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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Uth Jaago mere Bhagwan
    कविताएँ

    उठ जागो मेरे भगवान | Uth Jaago mere Bhagwan

    ByAdmin November 28, 2023

    उठ जागो मेरे भगवान ( Uth jaago mere bhagwan )   उठ जागो…उठ जागो…उठ जागो, उठ जागो मेरे भगवान, उठ जागो। तेरे द्वार खड़ा मैं इंसान, उठ जागो, मेरे निकल ना जाएं प्राण, उठ जागो। मेरी जान में आ जाएं जान, उठ जागो, उठ जागो मेरे भगवान…।।1।। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में, देवशयनी पावन…

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  • Bharat ka Danka
    कविताएँ

    भारत का डंका | Bharat ka Danka

    ByAdmin November 28, 2023

    भारत का डंका ( Bharat ka danka )   भारत का डंका बजता था, विश्व गुरु कहलाता था। मेरा देश स्वर्ण चिड़िया, कीर्ति पताका लहराता था। ज्ञान विज्ञान धर्म आस्था, नीति नियम योग आचार। मानवता प्रेम समर्पण, जन-जन भरा था सदाचार। कला कौशल वीरता भरी, स्वाभिमान सिरमौर रहा। संत सुरों की पावन भूमि, ज्ञान भक्ति…

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  • Dard-e-Ishq
    शेरो-शायरी

    दर्द-ए-इश्क़ | Dard-e-Ishq

    ByAdmin November 28, 2023November 28, 2023

    दर्द-ए-इश्क़ ( Dard-e-Ishq )    कोई मेरा अपना बेगाना हो गया, पल में मेरा प्यार फसाना हो गया, करता था मैं भी मोहब्बत की बातें अब उन बातों को जमाना हो गया! तुमसे दूर रहना कातिलाना हो गया, गुम हुए होश दिल दीवाना हो गया। हँसा देता हूँ लोगों को एक पल में, मुझे मुस्कुराए…

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  • खून सस्ता पानी महंगा | Khoon Sasta Pani Mehnga
    कविताएँ

    खून सस्ता पानी महंगा | Khoon Sasta Pani Mehnga

    ByAdmin November 28, 2023

    खून सस्ता पानी महंगा ( Khoon sasta pani mehnga )    प्यासे को पानी भोजन देना हमें सिखाया जाता था। मोड़ मोड़ पे प्याऊ लगवा के नीर पिलाया जाता था। महंगाई ने पांव पसारे अब पनघट भी कहीं खो गया। बोतलों में बिकता नीर खून से पानी महंगा हो गया। ईर्ष्या द्वेष बैर भर ज्वाला…

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  • Kartik Purnima Snan
    कविताएँ

    कार्तिक पूर्णिमा स्नान | Kartik Purnima Snan

    ByAdmin November 27, 2023November 27, 2023

    कार्तिक पूर्णिमा स्नान ( Kartik Purnima Snan )   नौ ग्रह कृपा वृष्टि, कार्तिक पूर्णिमा स्नान से सनातनी संस्कृति कार्तिक मास, अद्भुत अनुपम व विशेष । पूर्णत्व सुफलन साधना पथ, धर्म आस्था दर्शन अधिशेष । जीवन सुमंगल आनंदमय, जप तप दान व ध्यान से । नौ ग्रह कृपा वृष्टि, कार्तिक पूर्णिमा स्नान से ।। शैव…

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  • पढ़ाई पर खर्च किया हुआ पैसा सही है या गलत?
    विवेचना

    पढ़ाई पर खर्च किया हुआ पैसा सही है या गलत?

    ByAdmin November 27, 2023November 27, 2023

    कुछ महीनों पहले मेरे एक क्लाइंट मेरे ऑफिस पर आए। थोड़े नाराज़ लग रहे थे और गुस्से में भी थे। मैंने उनकी नाराज़गी का कारण पूछा तो पता चला कि उनके बेटे ने प्रिंटिंग एंड मीडिया का कोई कोर्स लिया है। जिसकी सालाना फीस तकरीबन आठ लाख है। उन्हें दुःख इस बात का हो रहा…

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  • वह अकेला | Vah akela
    कविताएँ

    वह अकेला | Vah akela

    ByAdmin November 27, 2023

    वह अकेला ( Vah akela )   किसी को गम है अकेलेपन का कोइ भीड़ मे भी है अकेला कोई चला था भीड़ ले साथ मे रह गया बुढ़ापे मे भी अकेला रहे सब साथ उसके पर ,रहा न कोई साथ उसके रहकर भी साथ सबके रह गया वह अकेला उम्र घटती रही ,सफर कटता…

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  • yogesh
    कविताएँ

    मर्द का दर्द | Mard ka Dard

    ByAdmin November 27, 2023

    मर्द का दर्द ( Mard ka dard )    थाली बजी, खुशियां मनाई, लड़के होने पर सबने बधाईयां बांटी, बलाइया ली, काला टीका लगाया, परिवार का वंश देने पर सबने मां को गले लगाया, धीरे-धीरे वक्त बीता, राजकुमार की तरह मैं रहा जीता, यौवन के पड़ाव पर खुद से जब रूबरू हुआ, एक राजकुमार से…

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  • 2 Line Ghazal in Hindi | देख चुका हूँ
    ग़ज़ल

    2 Line Ghazal in Hindi | देख चुका हूँ

    ByAdmin November 27, 2023

    देख चुका हूँ ( Dekh chuka hoon )   ख्वाबों से हकीकत का सफर देख चुका हूँ I अब वक़्त का बेवक़्त कहर देख चुका हूँ II सब आब की किस्मत में कहाँ होता समंदर I दम तोड़ती दरिया ,वो नहर देख चुका हूँII आब-ए-हयात दौर में विष का ये समंदर I अँधा वकील-ए-गूंग नगर…

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  • छत्तीसगढ़िया किसान | Chhattisgarhia Kisan
    कविताएँ

    छत्तीसगढ़िया किसान | Chhattisgarhia Kisan

    ByAdmin November 26, 2023

    छत्तीसगढ़िया किसान ( Chhattisgarhia kisan )   छत्तीसगढ़िया बेटा हरव मे छत्तीसगढ़ मोर महतारी, धरती दाई के सेवा करथव किसानी मोर रोजगारी। धन्हा खेत अऊ अरई तुतारी मोर हावय चिन्हारी, नागर बईला अऊ खेत खार मोर हावय संगवारी। माटी ले सोना उपजाथव भईया मे हा खेतिहर किसान, मे गहूं उपजाथव तब सबला मिलते रोटी बर…

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