Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • घर का पूत कुंवारा डौलै | मारवाड़ी रचना
    कविताएँ

    घर का पूत कुंवारा डौलै | मारवाड़ी रचना

    ByAdmin October 3, 2023

    घर का पूत कुंवारा डौलै   घर का पूत कुंवारा डौलै, करै पाड़ोस्यां क फैरा। नैणं मूंद अर आंधा होग्या, घर का बड़ा बडेरा। फिरै कुंवारों च्यारूं चौखटां, टाबर हुयो जवान। कठै बिंदणी कद मिल ज्यासी, लागै कोई तान। बण ठण निकलै बीच बजारां, फैशन नित लगाकै। घणों पसीनो खून बहावै, छोरो ल्यावै घणों कमाकै।…

    Read More घर का पूत कुंवारा डौलै | मारवाड़ी रचनाContinue

  • आपकी सोच ही | Aapki Soch
    कविताएँ

    आपकी सोच ही | Aapki Soch

    ByAdmin October 3, 2023

    आपकी सोच ही ( Aapki soch hi )    धाराओं मे बंटते रह जाने से नाम मे कमी हो या न हो महत्व घटे या न घटे,किंतु प्रवाह के वेग मे कमी आ ही जाती है… अटल सत्य को काट नही सकते थोथे चने मे आवाज घनी हो भले किंतु,सामूहिक और व्यक्तिगत दोनो मे समानता…

    Read More आपकी सोच ही | Aapki SochContinue

  • महात्मा , बापू, राष्ट्रपिता या फिर : महात्मा गांधी
    विवेचना

    महात्मा , बापू, राष्ट्रपिता या फिर : महात्मा गांधी

    ByAdmin October 2, 2023

    कहते हैं महान लोगों से भी कभी कभी गलतियां भी महान हीं हुआ करती हैं। ऐसे ही महान गलतियों का दंस देश आज भी भुगत रहा है। ऐसे ही महान गलतियों के पर्याय थे -राष्ट्रपिता महात्मा गांधी। महात्मा गांधी जी के योगदान को कभी यह देश भुला नहीं सकता परंतु उन्होंने कुछ ऐसी राष्ट्रीय निर्णय…

    Read More महात्मा , बापू, राष्ट्रपिता या फिर : महात्मा गांधीContinue

  • गांधी जयंती | शास्त्री जयंती
    कविताएँ

    गांधी जयंती | शास्त्री जयंती

    ByAdmin October 2, 2023October 2, 2023

    गांधी जयंती/शास्त्री जयंती ( Gandhi Jayanti | Shastri Jayanti )   द्वि विभूति एक्य जयंती, हिंद धरा अति आह्लाद दो अक्टूबर अद्भुत अनुपम, द्वि महापुरुष अवतरण दिवस । प्रथम अहिंसा परम पुजारी, द्वितीय सादगी उपमा पियस । कोटि कोटि अनंत नमन , आत्मसात दोऊ उपदेश प्रसाद । द्वि विभूति एक्य जयंती, हिंद धरा अति आह्लाद…

    Read More गांधी जयंती | शास्त्री जयंतीContinue

  • पथ पर आगे बढ़ना होगा | Path par Aage Badhna Hoga
    कविताएँ

    पथ पर आगे बढ़ना होगा | Path par Aage Badhna Hoga

    ByAdmin October 2, 2023October 2, 2023

    पथ पर आगे बढ़ना होगा ( Path par aage badhna hoga )    चलें  आंधियां  चाहे जितना   धुसित  कर  दे सभी दिशाएं      पिघल  चले अंगारे पथ  पर         उठे  ज्वालाएं  धू-धू नभ  में             फिर भी हमको चलना होगा,               पथ  पर  आगे  बढ़ना होगा।   हंस हंस कर भी रोकर भी…

    Read More पथ पर आगे बढ़ना होगा | Path par Aage Badhna HogaContinue

  • पहचान | Pehchan
    कविताएँ

    पहचान | Pehchan

    ByAdmin October 2, 2023

    पहचान ( Pehchan )  भीड़ मे शामिल जरूर हों वह कार्य विशेष की एकता का प्रतीक है किंतु ,आप भीड़ का नही अपने उद्देश्य का हिस्सा बनें… ऊंचाई पताका उठाने से नही मिलती पताका योग्य होना ही आपको आत्मविश्वासी बनाता है और ,आज नही तो कल यही आज की भीड़ कल आपके हिस्से की भीड़…

    Read More पहचान | PehchanContinue

  • आखिर क्यों | Aakhir Kyon
    कविताएँ

    आखिर क्यों | Aakhir Kyon

    ByAdmin October 2, 2023

    आखिर क्यों ( Aakhir Kyon )    युगों से उठ रही थी आँधियाँ न जाने क्यूं ओले बरसै क्यूं तूफानों ने किया रुख मुझ पर, क्यूं, आखिर क्यों ? क्या ईश्वर को था मंजूर जो ले बैठा परीक्षा मेरी मैंने तो अपने मन-वचन से किया था सब वरण फिर मेरी साधना पर, प्रश्न चिन्ह आखिर…

    Read More आखिर क्यों | Aakhir KyonContinue

  • सादगी के प्रतिमूर्ति : लाल बहादुर शास्त्री
    विवेचना

    सादगी के प्रतिमूर्ति : लाल बहादुर शास्त्री

    ByAdmin October 2, 2023

    सादा जीवन -उच्च विचार का नारा तो बहुतों ने दिया परंतु यदि किसी के जीवन में प्रत्यक्ष दर्शन करना चाहते हैं तो वे महान आत्मा थे लाल बहादुर शास्त्री जी । प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पदों पर पहुंचने के बाद भी उनकी सादगी वैसे ही रहीं जैसे बचपन में थी । उन्होंने जो कहा उसे सर्वप्रथम…

    Read More सादगी के प्रतिमूर्ति : लाल बहादुर शास्त्रीContinue

  • Hey Pitratma
    कविताएँ

    हे पित्रात्मा आप परमात्मा | Hey Pitratma

    ByAdmin October 2, 2023

    हे पित्रात्मा आप परमात्मा ( Hey pitratma aap parmatma )    जन्म- मरण और मानव बन्धनों से, छुटकारा पाकर के मोक्ष पा लिया। मोह- माया तिनको का आशियाना, छोड़कर परमधाम जो पहुँच गया।। आज फिर से याद आ गऐ मुझको, बचपन के वह खिल-खिलाते दिन। जब बैठा करता था मैं माॅं-पिताजी, आपके कंधों पर हर…

    Read More हे पित्रात्मा आप परमात्मा | Hey PitratmaContinue

  • श्रद्धा से श्राद्ध तक | Shraddha se Shraddha tak
    कविताएँ

    श्रद्धा से श्राद्ध तक | Shraddha se Shraddha tak

    ByAdmin October 2, 2023October 2, 2023

    श्रद्धा से श्राद्ध तक ( Shraddha se shraddha tak )   श्रद्धा से श्राद्ध तक, अपनत्व का सरित प्रवाह भाद्रपद आश्विन दिव्यता , परम सनातनी इतिहास । पुनीत पावन हिय तरंगिनी, सर्वत्र अलौकिक उजास । पूर्वज नेह अनुबंध काल, सृष्टि रज रज भाव गवाह । श्रद्धा से श्राद्ध तक, अपनत्व का सरित प्रवाह ।। भाव…

    Read More श्रद्धा से श्राद्ध तक | Shraddha se Shraddha takContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 361 362 363 364 365 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search