• वृंदावन | Vrindavan

    वृंदावन ( Vrindavan )   मुरली मनोहर बजाई बृंदावन में धूम मचाई राधे कृष्णा की जोड़ी बृज को प्रेम गाथा बतलाई ।। गोकुल ग्वाला कान्हा मेरा राधे बरसाने की छोरी रे नंद के आनंद भयो था बृषभान की किशोरी थी ।। एक दूजे से प्रेम था जिनको दया,करुणा कृपा सब बतलाई! न पाना ,न खोना…

  • चूल्हे की रोटी | Chulhe ki Roti

    चूल्हे की रोटी ( Chulhe ki roti )   गर्मा गर्म चूल्हे की रोटी होती गोल मटोल शानदार। तरोताजा तवे की रोटी हमें लगती बहुत जानदार। चिकनी चिकनी चुपड़ी चुपड़ी स्वाद से है भरी पूरी। खाने वाले खाते ही जाए हल्की हो जाए हलवा पूरी। चूल्हे की रोटी मन को भाए घर वाले खुशी से…

  • खोखले शब्द | Khokhale Shabd

    खोखले शब्द ( Khokhale shabd )   शब्द कोष मे ऐसे शब्द हैं ही नहीं की जो भूख से ऐंठती अंतड़ियों के दर्द भूख से रोते बिलखते बच्चों की याचना भरी दृष्टि खाली पड़े बर्तनों की खन खनाहट को शब्दों में व्यक्त कर सकें वो शब्द ही नही बने जो ऐसी स्थिति में मां को…

  • सुहाना सपना | Suhana Sapna

    सुहाना सपना ( Suhana sapna )    मेरा बॉस मुझे घर छोड़ने आया, उसने था मेरा ब्रीफकेस उठाया। सब्जी का थैला बीवी को थमाया, सैलरी का चेक भी उसको बताया। बीवी ने झट मुझे कुर्सी पे बिठाया, फ्रिज से ठंडा पानी ला के पिलाया। प्यार से मेरे माथे को था सहलाया, हाथों से मेरे पैरों…

  • अमेरिका | America

    अमेरिका ( America )   दुनिया की गहराई रोज नापता है अमेरिका, दूसरों की सीमा में भी झाँकता है अमेरिका। कहता है हवाओं से मेरे मुताबिक तुम चलो, दूसरों के ताबूत में कील ठोंकता है अमेरिका। पूरी कायनात में है वो झगड़ा की जड़, खुद को साफ -पाक बताता है अमेरिका। हर रितु में टेस्ट…

  • लोकप्रिय कवि गणपत लाल उदय की पुस्तक का हुआ प्रकाशन

    कलम चलाओ ऐसी कि यादगार बन जाएं‌। और कर्म करो ऐसा कि पहचान बन जाएं।। आप सभी का अपना प्रिय सैनिक कवि लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक- गणपत लाल उदय, अजमेर राजस्थान आप सभी के प्यार एवम आशीर्वाद से अपने लक्ष्य की और बढ़ते हुए अपनी तीसरी एकल पुस्तक “देश भक्त है हम भारत…

  • लक्ष्य तक | Lakshya Tak

    लक्ष्य तक ( Lakshya tak )   मजबूत इरादों की मंजिल से ही पहुंचा जा सकता है मुकाम तक सोच की मुट्ठी मे भरी बालू तो फिसलकर गिर ही जाती है बेशक ,चमकती है बालू बहुत मगर उसमे मोती कहीं नहीं होते तपती हुई रेत के सिवा सागर की गहराई खंगालनी ही पड़ती है वीरों…

  • मज़लूम हूँ मैं | Mazloom Shayari

    मज़लूम हूँ मैं ( Mazloom hoon main )   मुझे ऐ ख़ुदा जालिमों से बचा लें कोई फ़ैसला जल्द ही अब ख़ुदा लें कभी बददुआ कुछ बिगाड़ेगी न तेरा हमेशा ही माँ बाप की बस दुआ लें फंसा देगा कोई झूठे केस में ही यहाँ राज़ दिल के सभी से छुपा लें किसी से न…

  • चूड़ियों की खनक | Chudiyon ki Khanak

    चूड़ियों की खनक ( Chudiyon ki khanak )   चूड़ियों की खनक में,नारीत्व की परिभाषा दिव्य सनातन धर्म संस्कृति, कंगन कर कमल अलंकरण । परम प्रतिष्ठा दांपत्य शोभा, सरित प्रवाह माधुर्य अंतःकरण । हर धर्म पंथ समाज क्षेत्र, महिला शक्ति अनूप अभिलाषा । चूड़ियों की खनक में,नारीत्व की परिभाषा ।। विविध वर्णी अनुपमता, आकृति मोहक…

  • बटन | Button

    बटन ( Button )   बटन ही तो दबा है मतदाता के कर कमलों से। लोकतंत्र भाग्य विधाता आमजन हुआ पलों में। बदल रहा है तकदीर कहीं फूल कमल का खिलता। कहीं हाथ होता मजबूत विजय रथ शान से चलता। बटन ने बांध रखी है मर्यादा की हर लक्ष्मण रेखा। बटन हुआ बेजोड़ तंत्र का…