वह राह तुम्हीं बतला दो, मैं पास तुम्हारे आऊॅ। वह मंदिर कौन तुम्हारा, जिसमें निवास…

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  • बदले की आग | Badle ki Aag
    कविताएँ

    बदले की आग | Badle ki Aag

    ByAdmin January 4, 2024

    बदले की आग ( Badle ki aag )   बदले की आग बना देती है अंधा और को जलाने की खातिर हृदय में धधकती ज्वाला स्वयं के अस्तित्व को भी बदल देती है राख में वक्त पर क्रोधित होना भी जरूरी है किंतु समाधान के रास्ते भी कभी बंद नहीं होते विकल्प ढूंढना जरूरी है…

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  • हत्यारी ठण्ड | Hatyari Thand
    कविताएँ

    हत्यारी ठण्ड | Hatyari Thand

    ByAdmin January 4, 2024January 4, 2024

    हत्यारी ठण्ड ( Hatyari thand )   दिसम्बर की वो सबसे अधिक, सर्द ओर कोहरे भरी रात थी हर चेहरे के मध्य , सन्नाटा था स्टेशन पर, कोहरे ओर सन्नाटे के मध्य, उस काली मोटी भिखारन ने, खाली चाय के खोखे में, चिथड़े को बिछाया, गठरी बने बच्चे को लिटाया, कुछ ही घण्टो में, शीतलहर…

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  • Savitri Bai Phule Jayanti
    कविताएँ

    सावित्री बाई फुले जयंती | Savitri Bai Phule Jayanti

    ByAdmin January 3, 2024January 4, 2024

    सावित्री बाई फुले जयंती ( Savitri Bai Phule Jayanti ) ( 2 ) शिक्षा की ज्योति अनुपम क्रांतिकारी चिंगारी थी। संघर्षों में पली सावित्री विदुषी भारत की नारी थी। देश की पहली महिला टीचर संघर्षों की कहानी है। काव्य जगत सरनाम कवयित्री जानी पहचानी है। नारी होकर नारी शिक्षा की ऐसी अलख जगाई थी। दलित…

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  • savitribai phule ki jayanti manai
    साहित्यिक गतिविधि

    सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई

    ByAdmin January 3, 2024

    डॉ भीमराव अंबेडकर चैरिटेबल ट्रस्ट नवलगढ़ के तत्वाधान में आज दिनांक 3 जनवरी 2024 को बाल्मीकि बस्ती स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामदेवरा नवलगढ़ में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका का जन्मदिन मनाया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ,विशिष्ट अतिथि नगर पालिका उपाध्यक्ष कैलाश चोटिया, शिक्षाविद दीपचंद…

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  • शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में नववर्ष पर कवि गोष्ठी
    साहित्यिक गतिविधि

    शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में नववर्ष पर कवि गोष्ठी

    ByAdmin January 3, 2024

    नवलगढ़। शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था झुंझुनूं शाखा के तत्वावधान में जांगिड अस्पताल परिसर में नववर्ष पर कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ दयाशंकर जांगिड ने की। मुख्य अतिथि समाजसेवी नगरपालिका उपाध्यक्ष कैलाश चोटिया तथा विशिष्ट अतिथि प्रांतपाल जगदीश प्रसाद जांगिड, श्रीकांत पारीक श्री राजस्थानी, शिक्षाविद् दीपचंद पंवार थे। सज्जन जोशी ने…

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  • Hindu so Raha Hai
    कविताएँ

    हिन्दू सो रहा है | Hindu so Raha Hai

    ByAdmin January 3, 2024

    हिन्दू सो रहा है ( Hindu so raha hai )    करो तुम शान्ति से प्रतिकार,हिन्दू सो रहा है। भुला करके सभी इतिहास, हिन्दू सो रहा है। अपने धरम को बाँध कर,अपनी शिखा को काट कर, मर्यादा सारे त्याग कर…. हिन्दू सो रहा है… हिन्दू सो रहा है…. हिन्दू सो रहा है.. करो तुम शान्ति…

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  • Khwabon Mein
    शेरो-शायरी

    ख़्वाबों में आया करो | Khwabon Mein

    ByAdmin January 3, 2024

    ख़्वाबों में आया करो ( Khwabon mein )    रात बीते तू ख्वाबों में आया करो, आके देखो सनम फिर न जाया करो। रुत जवानी की टिकती नहीं ये कहीं, नित्य जलवा तू आके दिखाया करो। आशिकी की परत बूढ़ी होती नहीं, अनछुआ वो बदन न छुआया करो। आग उंगली के पोरों तक सुलगे नहीं,…

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  • नया साल आया | Naya Saal Aaya
    कविताएँ

    नया साल आया | Naya Saal Aaya

    ByAdmin January 3, 2024

    नया साल आया ( Naya Saal Aaya )    मुहब्बत लुटाने नया साल आया सभी ग़म भुलाने नया साल आया।। ग़लत – फ़हमियां जो कभी हो गयीं थीं उन्हें अब मिटाने नया साल आया।। मुहब्बत के लम्हे जो रूठे हुए हैं उन्हें फिर मनाने नया साल आया।। नयी मंज़िलों का हमें जो पता दे वो…

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